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हड़कंप: 1 एंबुलेंस में 22 कोरोना पीड़ितों के शव …. ?

औरंगाबाद, 27 अप्रैल (रफतार न्यूज ब्यूरो)ः महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण तांडव मचा रहा है. राज्यों से ऐसी-ऐसी तस्वीरें सामने आ रहीं हैं जो दिल दहलाने वाली है. इसी बीच एक खबर महाराष्ट्र के बीड़ से आ रही है जहां कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले 22 लोगों के शवों को एक ही एंबुलेंस में भरकर श्मशान ले जाने का मामला सामने आया है.
महाराष्ट्र के बीड़ में बीड़ जिला कलेक्टर रविंद्र जगताप ने एंबुलेंस के जरिए 22 शव ले जाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं. अंबेजोगई के एडिशनल कलेक्टर केस की जांच करके रिपोर्ट सौंपेगे. हैरान कर देने वाले इस मामले में जिला प्रशासन ने एंबुलेंस की कमी को इसका एक कारण बताया है.
बीड़ जिले के अंबेजोगई में एक एंबुलेंस में 22 शवों को एक दूसरे पर रखकर श्मशान गृह तक ले जाने का मामला सामने आया है. अंबेजोगई के स्वामी रामतीर्थ हास्पिटल की एंबुलेंस नंबर MH-29/AT-0299 रविवार को इन शवों को बाडी पैक में लपेटकर एक दूसरे पर रखकर श्मशान घाट तक ले जाया गया.
हैरान कर देने वाले इस मामले में जिला प्रशासन ने एंबुलेंस की कमी को इसका एक कारण बताया है. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर शिवाजी शुक्रे ने कहा, अस्पताल प्रशासन के पास पर्याप्त एंबुलेंस नहीं हैं, जिसके कारण ऐसा हुआ.
उन्होंने कहा कि उनके पास पिछले साल कोविड-19 के पहले दौर में 5 एंबुलेंस थीं. उनमें से 3 को बाद में वापस ले लिया गया और अब अस्पताल में 2 एंबुलेंस में कोरोना रोगियों को लाया तथा ले जाया जा रहा है. डॉक्टर शिवाजी शुक्रे ने कहा कि कभी-कभी, मृतकों के संबंधियों को ढूंढने में समय लग जाता है. लोखंडी सवारगांव के कोविड-19 केन्द्र से भी शवों को हमारे अस्पताल में भेजा रहा है क्योंकि उनके पास कोल्ड स्टोरेज नहीं है.
अधिकारी ने कहा कि उन्होंने तीन और एंबुलेंस मुहैया कराने के लिये 17 मार्च को जिला प्रशासन को पत्र लिखा था. अव्यवस्था से बचने के लिये हमने अंबाजोगाई नगर परिषद को पत्र लिखा था कि सुबह 8 से बजे से रात 10 बजे तक अंतिम संस्कार कराए जाएं और अस्पताल वार्ड से ही शवों को श्मशान भेजा जाए.
इस बीच, बीजेपी नगर पार्षद सुरेश ढास ने आरोप लगाया कि अस्पताल और स्थानीय नगर निकाय एक दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं. अंबाजोगाई नगर परिषद के मुख्य अधिकारी अशोक साबले ने कहा कि शवों को मांडवा रोड पर स्थित श्मशान (कोविड-19 रोगियों के अंतिम संस्कार के लिये तय श्मशान) ले जाना मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी है.
लेकिन जो भी हो, एक बात तो सच है कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं और केन्द्र तथा राज्य सरकारें नाकाम हो चुकीं हैं और आने वाले दिनों में हालात और भी बदतर हो सकते हैं।

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