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UP: अयोध्‍या मां का दूध वाले बयान पर तिलमिलाए महंत राजू दास का बयान

उत्तर प्रदेश।(ब्यूरो) अयोध्‍या में हनुमान गढ़ी के महंत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह साधु, संतों का अपमान है। अयोध्या के संतों के एक खेमे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या आगमन का विरोध किया था। इस पर चंपत राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि किसकी मां ने इतना दूध पिलाया है जो उद्धव ठाकरे को अयोध्या आने से रोके।

इससे पहले अयोध्या के संतों के एक खेमे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या आगमन का विरोध किया था। पर अब चंपत राय के बयान के बाद उद्धव के खिलाफ बोलने वाले हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास तिलमिला गए हैं। महंत राजू दास ने चंपत राय को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे जिस तरीके का बयान दे रहे हैं वह ईस्ट इंडिया कंपनी की भाषा है। इसको कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उद्धव के साथ चंपत राय- ‘किसकी मां ने दूध पिलाया जो अयोध्या में उन्हें घुसने से रोक सके’

‘चंपत राय एक संगठन के छोटे से पदाधिकारी’
महंत राजू दास ने कहा, ‘उनका बयान साधु संतों का अपमान है। वह भगवान श्री राम की धरती को गाली दे रहे हैं। मैं उनके बयान की में घोर निंदा करता हूं। चंपत राय किसी मंदिर या मठ के महंत नहीं हैं। वे एक संगठन के छोटे से पदाधिकारी हैं’ महंत राजू दास यहीं नहीं रुके उन्‍होंने आगे कहा, ‘बीजेपी संगठन से भी अपील है कि ऐसे लोगों की अयोध्या में जरूरत नहीं है।’

पालघर की घटना का किया उल्‍लेख
महाराष्‍ट्र की पालघर की घटना का जिक्र करते हुए हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा, ‘महाराष्ट्र में संतों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण थी। उसके विरोध में हम लोगों ने आवाज उठाई और यह मांग रखी कि महाराष्ट्र में साधु की हत्या की जांच और दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। घटना के समय उपस्थित पुलिस वालों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। हम लोगों की मांग पर लंबा समय बीत जाने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार ने ध्यान नहीं दिया। न्याय की गुहार लगाने वाले वकील की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।’

‘उद्धव का विरोध बाला साहेब ठाकरे का विरोध नहीं’
कंगना रनौत वाले मसले पर महंत राजू दास बोले, ‘महाराष्ट्र सरकार की कथित तानाशाही का विरोध करने वाली कंगना रनौत के मकानों और दफ्तरों पर बुलडोजर चलाया गया। यह अन्याय है और इस पर चुप नहीं बैठा जा सकता। हमने उद्धव ठाकरे का इस नाते विरोध किया था कि अगर वह अयोध्या आते हैं तो फिर उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हम स्वर्गीय बाला साहब ठाकरे का विरोध नहीं कर रहे हैं। वह हिंदू हृदय सम्राट थे, जिन्होंने विवादित ढांचे के विध्वंस में सहयोग किया था।’ महंत राजू दास ने कहा कि उद्धव ठाकरे का क्रियाकलाप सनातन संस्कृति के विपरीत है। इस नाते हम उनका विरोध कर रहे हैं।

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