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कुंभ का आखिरी शाही स्नान: जगदगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज ने किया संतो संग स्नान

कुंभ का आखिरी शाही स्नान: जगदगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज ने किया संतो संग स्नान
कुंभ शाही स्नान जगदगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज की अध्यक्षता में जूना अखाड़ा संतों तथा नागा साधुओं ने किया स्नान

हरिद्वार (रफतार न्यूज ब्यूरो): कुंभ का अंतिम शाही स्नान: हरिद्वार में चैत्र पूर्णिमा स्नान के मौके पर कुंभ के अंतिम शाही स्नान में कोरोना महामारी का असर साफ देखने को मिला। हरकी पैड़ी समेत विभिन्न घाटों पर सुबह चार बजे ब्रह्ममुहूर्त में स्नान शुरू हो गया। लेकिन बेहद कम संख्या में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचे। अब सुबह 9 बजकर 30 मिनट से अखाड़ों का स्नान क्रम शुरू होगा। दोपहर तक सभी 13 अखाड़ों का शाही स्नान संपन्न हुआ। हरिद्वार मेला पुलिस से जारी आंकड़ों के अनुसार, दोपहर तीन बजे तक करीब 30 हजार श्रद्धालुओं ने स्नान किया। स्नान करने वाले ज्यादातर श्रद्धालु स्थानीय थे।
पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जगदगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज ने अपने अखाड़े के अन्य संतो के साथ शाही स्नान किया। आराध्य देव भगवान कार्तिकेय और मां गंगा की पूजा अर्चना के बाद संतों ने गंगा में डुबकी लगई। संतों ने शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए स्नान किया। वहीं, इसके इलावा पंचायती अखाड़ा निरंजनी, पंच अग्नि, आह्वान अखाड़ा के संत हरकी पैड़ी पहुंचे और आराध्य देव और गंगा पूजन के बाद शाही स्नान किया। आज आखिरी शाही स्नान था।
इस अवसर पर जगदगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज ने पंचदशनाम जूना अखाड़ा की ओर से शोभा यात्रा का आयोजन भी किया जिसमें सबसे आगे धर्म ध्वजा, जिसके पीछे देवताओं की प्रतिमा, जूना अखाड़े के नागा साधू, जिनके पीछे पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जगदगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज का रथा सुशोभित हो रहा था।
शोभा यात्रा में शामिल नोजवानों ने जगदगुरु पंचानंद गिरि जी महाराज से प्रेरित हो कर सनातन धर्म के प्रचार की जिम्मेवारी उठाने की बात की। ये नवयुवक अब देश के विभिन्न हिस्सों में जा कर सनातन धर्म का प्रचार करेंगें।

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