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सुखबीर लोगों को स्पष्ट करे कि कृषि अध्यादेश किसान समर्थकीय हैं या किसान विरोधी-तृप्त बाजवा

* क्या पार्लियामेंट में शिरोमणि अकाली दल कृषि अध्यादेशों का विरोध करेगा, पंचायत मंत्री ने पूछा
* अकाली दल का नया स्टैंड लोगों की आँखों में धूल झोंकने का ही एक और ढंग

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल को कहा है कि वह इधर-उधर की बातें करने की बजाए राज्य के लोगों को यह स्पष्ट करें कि वह केंद्र सरकार की तरफ से कृषि सुधारों के नाम पर लाए गए अध्यादेशों को किसान समर्थकीय समझते हैं या किसान विरोधी। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल को यह भी स्पष्ट करने के लिए कहा कि आगामी पार्लियामेंट सैशन के दौरान उनकी पार्टी इन अध्यादेशों के हक में होगी या विरोध करेगी।
श्री बाजवा ने आज यहाँ जारी किए गए अपने एक प्रैस बयान में कहा है कि सुखबीर सिंह बादल अभी भी छलावे भरी बातें करके इन किसान विरोधी अध्यादेशों पर पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को यह अच्छी तरह से पता है कि यह अध्यादेश पार्लियामेंट में इसी सैशन के दौरान और इसी रूप में पेश किए जाने हैं। इसलिए सुखबीर सिंह बादल को केंद्र सरकार को किसानों के अंदेशे दूर करने के बाद ही इन अध्यादेशों को पेश करने की अपील का ढोंग रचने की जगह यह फ़ैसला करना चाहिए कि उनकी पार्टी इनमें कोई संशोधन प्रस्ताव पेश करेगी या इनका विरोध करेगी और या फिर अपने पुराने स्टैंड के अनुसार इनको किसान हिमायती बताकर इसके हक में बोलेगी।
पंचायत मंत्री ने कहा कि दरअसल सुखबीर सिंह बादल को पहले दिन से ही यह स्पष्ट था कि यह अध्यादेश किसानों के लिए घातक साबित होने के साथ-साथ राज्यों के अधिकारों पर भी डाका मारते हैं। परन्तु वह अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल की कुर्सी बचाने की ख़ातिर किसानों के हितों और पंजाब के साथ कोरी गद्दारी करके इन अध्यादेशों को बहुत ही ढीठ तरीके से किसानों के लिए लाभप्रद करार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने झूठ को सत्य बनाने के लिए सुखबीर सिंह बादल ने अपने बुज़ुर्ग पिता प्रकाश सिंह बादल से अध्यादेशों के हक में बयान दिलवा कर उनका बचा खुचा सम्मान भी दाव पर लगा दिया।
श्री बाजवा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल द्वारा अध्यादेशों पर अपनाए गए नए पैंतरे लोगों के गुस्से से डरते हुए और लोगों की आँखों में धूल झोंकने के लिए रचा गया एक नया ढोंग है। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल में निजी और पारिवारिक हितों से ऊपर उठकर पंजाब और किसानों के हितों के लिए लडऩे का मादा ही नहीं है।
पंचायत मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों को किसी भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि धारा 370 ख़त्म करने, राज्य का दर्जा ख़त्म करके जम्मू-कश्मीर को केंद्रीय शासित प्रदेश बनाने और सिटिजऩ अमेंडमैंट एक्ट जैसे लोग ख़ासकर के अल्पसंख्यक विरोधी कानूनों के हक में बोलने वाली शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा का पिछलग्गू बनकर इन कृषि अध्यादेशों के भी हक में ही वोट डालनी है।

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