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कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ‘आप’ विधायक द्वारा कोविड किटों के टैंडर को अंतिम रूप देने से पहले ही खरीद में घपलेबाज़ी के दोष लगाने को हास्यप्रद और बेतुका करार दिया

   चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) :  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आम आदमी पार्टी द्वारा राज्य सरकार पर कोविड केयर किटों के टैंडर को अंतिम रूप देने से पहले ही खऱीद में घपलेबाज़ी के दोष लगाने को हास्यप्रद और बेतुका करार दिया है, जिनका कोई आधार नहीं है।
‘आप’ विधायक अमन अरोड़ा द्वारा किटें खरीदने में घपलेबाज़ी के लगाए गए दोषों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पर हर समय हमला करने की इच्छा में रहने वाली आम आदमी पार्टी गलत और सही में परख करना ही भूल गई है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किटों की खरीद के लिए टैंडर को अंतिम रूप देने से पहले ही अमन अरोड़ा ने घपलेबाज़ी के दोष लगा दिए हैं। उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 360 रुपए (जी.एस.टी. अलग) के पल्स ऑक्सीमीटर के साथ किट की लागत को 748 रुपए अंतिम रूप दिया है।
आप विधायक ने एक रेट लिस्ट (जो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भेजी है) पर आधारित दोष लगाए हैं, जिसमें वास्तव में 13 आईटमों की सूची दी गई है, जबकि सरकारी किट के लिए 16 आइटमें खरीदी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरोड़ा की सूची में कैप्सूल विटामिन डी, बीटाडिन गारगिल और बैलूनज़ शामिल ही नहीं है। इसके अलावा उनकी सूची में 100 मिलीलीटर का सैनीटाईजऱ है, जबकि सरकारी किट में 500 मिलीलीटर का सैनीटाईजऱ है। उन्होंने आगे कहा कि बाज़ार में 10 रुपए का तरल काड्हा मौजूद ही नहीं है। शायद आम आदमी पार्टी ऐसे कुछ काड्हे अपने स्तर पर या दिल्ली के बाज़ार में बना रही है।
अरोड़ा के घपलो के दोषों को ऊट-पटांग करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीद से पहले ही दोष लगाकर ‘आप’ विधायक ने अपनी पार्टी की राज्य सरकार के विरुद्ध तथ्य रहित नकारात्मक प्रचार करने की रणनीति को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘आप ने सिद्ध कर दिया है कि आप पंजाब में अपना राजनैतिक एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए मेरी सरकार के विरुद्ध किसी भी स्तर तक जा सकते हो, चाहे पूरी तरह से काल्पनिक और झूठे दोष ही लगाने पड़ें।’’ उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग आप के इस ड्रामे और झूठे प्रचार पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों और अस्पतालों में एकांतवास किए गए लोगों को मुफ़्त किटों के ऐलान करने के मौके पर उन्होंने विभिन्न आईटमों की बाज़ारी कीमत पर आधारित अनुमानित लागत दी थी। बाज़ारी कीमतों में उतार-चढ़ाव आता रहता है जिस संबंधी अरोड़ा या तो अंजान है या फिर लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझ कर नजऱअन्दाज़ कर रहा है।
कैप्टन अमरिन्दर ने बताया कि उनके द्वारा पहले ऐलान किया गया 1700 रुपए का अनुमान उस कीमत पर आधारित था जिस पर पंजाब पुलिस स्थानीय बाज़ारों से यह किटें बाज़ारी कीमत 4000 रुपए के मुकाबले अपनी ज़रूरत के अनुसार कम संख्या में खऱीद रही थी। उन्होंने आगे कहा कि खऱीद प्रक्रिया टैंडर-आधारित है, जिसका उन्होंने अपने ऐलान में स्पष्ट तौर पर जि़क्र किया था। उन्होंने कहा कि आखिर में राज्य सरकार को किट के लिए जो अंतिम कीमत प्राप्त हुई, वह बहुत कम निकली। उन्होंने कहा कि जैसे कि पहले ही ऐलान किया गया है कि यह किटें अस्पताल और घरेलू एकांतवास के अधीन कोविड के सभी मरीज़ों को मुफ़्त बाँटीं जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परन्तु अरोड़ा को गलत जानकारी फैलाने की इतनी जल्दी थी कि उन्होंने सरकार के टैंडर को अंतिम रूप देने सम्बन्धी इंतज़ार करने की असुविधा नहीं की। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि झूठा प्रचार ‘आप’ की प्रकृति और राजनैतिक रणनीति बन गया है। कोविड के मरीज़ों के अंग निकाले जाने सम्बन्धी फज़ऱ्ी वीडियो फैलाने के लिए हाल ही में ‘आप’ के एक कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी से यह पता लगता है कि यह लोग पंजाब में अपने संकुचित राजनैतिक हितों की पूर्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दरअसल थोक खऱीद की कम कीमत को देखते हुए सरकार किटों के लिए प्राप्त करने में कामयाब रही है, उनकी सरकार ने प्रामाणित विक्रेताओं के द्वारा बिना न$फे-नुकसान के आधार पर ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराने का फ़ैसला किया है, जो उनकी तरफ से कल किए गए ऐलान के अनुसार 514 रुपए की अपेक्षा कम कीमत पर बेचे जाएंगे। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि पल्स ऑक्सीमीटर भी बाज़ार में अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध हैं, कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार यह दिल्ली, जहाँ आप की सरकार है, में 700 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक बेचे जा रहे हैं। इसके उलट किट में ऑक्सीमीटर के लिए अंतिम कीमत 360 रुपए और जी.एस.टी. निर्धारित की गई है।
अरोड़ा के सुझाव पर प्रतिक्रिया ज़ाहिर करते हुए कि पंजाब सरकार को अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की तजऱ् पर कोविड महामारी के साथ निपटना चाहिए, मुख्यमंत्री ने कहा कि उक्त विधायक या तो अपने राज्य की स्थिति से पूरी तरह अंजान है या नहीं जानते कि राष्ट्रीय राजधानी में क्या हो रहा है, जहाँ पिछले लगभग एक हफ्ते से रोज़ाना मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है।

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