Breaking News






Home / Breaking News / पंजाब में बिजली संकट: नवजोत सिद्धू ने उठाए कटौती पर सवाल, सिलसिलेवार ट्वीट से रखी पूरी बात

पंजाब में बिजली संकट: नवजोत सिद्धू ने उठाए कटौती पर सवाल, सिलसिलेवार ट्वीट से रखी पूरी बात

(रफतार न्यूज ब्यूरो)ः पंजाब में भीषण गरमी और धान सीजन के कारण पैदा हुए बिजली संकट पर विधायक नवजोत सिद्धू ने शुक्रवार को सिलसिलेवार ट्वीट कर सवाल उठाए। उन्होंने बिजली की लागत, कटौती, बिजली खरीद समझौतों की सच्चाई और पंजाब के लोगों को मुफ्त और 24 घंटे बिजली कैसे दें, इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने बिजली के लिए पंजाब मॉडल पेश करते हुए लिखा कि निजी ताप संयंत्रों को अनुचित और अत्यधिक लाभ देने पर खर्च किए गए पैसे का इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि घरेलू उपयोग के लिए मुफ्त बिजली के लिए सब्सिडी देना (300 यूनिट तक), 24 घंटे की आपूर्ति और शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में निवेश करना ही पंजाब के लिए बेहतर बिजली मॉडल  है।

सिद्धू ने कहा कि पंजाब में बिजली कटौती की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर हम सही दिशा में कार्य करते हैं तो कार्यालय के समय को कम करने या एसी के उपयोग को घटाने की आवश्यकता नहीं है। पंजाब 4.54 प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद रहा है। राष्ट्रीय औसत रु. 3.85 प्रति यूनिट और चंडीगढ़ 3.44 प्रति यूनिट रुपये का भुगतान कर रहा है। तीन निजी ताप संयंत्रों पर अति-निर्भरता के कारण पंजाब को अन्य राज्यों की तुलना में  5-8 रुपये प्रति यूनिट अधिक भुगतान करना पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बादल सरकार ने पंजाब में 3 निजी ताप विद्युत संयंत्रों के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए। पंजाब इन समझौतों में दोषपूर्ण क्लॉज के कारण 2020 तक पहले ही 5400 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है और आगे फिक्स चार्ज के रूप में 65,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। पंजाब नेशनल ग्रिड से काफी सस्ती दरों पर बिजली खरीद सकता है, लेकिन बादल के हस्ताक्षर वाले ये पीपीए पंजाब के जनहित के खिलाफ काम कर रहे हैं। कानूनी संरक्षण होने के कारण पंजाब इन पीपीए पर फिर से बातचीत नहीं कर सकता, लेकिन पंजाब विधानसभा किसी भी समय नेशनल पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध कीमतों पर बिजली खरीद लागत के लिए नया कानून ला सकती है। कानून में संशोधन करने से ये समझौते खत्म हो जाएंगे।

सिद्धू ने कहा कि पंजाब की प्रति यूनिट खपत का राजस्व भारत में सबसे कम है, जो पूरी बिजली खरीद और आपूर्ति प्रणाली के सकल कुप्रबंधन के कारण है। पीएसपीसीएल आपूर्ति की गई प्रत्येक इकाई पर 0.18 प्रति यूनिट अतिरिक्त पैसे का भुगतान करता है। यह तब है जब राज्य से 9000 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जाती है। पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा सस्ती होती जा रही है। इन परियोजनाओं के लिए केंद्रीय वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है लेकिन सौर और बायोमास ऊर्जा से पंजाब की क्षमता अनुपयोगी है।

अरविंद केजरीवाल के पंजाब में दिल्ली मॉडल लागू करने पर भी सिद्धू ने ट्वीट किया। सिद्धू ने लिखा कि पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए पंजाब को एक ओरिजिनल पंजाब मॉडल की जरूरत है, कॉपी किए गए मॉडल की नहीं। पंजाब 9000 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी देता है लेकिन दिल्ली बिजली सब्सिडी के रूप में केवल 1699 करोड़ देती है। अगर पंजाब दिल्ली मॉडल की नकल करता है, तो हमें सब्सिडी के रूप में केवल 1600-2000 करोड़ मिलेंगे।

 

About admin

Check Also

नवजोत सिद्धू बने पंजाब कांग्रेस के नये प्रधान, 4 कार्यकारी प्रधान होंगे, रफतार न्यूज की ख़बर पर एक बार फिर से मोहर

दिल्ली, 18 जुलाई (रफतार न्यूज ब्यूरो)ः रफतार न्यूज की ख़बर पर एक बार फिर से …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share