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मुख्यमंत्री द्वारा शर्तों के साथ कृषि और मिश्रित प्रयोग वाली जमीन में औद्योगिक विकास करने की हरी झंडी

   *   राजपुरा और लुधियाना में औद्योगिक केन्द्रों और मोहाली में औद्योगिक अस्टेट की मंज़ूरी
   *   न्यू चंडीगढ़ में घरों के लिए न्यूनतम क्षेत्र में कटौती को भी हरी झंडी, पटियाला के सौंदर्यीकरण के लिए 222 करोड़ रुपए मंज़ूर
चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को और बढ़ावा देने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जिनमें कुछ शर्तों के साथ कृषि और मिश्रित प्रयोग वाली जमीन पर उद्योग लगाने की आज्ञा देनी और सरकार और विकास ऑथोरिटी द्वारा विकसित की गई अस्टेटों में तीन साल के अंदर निर्माण न करने के लिए अलॉटियों पर लगायी जाती फीस में कटौती शामिल है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया की ये फैसले जिनका मकसद रोजगार की उत्पत्ति करना करना है, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब क्षेत्रीय और शहरी योजनाबंदी और विकास बोर्ड की वर्चुअल मीटिंग के दौरान किये गए। सरकार की तरफ से 30 दिन का एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया जायेगा जिसके बाद इन फैसलों को अंतिम रूप दिया जायेगा।
फैसलों के अनुसार उद्योग जगत को नगर निगम शहरों में 3 किलोमीटर की हद से बाहर वाले कृषि क्षेत्रों में और छोटे कस्बों से 2 किलोमीटर की हद वाले बाहर वाले क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की आज्ञा दी जायेगी बशर्ते की जमीन के पास 19-22 फूट का पहुंच मार्ग हो। उन्होंने आगे कहा की लाल वर्ग के उद्योग को स्थापित करने के लिए गांव की आबादी से कम-से-कम 500 मीटर दूर होने की शर्त पूरी करनी होगी। मिश्रित प्रयोग वाली जमीन के इस्तेमाल सम्बन्धी यह फैसला किया गया है की ऐसे उद्योग को सिर्फ प्रमुख सडक़ों के आस-पास स्थापित करने की आज्ञा दी जाये।
मीटिंग में यह भी फैसला किया गया की राजपुरा में 1100 एकड़ में औद्योगिक केंद्र और लुधियाना के नजदीक 1000 एकड़ में एक और औद्योगिक केंद्र स्थापित किया जाये। एक और अहम पहलकदमी में गमाडा जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं, की तरफ से मोहाली में एक औद्योगिक अस्टेट स्थापित करने का फैसला किया गया। इस अस्टेट के दो हिस्से होंगे जिनमें से एक 530 एकड़ का होगा जिसको गमाडा की तरफ से विकसित किया जायेगा और इसमें छोटे प्लॉट शामिल होंगे जबकि 250 एकड़ वाले दूसरे हिस्से में प्राइवेट व्यक्तियों को कारोबार करने की इजाजत होगी।
इसके अलावा न्यू चण्डीगढ़ में एक नये रिहायशी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला किया गया है की मौजूदा समय में न्यूनतम 100 एकड़ की शर्त में छूट देते हुए 25 एकड़ और इससे अधिक के क्षेत्रफल में किफ़ायती हाउसिंग कलोनियां और 50 एकड़ या इससे अधिक क्षेत्रफल में और रिहायशी कलोनियां बनाने की इजाजत दी जाये। किफ़ायती हाउसिंग नीति सम्बन्धी राज्य सरकार की तरफ से हाल ही में जारी की गई नोटिफिकेशन के मद्देनजर इस फैसले से हजारों लोगों का घर का सपना पूरा होगा।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने पटियाला के लिए भी दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों को मंजूरी दी जिनमें 180 करोड़ रुपए की लागत से सिवरेज सिस्टम के द्वारा छोटी और बड़ी नदी के साथ-साथ सफ़ाई और सौंदर्यीकरण के अलावा चेक डैम के द्वारा एक पानी का भंडार तैयार करना है। इसके अलावा पटियाला के मुख्य बाजार को इसकी विरासती स्ट्रीट के विकास के द्वारा सुंदर रूप प्रदान करने के लिए 42 करोड़ रुपए मंजूर किये।
मीटिंग में यह भी फैसला किया गया की हवाई अड्डे के नजदीक 200 एकड़ के करीब क्षेत्रफल को विकसित करने की इजाजत जमीन मालिकों को इस शर्त पर दी जायेगी की वह बाहरी विकास खर्चों की अदायगी करें। इस उद्यम का मकसद इलाके का विकास करना है।

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