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लाखों किसानों की भावनाओं को पैरों तले रौंदना चाहती है मोदी सरकार

* किसान आंदोलन को दबाने के लिए घटिया हत्थकंडे अपना रही है केंद्र की भाजपा सरकार
* राष्ट्रपति की तरफ से अपने भाषण के दौरान खेती बिलों की सराहना करना निंदनीय

तरन तारन, 29 जनवरी (रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो): किसान आंदोलन को दबाने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार घटिया हत्थकंडे अपना रही है और अपने गुंडों को लाठियों देकर और पत्थरबाजी करने के लिए उकसा कर किसानों के टैंट उखाड़ने के लिए भेज रही है, जोकि लोकतंत्र का नुकसान है। इन विचारों का प्रगटावा करते हुए हलका विधायक पट्टी श्री हरमिन्दर सिंह गिल ने कहा केंद्र की मोदी सरकार अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे लाखों किसानों की भावनाओं को पैरों तले रौंदना चाहती है।
उन्होंने कहा कि किसानों के टैंटों की तोड़फोड़ करने वालों पर भी पर्चे दर्ज होने चाहिएं, क्योंकि कानून सबके लिए एक है। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि वह कौन हैं, कहाँ से आए हैं और उनको किस ने भेजा है।

उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रपति की तरफ से अपने भाषण के दौरान खेती बिलों की सराहना करना निंदनीय है, जबकि किसानों के साथ मीटिंग के दौरान केंद्र सरकार इन बिलों में त्रुटियों को मानते हुए दूर करने के लिए तैयार थी। उन्होंने कहा कि त्रुटियों से भरपूर इन किसान बिलों की राष्ट्रपति सराहना करें, यह शोभा नहीं देता, जोकि संसद और देश को गुमराह करने वाली बात है।

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे हत्थकंडे अपनाने की बजाय किसानों का दर्द समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि 150 से अधिक लोग ठंड के कारण मर चुके हैं और उनके शव पंजाब में हर घर से आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह किसान आंदोलन हर एक किसान की अपनी लड़ाई है और इस बात को सरकार को गंभीरता से विचारना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संसद सत्र शुरू हुआ है तो इसमें इन कानूनों को रद्द करके लोगों को घर वापिस भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शांति से बैठे लोगों को अशांत करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को बातचीत का दौर शुरू करना चाहिए, इसके बिना कोई समाधान नहीं है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने फर्जों के प्रति कोताही कर रही है और ताकत के जोर से इस जन आंदोलन को कुचलना चाहती है। उन्होंने कहा जो कुछ दिल्ली की सड़कों, सिंघू बार्डर, गाजीपुर बार्डर पर हो रहा, वह मोदी और अमित शाह की मिलीभुगत है, जिस कारण लोगों को मारा, पीटा और लताड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा की लाल किले की घटना भी एक साजिश का नतीजा है जिससे किसान आंदोलन को बदनाम किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए क्योंकि पूरे देश के किसान इस आंदोलन के साथ हैं।

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