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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आशु द्वारा पंजाब में धान की सरकारी खऱीद की शुरूआत

     *     कैप्टन सरकार किसानों के साथ खड़ी-भारत भूषण आशु
     *     कहा, कोविड के बावजूद धान की फ़सल की खऱीद निर्विघ्न करवाई जाएगी
     *     पंजाब के 4035 खऱीद केन्द्रों में 170 लाख मीट्रिक टन धान की खऱीद के लिए तैयारी
     *     इस महीने 30 लाख मीट्रिक टन अनाज बाहर के राज्यों को 1000 स्पैशलों के द्वारा भेजा
चंडीगढ़(रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो) : पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता सुरक्षा मामले मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने राज्य में धान की सरकारी खऱीद की शुरुआत आज राजपुरा की अनाज मंडी से करवाई। इस मौके पर श्री आशु ने दोहराया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है और केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए किसान विरोधी बिल वापस करवाने के लिए हर प्रयास इस्तेमाल किया जाएगा। उनके साथ हलका राजपुरा के विधायक श्री हरदयाल सिंह कम्बोज़, हलका घन्नौर के विधायक श्री मदन लाल जलालपुर और डायरैक्टर खाद्य आपूर्ति श्रीमती अनिन्दिता मित्रा भी मौजद थीं।
पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए श्री आशु ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत राज्य सरकार ने राज्य की मंडियों से 170 लाख मीट्रिक टन धान की खऱीद के प्रबंध किए हैं। किसानों द्वारा छह महीनों की मेहनत के साथ पाली गई फ़सल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा, जिसके लिए पंजाब सरकार ने राज्य की सभी मंडियों में कोविड की महामारी को ध्यान में रखते हुए धान की फ़सल की सुचारू और निर्विघ्न खऱीद के पुख़्ता इंतज़ाम किए हैं।
खाद्य मंत्री ने बताया कि धान की फ़सल समय से पहले आने के कारण सरकार ने किसानों की फ़सल की उठवाई भी अग्रिम ही करवाने के लिए आज से धान की सरकारी खऱीद शुरू करवाई है। कोविड के कारण इस बार राज्य में मंडी बोर्ड द्वारा 4035 खऱीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ 30-30 फूट के खाने बनाए गए हैं और मास्क और हाथ धोने के लिए साबुन और सैनेटाईजऱ का भी प्रबंध है, जिससे धान की फ़सल को बेचते समय किसानों को कोई परेशानी न आए और वह कोविड की बीमारी से भी बच सकें। इसके अलावा फ़सल की उठवाई के लिए मज़दूरों, बारदाने और ट्रांसपोर्ट के भी प्रबंध मुकम्मल हैं।
श्री आशु ने किसानों से अपील की कि कोविड महामारी के कारण खेतों में पराली को आग न लगाई जाए और अपनी फ़सल सुखा कर ही मंडियों में लाएं। उन्होंने बताया कि मंडियों में किसानों और मज़दूरों के लिए ज़रूरी सुविधाओं के पुख़्ता प्रबंध किए गए हैं।      श्री आशु ने बताया कि गेहूँ के सीजन की तरह ही पास प्रणाली के द्वारा किसान अपनी फ़सल मंडियों में ला सकेगा और यह अलग-अलग दिनों के लिए अलग-अलग रंगों के पास आढ़तियों से प्राप्त किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के आढ़तियों से अपील की गई है कि वह खऱीदी गई फ़सल की अदायगी एम.एस.पी. (1888 रुपए प्रति क्विंटल) के हिसाब से साथ-के-साथ किसानों के खातों में ट्रांस्फर करते रहें।
     श्री भारत भूषण आशु ने कहा कि राज्य में धान की खऱीद के लिए नगद-क्रेडिट सीमा (सी.सी.एल) भी एक दो दिनों में जारी हो जाएगी। जब कि धान की खऱीदी गई फ़सल के भंडारण के लिए जगह भी खाली करवाई जा रही है और यह भी एक रिकॉर्ड है कि एक महीने में 1000 स्पैशल गाड़ीयों के द्वारा 30 लाख मीट्रिक टन अनाज (गेहूँ और चावल) की उठवाई की गई हो। उन्होंने और कहा कि जूट मिलों द्वारा 66 प्रतिशत नई ग_ें सप्लाई करने करके सरकार ने मिलरज़ को 70 प्रतिशत बैग लगाने के लिए कहा है, जिससे धान की भराई और उठवाई में कोई मुश्किल न आए।
     एक सवाल के जवाब में श्री आशु ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पास किए गए बिलों संबंधी राज्य सरकारें, किसानों और आढ़तियों समेत सम्बन्धित पक्षों के बहुत सी शंकाओं और अंदेशे हैं परंतु केंद्र सरकार यह शंकाएं निवृत करने से भाग रही है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार ने यह बिल वापस करवाने के लिए पहलकदमी की है और सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह किसानों की बात सुने और फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बंद नहीं होना चाहिए और मंडीकरण ढांचे का भी कोई नुकसान नहीं होना चाहिए।
एक अन्य सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि अकाली दल ने केंद्र सरकार में हिस्सेदार होते हुए पहले इन बिलों को सहमति देकर यू टर्न लिया है। परंतु पंजाब विधानसभा में अकाली दल ने पीठ दिखाई थी और अब किसानों के विरोध को देखते हुए अपना फ़ैसला बदला है, परंतु पंजाब का किसान समझदार है और सब जानता है कि कौन क्या कर रहा है? उन्होंने अकाली दल-भाजपा गठबंधन टूट जाने पर कहा कि अकाली दल ने यह फ़ैसला उस समय पर लिया है जब इसके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गई।
इससे पहले श्री भारत भूषण आशु ने आढ़तिया एसोसिएशन और सेलर एसोसिएशन के नुमायंदों और अलग-अलग खऱीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस मौके पर पंजाब मंडी बोर्ड के सीनियर वाइस चेयरमैन श्री विजय कालड़ा, खाद्य एवं सिविल सप्लाईज़ और उपभोक्ता सुरक्षा मामले विभाग के डायरैक्टर श्रीमती अनिन्दिता मित्रा, मार्केट कमेटी राजपुरा के चेयरमैन श्री बलदेव सिंह गद्दोमाजरा, श्री निर्भय सिंह मिलटी, सेलर ऐशोसीएशन के प्रधान ज्ञान भारद्वाज, संयुक्त डायरैक्टर अंजुमन भास्कर, एस.डी.एम. खु़शदिल सिंह, डिप्टी डायरैक्टर मुनीश नरूला, डी.एफ.एस.सी. हर्शरणजीत सिंह बराड़, डीएमओ अजयपाल सिंह बराड़, डी.एफ.ओ. रूपप्रीत कौर संधू, नगर कौंसिल के पूर्व प्रधान नरेन्द्र शास्त्री, आढ़तिया एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह लाडा, मेजर सिंह लैहल, खज़़ान सिंह लाली, व्यापार मंडल प्रधान नरेन्दर सोनी, मार्केट कमेटी सचिव जय विजय समेत बड़ी संख्या में किसान और आढ़तिये मौजूद थे।
फोटो कैप्शन-पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाईज़ और उपभोक्ता सुरक्षा मामले विभाग के मंत्री श्री भारत भूषण आशु राजपुरा में धान की सरकारी खऱीद की शुरुआत राजपुरा की अनाज मंडी से करवाते हुए। उनके साथ हलका राजपुरा के विधायक श्री हरदयाल सिंह कम्बोज़, हलका घन्नौर के विधायक श्री मदन लाल जलालपुर और डायरैक्टर खाद्य सप्लाई श्रीमती अनिन्दिता मित्रा भी मौजद थीं।

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