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मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन की निर्विघ्न सप्लाई के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

चंडीगढ़, 21 अप्रैल (रफतार न्यूज ब्यूरो): कोविड-19 के मरीजों के लिए मैडीकल ऑक्सीजन की कमी के मद्देनज़र पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज केंद्र सरकार को राज्य के लिए निर्विघ्न ऑक्सीजन सप्लाई की माँग की है जिसमें रोज़ाना कम-से-कम 120 एम.टी. की माँग की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा दो महीने पहले मंज़ूर किये गए पी.एस.ए. प्लांटों को भी जल्द स्थापित करने की अपनी अपील दोहराई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा किये गए वादे के मुताबिक रोज़ाना के आधार पर लिक्विड मैडीकल ऑक्सीजन (एल.एम.ओ.) सप्लाई करने वालों द्वारा निर्विघ्न रूप से ऑक्सीजन मुहैया करवाने संबंधी अपने अनुरोध पर भी तुरंत विचार किये जाने की माँग की है। उन्होंने यह भी अपील की कि पंजाब को रोज़ाना 120 एम.टी. की सप्लाई की जाये जोकि पंजाब के कोटे में से पी.जी.आई.एम.ई.आर., चण्डीगढ़ को दिए जाने वाले 22 एम.टी. हिस्से से अलग हो।
मुख्यमंत्री ने यह नुक्ता ज़ाहिर किया कि हालाँकि, राज्य की सभी स्वास्थ्य देखभाल संस्थाओं में मैडीकल ऑक्सीजन स्टोर करके रखने की क्षमता 300 एम.टी. है परन्तु मौजूदा हालात में पंजाब में मैडीकल ऑक्सीजन की रोज़ाना उपभोग /ज़रूरत 105-110 एम.टी. के आसपास है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह ज़रूरत अगले दो हफ़्तों में बढ़कर 150-170 एम.टी. तक पहुँच सकती है जैसे कि मामलों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में मरीज़ों के दाखि़लों में संभावी वृद्धि के आंकड़े बताते हैं।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस बात की तरफ भी ध्यान दिलाया कि राज्य की ज़रूरत ज़्यादातर बाहर से पूरी होने के कारण केंद्र द्वारा पंजाब समेत सभी राज्यों को सप्लाई संबंधी की गई अलॉटमेंट अनुसार सप्लाई का बरकरार रहना राज्य की रोज़ाना की ज़रूरतें पूरी करने के लिए बेहद अहम है। ऑक्सीजन बारे केंद्रीय कंट्रोल ग्रुप द्वारा 15 अप्रैल, 2021 को 126 एम.टी. (स्थानीय ए.एस.यूज़ से 32 एम.टी. सहित) की अलॉटमेंट की गई थी। परन्तु, यह अलॉटमेंट 25 अप्रैल, 2021 वाले हफ्ते से घटाकर 82 एम.टी. कर दी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह अलॉटमेंट राज्य की ज़रूरतें पूरी करने के लिए अपर्याप्त है। इसके अलावा केंद्रीय अलॉटमेंट कंट्रोल रूम द्वारा पंजाब की अलॉटमेंट को केंद्र शासित प्रदेश चण्डीगढ़ (22 एम.टी.) के साथ मिला दिया गया है जिससे पंजाब को होती अलॉटमेंट और भी कम हो गई है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह माँग मौजूदा समय दौरान कुछ जिलों में सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के पी.एस.ए. प्लांटों और राज्य के ए.एस.यूज़., रिफिलर्स (पुनः भराई वाले) और उत्पादकों द्वारा पूरी की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि पंजाब की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि उत्पादकों /डिस्ट्रीब्यूटरों को सप्लाई और लिक्विड ऑक्सीजन की पुनः भराई राज्य से बाहर के उत्पादकों जैसे कि आईनॉक्स, बद्दी (हिमाचल प्रदेश), एयर लिक्विडे, पानीपत और रुड़की के अलावा देहरादून के लींडे, सेलाकुई, (देहरादून) द्वारा की जा रही है क्योंकि पंजाब में कोई भी एल.एम.ओ. प्लांट नहीं है।
पटियाला और अमृतसर के सरकारी मैडीकल कॉलेज और अस्पतालों के लिए दो महीने पहले भारत सरकार द्वारा मंज़ूर किये गए 2 प्रेशर स्विंग एडसोर्पशन (पी.एस.ए.) प्लांटों की काफी देर की माँग बारे कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय मंत्री को इनकी स्थापना किये जाने की प्रक्रिया तेज़ करने के लिए कहा जिससे एल.एम.ओ. सप्लायरों पर ऑक्सीजन की ज़रूरत संबंधी निर्भरता कम हो सके।

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