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दिल्ली क्राइम ब्रांच को झटका: लाल किला हिंसा के आरोपी लक्‍खा ​की गिरफ्तारी पर 20 जुलाई तक रोक

नई दिल्ली (रफतार न्यूज ब्यूरो)ः गैंगस्टर से सामाजिक कार्यकर्ता बने लक्खा सिधाना (Lakkha Sidhana) की गिरफ्तारी पर तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) ने 20 जुलाई तक के लिए रोक लगा दी है. यानी फिलहाल उसकी गिरफ्तारी संभव नहीं है. पिछले काफी समय से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए तलाश कर रही है, लेकिन उसके द्वारा दो दिन पहले ही दिल्ली स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचकर पूछताछ में शामिल होने की वजह से कोर्ट ने भी थोड़ी सी राहत देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर 20 जुलाई तक रोक लगा दी है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी लख्खा की तरफ से बताया गया कि वो दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की तफ्तीश के दौरान हर संभव मदद कर रहा है.

किसान आंदोलन लगातार चल रहा है. किसान आंदोलन के शुरुआती वक्त के दौरान किसानों को भड़काने और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर हुए हिंसा के मामले में सिधाना पर साजिश रचने का आरोप है. तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायधीश नीलोफर आबिदा परवीन ने यह रोक सिधाना कि अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई है.

लाल किले पर हिंसा भड़कने के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch, Delhi police) ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज (FIR ) की थी. उस समय से ही सिधाना फरार चल रहा था. पुलिस ने उसकी सूचना देने वाले को एक लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था. तीन दिन पहले अचानक वो अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारा में नजर आया, उसके बाद दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पूछताछ की प्रक्रिया में हिस्सा लेने पहुंच जाता है.

सिधाना ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए तीस हजारी कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. मालूम हो कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को ‘ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस से झड़प हो गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. प्रदर्शनकारी लाल किले में घुसे गए थे और उसके गुंबदों पर धार्मिक ध्वज फहरा दिया था. सिधाना के तरफ से वरीय अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने अदालत से कहा कि इस घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं है. सिधाना ने गणतंत्र दिवस हिंसा में अपनी संलिप्तता से इनकार किया था. पंजाब में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और वह कई बार जेल भी गया है. सिधाना ने 2012 में राज्य विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था. पुलिस ने कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था. साथ ही उसने ऐतिहासिक संपत्ति संबंधी कानून की धारा 3 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया था. इस मामले में अभिनेता दीप सिद्धू को भी आरोपी बनाया गया है.

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