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मुख्यमंत्री ने अकालियों के योजनाबद्ध धरनों को ड्रामेबाज़ी और पार्टी की खोई साख़ बहाल करने की बौखलाहट भरी कोशिश बताया

*  ऐसी नौटंकियां काम नहीं आएंगी क्योंकि अकाली खेती कानूनों पर अपनी असफलता के कारण अपनी छवि पूरी तरह धूमिल करवा चुके हैं
 
चंडीगढ़, 4 अपैल  ( रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो): शिरोमणि अकाली दल के योजनाबद्ध प्रदर्शनों को बादलों का नाटक बताते हुए इसको पंजाब में पार्टी की खोई हुई साख़ को बहाल करने की बौखलाहट भरी कोशिश बताते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने रविवार को कहा कि ऐसीं नौटंकियां काम नहीं आएंगी। उन्होंने कहा कि खेती कानूनों पर बेशर्मी के साथ अपनाए दोहरे मापदण्डों की पोल खुलने के कारण अकाली अपनी छवि पूरी तरह ख़राब करवा चुके हैं।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में चल रहे किसानी आंदोलन समेत अन्य कई बड़े मुद्दों पर दोगली बोली के कारण राज्य के लोगों का सामना करने का नैतिक आधार गंवाने के बाद अकाली दल अब राज्य में आगामी विधानसभा मतदान से पहले लोगों की नज़रों में अच्छा साबित करने की पूरी कोशिश कर रहा है।
शिरोमणि अकाली दल के प्रदर्शनों, जिनको उन्होंने कई प्रमुख मुद्दों पर राज्य सरकार के असफल रहने के विरुद्ध बताया है, से एक दिन पहले जारी बयान में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अधिक बिजली दरों, तेल पर अधिक टैक्स और अमन-कानून की व्यवस्था बारे अकालियों के दावों को हास्यप्रद करार देते हुए कहा कि यह अकाली दल ही है जिसने भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से अपने 10 सालों के शासन के दौरान पंजाब को ऐसे हालात में धकेल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ तक राज्य की अमन-कानून की व्यवस्था से लेकर वित्तीय स्थिति की बात है कि अकालियों के अंधेरगर्दी वाले निज़ाम के उलट कांग्रेस सरकार के पिछले चार सालों में व्यापक स्तर पर सुधार हुआ है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि बादलों के शासन दौरान अमन-कानून की व्यवस्था तबाह हो गई थी जब गैंगस्टर और गुंडे राज्य की गलियों में दनदनाते हुए घूमते थे जबकि पंजाब को अब ऐसे तत्वों से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि कोविड के संकट के बावजूद उनकी सरकार वित्तीय मार्चे पर पकड़ बना रही है और पिछले 15 सालों में पहली बार राज्य के खजाने की ओर कोई बकाया देनदारी नहीं है।
अपनी सरकार द्वारा 85 फीसदी से अधिक चुनावी वादों को पूरा करके स्थापित किये गए रिकार्ड की तरफ इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार सालों के दौरान राज्य द्वारा तरक्की ने अकालियों के बेतुके दोषों का पर्दाफाश करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि लोग ज़मीनी स्तर पर हुए बदलाव देख सकते हैं जहाँ नशे और माफियों ने पारदर्शी शासन के समाने घुटने टेक दिए हैं और राज्य में सभी सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है।
अकालियों द्वारा मौजूदा सरकार पर पोस्ट-मैट्रिक एस.सी. स्कॉलरशिप वापस लेने वाले इल्ज़ामों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि या तो अकाली जान-बूझकर लोगों को गुमराह करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं या वह इस मामले में अपनी भूमिका जग ज़ाहिर नहीं करना चाहते। अकालियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि क्या वह भूल गए हैं कि जब स्कॉलरशिप स्कीम को ख़त्म किया गया था, तब वह (अकाली) केंद्र सरकार के सहयोगी होते थे? उन्होंने कहा कि वास्तव में उनकी सरकार ने समाज के एस.सी./एस.टी. वर्ग के लिए किये अन्य उपायों समेत स्कीम को बहाल किया है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस फ़रेब वाली राजनैतिक नौटंक के द्वारा पंजाब में अपना राजनैतिक आधार फिर से स्थापित करन के भद्दे यत्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब इनको मुंह नहीं लगाने वाले क्योंकि पंजाबियों ने अकाली-भाजपा नेताओं के शासन को न तो भुलाया है और न ही अकालियों को माफ किया है, जिनको की लोगों ने 10 साल झेला है। उन्होंने आगे कहा कि यहाँ के लोगों ने इन पार्टियों के दोहरे चेहरे को पहचान लिया है और अब उनके झाँसे में नहीं आएंगे।

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