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क्रिकेटर सुरेश रैना के रिश्तेदारों पर हमले की जांच के लिए मुख्यमंत्री के आदेशों पर एस.आई.टी. का गठन

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) :  क्रिकेटर सुरेश रैना के रिश्तेदारों पर हुए हमले की जांच के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जो ख़ुद इस मामले की निजी तौर पर निगरानी रख रहे हैं, के आदेशों पर डी.जी.पी. पंजाब ने विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) बना दी है।
अशोक कुमार जो क्रिकेटर सुरेश रैना के अंकल हैं, मौके पर ही दम तोड़ गए थे जबकि उसका ज़ख्मी हुआ बेटा सोमवार को दम तोड़ गया। तीन अन्य पारिवारिक मैंबर ज़ख्मी हो गए थे जिनमें से अशोक कुमार की पत्नी आशा रानी इस समय पर नाजुक हालत में है।
डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता के अनुसार हालाँकि प्राथमिक जांच के दौरान यह संकेत मिले हैं कि इस हमले के पीछे ग़ैर-अधिसूचित जुराईम कबीलों का हाथ है जिनको अक्सर ही पंजाब-हिमाचल प्रदेश सरहद के साथ ऐसी वारदातें करते देखा जाता है परन्तु फिर भी एस.आई.टी. को इस मामले से जुड़े हर पक्ष को जाँचने के लिए कहा गया है। इस मामले की दिन -रात जांच के लिए संगठित अपराध रोकथाम यूनिट की विशेष टीमों को भी शामिल किया गया है।
इस तरह के अपराधों में शामिल शक्की व्यक्तियों की खोज के लिए अंतर-राज्ज़ीय छापेमारी जारी है और 35 से अधिक शक्की व्यक्ति निगरानी अधीन है। हिमाचल और उत्तर प्रदेश के कुछ व्यक्तियों की शक्कियों के तौर पर शिनाख़्त हुई है और उनके मोबाइल नंबर और टिकानों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस के सहयोग के साथ गुरदासपुर, तरन तारन और अमृतसर में भी छापे मारे गए हैं।
डी.जी.पी. के अनुसार मृतक अशोक कुमार के साथ काम करते छह मज़दूरों की पूछताछ की गई। अपराध वाले स्थान और पास के स्थानों के टावर डम्पस लेकर शक्की हरकतों को देखने के लिए तकनीकी विश्लेषण के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी शक्की हरकत को देखने के लिए अपराध वाले स्थाना और सेना /बी.एस.ऐफ. वाले स्थानों की सी.सी.टी.वी. फुटेज देखी जा रही है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि अपराधियों की तरफ से पड़ोस के तीन अन्य घरों को भी लूटने की योजना थी।
डी.जी.पी. के अनुसार पंजाब में पिछली ऐसी घटनाओं की भी जांच की जा रही है कि क्या इन मामलों में शक्की व्यक्ति जेल में थे या बाहर।
एस.आई.टी. के विवरण देते हुये दिनकर गुप्ता ने बताया कि इसका नेतृत्व आई.जी.पी. बार्डर रेंज (अमृतसर) एस.पी.एस. परमार कर रहे हैं और इसमें पठानकोट के एस.एस.पी. गुलनीत सिंह खुराना और एस.पी. इन्वेस्टिगेशन प्रभजोत सिंह विर्क और धार कलाँ (पठानकोट) के डी.एस.पी. रवीन्द्र सिंह बतौर मैंबर हैं। ए.डी.जी.पी. कानून-व्यवस्था ईश्वर सिंह को हर रोज़ जांच की निगरानी का काम सौंपा गया है जबकि एस.पी.एस. परमार को राज्य में तैनात किसी भी अन्य पुलिस अधिकारी या अधिकारियों को इस केस की जल्द से जल्द जांच के लिए शामिल करने का अधिकार दिया गया है।
डी.जी.पी. ने कहा कि 19 अगस्त की रात को गाँव थरिआल में घटी घटना जिस सम्बन्धी पुलिस थाना शाहपुर कंडी (पठानकोट) में आई.पी.सी. की धारा 460 /459 /458 के अंतर्गत दर्ज एफ.आई.आर. नंबर 153, तारीख़ 20.08.2020 दर्ज है, की प्रभावशाली जांच के लिए आई.जी.पी. को पंजाब पुलिस के किसी भी अन्य विंग /यूनिट से सहयोग लेने की छुट दी है।
ए.डी.जी.पी. कानून-व्यवस्था और चेयरमैन एस.आई.टी. को निर्देश दिए गए हैं कि वह डी.जी.पी. को रोज़मर्रा की जांच की स्थिति संबंधी अवगत करवाते रहेंगे। डी.जी.पी. ने कहा कि वह बाकायदा मुख्यमंत्री को अपडेट करेंगे जिन्होंने जल्दी जांच और दोषियों की गिरफ़्तारी को यकीनी बनाने के लिए सभी ढंग अपनाने के निर्देश दिए हैं।

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