Thursday , January 28 2021
Breaking News
Home / देश / 5 लाख से अधिक जरूरतमंद भंडारे से लाभांवित

5 लाख से अधिक जरूरतमंद भंडारे से लाभांवित

छिन्दवाड़ा(भगवानदीन साहू):- संस्कृत पुस्तौकौन्निति सभा द्वारा संचालित संत श्रीआशारामजी आश्रम एवं श्री योग वेदान्त सेवा समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार भी इस वर्ष जरूरतमंद, अति गरीब, आदिवासी क्षेत्रों में अनाज, कम्बल, कपड़े, मिठाई, दीपक, तेल, बाती, सतसाहित्य, मास्क, आदि भेंट कर दीपावली पर्व मनाया। जगह – जगह संतसंग का भी आयोजन किया गया। परासिया विकासखंड के देवरी ग्राम में साध्वी प्रतिमा बहन का दिव्य सत्संग के साथ भंडारे का समापन किया गया। साध्वी बहन ने बताया कि, गरीब गुरवे की सेवा कर स्वयं दीपावली पर्व मनाना हमारी सनातन संस्कृति की भी परम्परा है। समिति के सदस्यों ने कोरोना माहमारी को ध्यान में रखते हुये सरकारी नियमों का दृड़ता से पालन किया। प्रशासन से इसकी विधिवत अनुमति भी ली गई। समिति ने इस वर्ष भीड़ भाड़ वाले आयोजनों की वजह गाॅव-गाॅव, घर-घर, जाकर जरूरतमंदों को सामग्री भेंट की। साधक वर्ष भर कुछ ना कुछ जनहितेषी सेवा में संलग्न रहते है। पर कोविड-19 के कारण इस वर्ष भंडारे वाली सेवा की अधिकता रहीं। दीपावली भंडारे की तैयारी समिति 2 माह पूर्व से करती है। इस वर्ष जिले के प्रत्येक विकासखंड समिति अध्यक्ष को 50-50 ग्रामों जिम्मेदारी सोपी गयी थी। सभी जरूरतमंदों को अनाज कपड़े, कम्बल, मिठाई, तो नहीं मिली लेकिन उन्हें सतसाहित्य हरीनाम कीर्तन, सत्संग भी निशुल्क प्राप्त हुआ। समिति से प्राप्त जानकारी से ज्ञात हुआ है कि, अभी तक भंडारे से लगभग 5 लाख से अधिक लोग लाभांवित हो चुके है। यह सेवा देश के 550 आश्रम एवं 2500 समितियों द्वारा सम्पन्न कराई गई। जिसमें देश के करोड़ो – करोड़ो जरूरतमंद लाभांवित हुयें। इस देवीय कार्य में समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई, खजरी आश्रम संचालक जयराम भाई, गुरूकुल की संचालिका दर्षना खट्रटर, महिला उत्थान आश्रम की संचालिका साध्वी नीलू बहन, साध्वी रेखा बहन, युवा सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक डोईफोड़े एवं जिले में कार्यरत समस्त विकास खण्ड समितियों ने अपना – अपना योगदान प्रदान किया।

About Sushil Parihar

Check Also

INDIA NEEDS CLEAR POLICY & IMPROVED MILITARY MIGHT TO COUNTER CHINA’S EXPANSIONIST AGENDA, SAYS CAPT AMARINDER  

Chandigarh (Raftaar News Bureau)  Given China’s long-standing expansionist agenda, the Indian government should have a …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share