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मुख्यमंत्री द्वारा आक्सीजन की कालाबजारी/जमाखोरी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की चेतावनी

विभाग को सप्लाई की योजना तैयार करने के लिए कहा जिससे आक्सीजन की कमी के कारण किसी की जान न चली जाये
मरीजों के लिए बैडों की संख्या बढ़ाने वाले निजी अस्पतालों को आक्सीजन मुहैया करवाने का किया वादा
आक्सीजन की कमी के कारण कोई दुर्घटना घटने पर नहीं होगी दंडात्मक कार्यवाही
कहा, दिल्ली-एन.सी.आर. आदि राज्यों से मरीजों की भरमार के बावजूद इलाज के लिए किसी भी जरूरतमंद को नहीं रोका जायेगा; अपने लोग समझ कर की जायेगी देख-रेख
चंडीगढ़, 30 अप्रैल (रफतार न्यूज डेस्क) : राज्य में आक्सीजन की निरंतर कमी की स्थिति का जायजा लेते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज यहाँ आक्सीजन सिलंडरों की कालाबजारी, जमाखोरी या निजी लाभ कमाने या राज्य से बाहर इसकी तस्करी की किसी भी कार्यवाही के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी है, खास कर जब पंजाब में आक्सीजन का वितरण खुद पूरी नहीं पड़ रहा है।
संकट की इस घड़ी में सहयोग कर रहे सभी प्राईवेट अस्पतालों को बैडों की संख्या बढ़ाने की अपील करते हुये उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों की तरफ से इन अस्पतालों को अपेक्षित आक्सीजन सप्लाई की जायेगी और आक्सीजन की कमी के कारण कोई भी दुर्घटना घटने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जायेगी।
मुख्यमंत्री लुधियाना, एस.ए.एस.नगर (मोहाली), जालंधर, बठिंडा, पटियाला और अमृतसर समेत 6 जिलों की वर्चुअल कोविड एमरजैंसी समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की तरफ से बाहर से आने वाले मरीजों के कारण पंजाब के लोगों को अस्पतालों में जगह न मिलने पर चिंता जाहिर किये जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आक्सीजन की कमी के बावजूद हरियाणा और दिल्ली जैसे अन्य राज्यों से पंजाब में इलाज के लिए आने वाले किसी भी मरीज की देखभाल से इंकार करने के हक में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंकार नहीं करना चाहिए।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम कभी भी किसी मरीज के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं करेंगे।’’ उन्होंने जोर देते हुये कहा कि वह (दूसरे राज्यों से आने वाले मरीज) हमारे लोग हैं क्योंकि हमारा एक ही मुल्क है और पंजाब में इलाज के लिए आने के लिए उनका स्वागत है और हम उनको अपने लोग समझ कर देख-रेख करेंगे। अनुमानों के मुताबिक इस समय पंजाब में एक चैथाई बिस्तरों पर राज्य से बाहर के मरीजों को रखा गया है।
आक्सीजन सप्लाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ अतिरिक्त आक्सीजन अलाटमैंट के लिए बात की है और केंद्र से और आक्सीजन टैंकरों की माँग भी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के साथ यातायात के लिए टैंकरों की अलाटमैंट का मुद्दा उठाया है जिससे पंजाब को पूर्वी क्षेत्र से इसके आक्सीजन वितरण का लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि वह आक्सीजन की उपयुक्त मात्रा और इसकी सप्लाई को नियमित करने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं और उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होगा। मैडीकल शिक्षा मंत्री ओ.पी. सोनी की तरफ से अमृतसर जैसे जिलों में जहाँ इसका प्रबंध करना हर रोज चुनौती बन रहा है, आक्सीजन सप्लाई बढ़ाने सम्बन्धी पूछे सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि फिलहाल राज्य सरकार बहुत सीमित वितरण के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने उद्योग और स्वास्थ्य विभाग को हिदायत की कि एक सप्लाई योजना तैयार की जाये जिससे सभी जिलों में आक्सीजन की उपयुक्त मात्रा को यकीनी बनाया जा सके और किसी भी जानी नुक्सान से बचा जा सके। उन्होंने डिप्टी कमीशनरों को हिदायत की कि वह यह यकीनी बनाएं कि आक्सीजन सिलंडर समय पर एकत्रित करके दोबारा भरवाए जाएँ। उन्होंने कहा कि आक्सीजन का प्रयोग सिर्फ मैडीकल उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला अधिकारियों को लाजिमी तौर पर अपने जिलों की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और पिछले समय में किये ठेकों के कारण यदि किसी भी किस्म की समस्या है तो आपदा प्रबंधन एक्ट के अधीन जरुरी आदेश जारी किये जाने चाहिएं।
आक्सीजन सिलंडर की कमी सम्बन्धी मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने खरीद शुरू कर दी है। मई में सिर्फ 1000 सिलंडर सप्लाई होने की संभावना है, इसलिए कुछ अंतरिम उपाय करने जरूरी हैं। उन्होंने जिला अधिकारियों को कहा कि वह जिस उद्योग के पास सिलंडर उपलब्ध हों, उससे उधार लेने सम्बन्धी प्रणाली पर जंगी स्तर पर काम करें।
पुराने आक्सीजन प्लांटों को दोबारा चलाने के लिए उद्योग विभाग के यत्नों का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि राज्य जल्द ही लगभग 200 और आक्सीजन कंसनट्रेटर हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार को आयात किये जा रहे 1 लाख में से 3500 कंसनट्रेटर अलाट करने की विनती की है। उन्होंने आगे कहा कि आक्सीजन के सही प्रयोग और नियमित आक्सीजन आडिट के लिए सर्वोत्त्म कोशिशों की माँग की। उन्होंने आगे कहा कि रैमेडिसविर और टोसी अब कुछ मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुये कहा कि केंद्र अलाटमैंट बढ़ाने की हमारी विनतियों का जवाब देगा।
मैडीकल शिक्षा के सचिव डी.के. तिवारी ने कहा कि बुनियादी ढांचा और आईसीयू बैडों की संख्या बढ़ाई गई है परन्तु प्रयोग अधीन संख्या काफी ज्यादा है और मुख्य चुनौती आक्सीजन सप्लाई लाईन को बरकरार रखना है। उन्होंने तीनों ही सरकारी मैडीकल कालेजों में एक-एक अतिरिक्त टैंकर स्थापित करने का सुझाव दिया।
डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने आक्सीजन टैंकरों के निर्विघ्न आवाजाही के प्रबंधन के लिए पंजाब पुलिस की तरफ से उठाये जा रहे कदमों का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि सीनियर अधिकारियों को मूलभूत स्थानों (पानीपत, रुड़की, बद्दी) पर कंट्रोल रूम में तैनात किया गया है और टैंकरों को ले जाने के लिए पुलिस की तरफ से सहायता की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड सम्बन्धी उल्लंघन के मद्देनजर 23 अप्रैल से अब तक इन छह जिलों में 1200 एफ.आई.आरज दर्ज की गई हैं और 1300 गिरफ्तारियाँ हुई हैं जिसमें इस समय दौरान एक करोड़ रुपए जुर्माने के तौर पर वसूले गए हैं।

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