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मोदी द्वारा मुल्क को कमज़ोर कर देने के कारण चीन ने भारत में दाखि़ल होने और हमारे सैनिकों को मारने का साहस किया – राहुल गांधी

    *    पंजाब के किसानों को श्री गुरु नानक देव जी द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने और मोदी सरकार के ज़ुल्म के खि़लाफ़ आवाज़ बुलंद करने का आह्वान
    *    कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने किसानों को केंद्र के अन्याय के विरुद्ध लम्बी लड़ाई लडने के लिए तैयार रहने के लिए कहा
समाना (पटियाला)  (रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो) : कांग्रेसी नेता राहुल गांधी ने आज कहा कि मोदी सरकार की देश विरोधी नीति और कार्यवाही से हमारा मुल्क कमज़ोर हुआ है जिस कारण चीन ने भारत में दाखि़ल होने और हमारे सैनिकों को मारने का साहस किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के मुल्क विरोधी कदमों की ताज़ा मिसाल खेती कानूनों से ली जा सकती है।
राहुल गांधी ने कहा कि चीन को एहसास हो गया है कि मोदी ने भारत को कमज़ोर कर दिया है और उसने हमारी ज़मीन के 1200 किलोमीटर पर कंट्रोल करने के लिए इसका फ़ायदा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारे मुल्क की कमर तोड़ कर रख दी है जिसका आर्थिक विकास जो डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के समय 9 प्रतिशत थी अब 24 प्रतिशत पर पहुँच गया है। नरेन्द्र मोदी की तरफ से अपने पूँजीपति और औद्योगिक मित्रों की मदद करने के लिए मुल्क को बर्बादी के रास्ते पर डालने का दोष लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत पीछे की ओर जा रहा है और यह बात चीन जानता है।
राहुल गांधी ने कहा कि आखिर चीन क्यों हमारे क्षेत्र में दाखि़ल होने की हिम्मत करेगा? यदि मोदी के दावे के मुताबिक चीनी भारत में दाखि़ल नहीं हुए तो वह हमारे 20 सैनिकों को कैसे मार सकते हैं जोकि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय क्षेत्र में थे?
श्री गुरु नानक देव जी के कथन कि ‘सत्य से कोई नहीं भाग सकता’ का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यदि हम आज सत्य का सामना नहीं करते तो हम इसका खाम्याज़ा भुगतेंगे। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव जी ने सत्य का मार्ग दिखाया है और लोगों को ख़ास कर किसानों को भी इसी मार्ग पर चलने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि आप इससे बचकर भाग नहीं सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान कोई साधारण लोग नहीं हैं बल्कि हमारे मुल्क की रीढ़ की हड्डी हैं।
राहुल गांधी ने लोगों को सम्मुख होते हुए कहा कि आप चुप क्यों हो? हरियाणा चुप क्यों है? पंजाब के शेर दहाड़ क्यों नहीं रहे? उन्होंने लोगों को केंद्र सरकार के ज़ुल्मों के खि़लाफ़ उठने की अपील करते हुए कहा कि वह उनके हर कदम के साथ डट कर चलेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि यदि मोदी को किसानों और गरीबों की ताकत का एहसास नहीं है तो हम मिलकर उनको अपनी शक्ति का एहसास करावांगे। उन्होंने ऐलान किया कि वह केंद्र की भाजपा सरकार से नहीं डरते। उन्होंने मोदी सरकार की निंदा करते हुए कहा कि केंद्र की तरफ से कॉर्पोरेट घरानों के द्वारा मीडिया पर कंट्रोल किया हुआ है और असहमति के विरुद्ध उठने वाली हर आवाज़ को दबाया जा रहा है।
राहुल गांधी यहाँ कैप्टन अमरिन्दर सिंह के साथ पंजाब में खेती बचाओ यात्रा के दूसरे दिन की समाप्ति के अवसर पर एक रैली को संबोधन कर रहे थे।
राहुल गांधी ने किसानों को नरेन्द्र मोदी सरकार के ख़तरनाक इरादों के विरुद्ध सावधान करते हुए कहा कि केंद्र के इरादे सोचे-समझे और बदनीयत वाले एजंडे का हिस्सा हैं जिससे मु_ी भर उद्योगपतियों के हित पालने के लिए किसानों की जि़ंदगी को तबाह किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की रूचि सिफऱ् अपने तीन-चार उद्योगपति मित्रों की सहायता करने में है। लॉकडाउन के समय के दौरान प्रवासियों की दुर्दशा और नोटबन्दी और जी.एस.टी. से पैदा हुए संकट को याद करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री आम लोगों की कोई परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा कि नोटबन्दी के बाद उद्योगपतियों के लिए 3.50 लाख करोड़ रुपए का कजऱ् माफ किया गया और यहाँ तक कि कोविड के समय के दौरान भी इनको रियायतें दी जा रही हैं परन्तु गरीबों को सिफऱ् सब्सिडियाँ ही मिल रही हैं।
कोविड सम्बन्धी प्रधानमंत्री के झूठ की कड़ी निंदे करते हुए श्री राहुल ने लोगों को याद करवाया कि मोदी ने दावा किया था कि महामारी के विरुद्ध जंग 22 दिनों में जीत ली जायेगी। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसा हुआ है? अगर ऐसा है, तो फिर लोग मास्क क्यों पहन रहे हैं?
श्री राहुल गांधी ने किसानों को सावधान किया कि केंद्र के नये कानून एमएसपी, एफसीआई व्यवस्था और मंडियों को ख़त्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि यह अगले 2-3 सालों में नहीं हो सकता, यह मोदी की आखिरी बाज़ी है जिसके साथ वह सिफऱ् अपने कॉर्पोरेट मित्रों ख़ास तौर पर अम्बानी और अडानी को प्रफुल्लित करने का उद्देश्य रखते हैं। उन्होंने किसानों को चौकन्ना करते हुए कहा कि नये खेती कानूनी के साथ खरीद प्रक्रिया में आई रुकावट पूरी लड़ी को तोड़ देगी। उन्होंने आगे कहा कि किसान इन कॉर्पोरेटों के ग़ुलाम बन जाएंगे और आखिरकार सारा देश एक बार फिर ग़ुलाम बन जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती कानूनों के कारण कृषि का भविष्य बड़े खतरे में पड़ गया है क्योंकि दिल्ली सरकार ने यह कानून किसानों और राज्यों पर ज़बरदस्ती थोपा है। उन्होंने सावधान करते हुए कहा कि छोटे किसान, जो किसानी भाईचारे का 70 प्रतिशत हिस्सा हैं, पूरी तरह तबाह हो जाएंगे।
किसान भाईचारे को कोई नुक्सान न होने देने का वादा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और इसके किसानों को लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष का सामना करना पड़ा है और उन्होंने किसानों को लम्बे और मुश्किल भरे संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की।
पंजाब और इसके किसानों, जो भारत और इसकी जनता की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते रहे हैं, के साथ भेदभाव करने के लिए मोदी सरकार पर बरसते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान इन किसानों ने किसी को भी भूखा नहीं रहने दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह खेती कानून मंडी बोर्ड को तबाह करने के साथ साथ ग्रामीण विकास को ठप्प कर देंगे और पीडीएस प्रणाली को भी ख़त्म कर देंगे क्योंकि यह अडानी और अम्बानी गरीबों की कोई भी परवाह नहीं करेंगे।
इसके उपरांत श्री राहुल गांधी और कैप्टन अमरिन्दर सिंह किसानों और आढ़तियों के साथ बातचीत करने के लिए दाना मंडी गए और किसानों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके हकों रक्षा के लिए हर लड़ाई लड़ेगी।
समाना की अनाज मंडी में हुई इस रैली में ए.आई.सी.सी के महासचिव हरीश रावत, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह, विधायक रजिन्दर सिंह सहित कई कैबिनेट मंत्री और पंजाब कांग्रेस के संसद मैंबर और विधायक मौजूद थे। इस रैली में बड़ी संख्या में नाराज़ किसान, आढ़ती, मज़दूर और सैंकड़ो आम लोग शामिल हुए।
इस मौके पर दूसरों के अलावा कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा, साधु सिंह धर्मसोत, राणा गुरमीत सिंह सोढी और विजय इंदर सिंगला के अलावा संसद मैंबर गुरजीत सिंह औजला, विधायक हरदयाल कम्बोज़, मदन लाल जलालपुर, निर्मल सिंह, कुलजीत सिंह नागरा और इन्दु मल्होत्रा, पंजाब महिला समाज कल्याण बोर्ड के चेयरपर्सन गुरशरण कौर रंधावा और पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिन्दर ढिल्लों शामिल थे।

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