Breaking News






Home / देश / सऊदी अरब में पढ़ाई जाएगी भगवदगीता औऱ रामायण

सऊदी अरब में पढ़ाई जाएगी भगवदगीता औऱ रामायण

भगवानदीन साहू (छिंदवाड़ा)- धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने 15 जुलाई 2020 को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर देश के सभी स्कूली पाठ्यक्रमों में श्रीमदभगवद्गीता और श्री रामायण का पाठ आवश्यक करने की मांग की थी। जिसकी एक प्रति महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ को भी प्रेषित की थी। ज्ञापन में बताया गया था कि भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री राम का जीवन चित्रण प्रेरणादायी हैं। इसके अलावा भगवान बुद्ध , महावीर, वीर शिवाजी, हनुमानजी, महाराणा प्रताप तथा महान नारियों में सती अनुसुईया, गार्गी, मदालसा, सावित्री, सबरी, सीता का भी जीवन प्रेरणादायक हैं। विद्यार्थियों में अच्छे संस्कारों का सिंचन बचपन से हो जाये तो देश का 90 प्रतिशत अपराध यूँहीं खत्म हो जायेगा। राष्ट्रपति के आदेश पर सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षारता विभाग भारत सरकार द्वारा सभी पाठ्यक्रम प्रमुखों को आदेशित किया जा चुका है जिसकी प्रति श्री साहू को भी प्रेषित की गई है। हाल ही में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस, मोहम्मद बिन सलमान ने विजन 2030 पारित किया है। जिसके अंतर्गत वहाँ के सांस्कृतिक पाठ्यक्रमो में विद्यार्थियों को दूसरे देश के इतिहास और संस्कृति के ज्ञान से अवगत करना है। जिसमें भगवद्गीता ओर रामायण को शामिल किया गया है। यह सब विश्वपटल पर भारत की बढ़ती लोकप्रियता के कारण सम्भव हुआ है। उक्त जानकारी श्री साहू को सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त हुई है।
यह जिले के लिए गौरवान्वित होने का विषय है। 15 जुलाई 2020 को ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन, साध्वी प्रतिमा बहन, आधुनिक चिंतक हर्षुल रघुवंशी, शिक्षाविद् विशाल चवुत्रे, कुनबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे, राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू, पवार समाज के प्रमुख हेमराज पटले, आई टी सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े, युवा सेवा संघ के नितिन दोईफोड़े, ओमप्रकाश डहेरिया , कलार समाज के सुजीत सूर्यवंशी, नारी रक्षा मंच से छाया सूर्यवंशी, करुणेश पाल, शकुंतला कराडे, योगिता पराड़कर, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

About Sushil Parihar

Check Also

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की हुई साप्ताहिक बैठक

गुरसराय, झाँसी(डॉ पुष्पेंद्र सिंह चौहान)-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नगर इकाई गुरसरांय की पहली साप्ताहिक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share