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संतो के साथ अत्याचार बंद करने हेतु न्याय व्यवस्था में सुधार की मांग

छिंदवाड़ा (भगवानदीन साहू )- धार्मिक व सामाजिक संंगठनो ने राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री ,मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट भारत सरकार नई दिल्ली के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए बताया कि हमारी संस्कृति का पूरा विश्व समुदाय अनुसरण कर रहा है पूरा विश्व हमारे ऋषि मुनि एवं वैदिक परंपरा का गुणगान कर रहे हैं। हम स्वयं रामराज की ओर अग्रसर है। देश की वस्तु स्थिति बेहद चिंतनीय सन 2020 में लगभग 12 साधुओं की निर्मम हत्या हुई। वहीं गौ मांस निर्यात में हम विश्व में नंबर वन है। इन साधुओं की हत्या पर देश के किसी भी न्यायालय ने स्वयं संज्ञान नहीं लिया जो अक्सर न्यायपालिका करती है। विगत कई वर्षों से हिंदू धर्म और संस्कृति की बात करने वाले या 90 करोड़ हिंदुओं के मार्गदर्शक की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है उदाहरण स्वरूप साध्वी प्रज्ञा ठाकुर 9 वर्ष डीजी वंजारा 8 वर्ष स्वामी असीमानंद 7 वर्ष दारा सिंह 10 वर्ष संत श्री आसाराम बापू  6 वर्ष से जेल में है। इसमें से कुछ लोग निर्दोष बरी हो चुके हैं और कुछ लोगों को जबरन जेल में रखा जा रहा है वही नेताए अभिनेता और अन्य धर्म के अनुयायियों के साथ न्यायपालिका भाई भतीजा का मिसाल प्रस्तुत कर रही है गायत्री प्रजापतिए लालू यादव  ,तरुण तेजपाल,संजय दत्त, सलमान खान, मौलाना साद, बिसप फ्रेको, इमाम बुखारी जिन पर 65 गेर जमानती वारंट है इन लोगों के साथ न्यायपालिका रिश्तेदारी निभा रही है कई आतंकवादियों के लिए मध्य रात्रि में भी न्यायपालिका सुनवाई करती है वहीं संतो को तारीख पे तारीख दी जाती है  हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा कि सबसे अधिक भ्रष्टाचार न्यायपालिका में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश काटजू का कहना है कि 80% निचली न्यायपालिका भ्रष्ट है आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की इन बातों से न्यायपालिका का असली चेहरा उजागर होता है। आम लोगों को न्याय व्यवस्था से अपेक्षा है। ऐसा प्रतीत होता है कि देश की न्यायपालिका किसी धर्म विशेष के लिए कार्यरत है। हिंदू साधु संतों के साथ दुराग्रह रहती है रखती है। इस देश में हिंदू होना एक गुनाह हैए न्याय व्यवस्था में सुधार की मांग की ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन, साध्वी प्रतिमा बहन, अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच के दर्षना खट्टर,करूणेष पाल, छाया सूर्यवंशी, शकुंतला कराडे, बनिता सनोडिया कुंबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे शिक्षाविद विशाल चउत्रे, आधुनिक चिंतक हर्षुल रघुवंशी बजरंग दल के नितेश साहू पवार समाज के प्रमुख हेमराज पटले, युवा सेवा संघ के नितिन दोईफोडे, कलार समाज के प्रतिष्ठित सुजीत सूर्यवंशी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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