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44 करोड़ लोगो के सवैधानिक अधिकारों के हनन के संबंध में।

छिन्दवाड़ा (भगवानदीन साहू)- आज अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच के तत्वाधान में सैकड़ों महिलाओं ने 31 अगस्त काला दिवस के उपलक्ष्य में मुख्य न्यायाधीश माननीय सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौप कर संत श्री आशारामजी बापू की जेल से शीघ्र रिहायी की मांग की ज्ञापन में बताया कि – गत कुछ वर्षो से यह देखने में आया है कि देश की न्यायापालिका या सिस्टम किसी दुराग्रह से काम कर रहे है। हिन्दू संतो संस्कृति एवं आस्था से जुडे़ लोगों के साथ जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। वहीं दूसरे धर्म के लोगो या वोटबैंक की राजनीति के कारण अपराधिक प्रकृति के व्यक्तियों के साथ लचीला व्यवहार किया जा रहा है। उदाहरण स्वरूप दिल्ली के जामा मस्जिद के ईमाम बुखारी जिनके खिलाफ सैकड़ों गैर जमानती वारेंट जारी है। फिर की किसी ने आज तक गिरफ्तार नहीं किया। मौलाना शाद जिन्होने तब्लीगी जमात के माध्यम से पूरे देशभर में कोरोना बांट कर हजारों लोगों की जान ले की पुलिस अभी तक उनकों गिरफतार नहीं कर पाई। शपूरा जगार जिसने दिल्ली दंगो में कई माताओं का सुहाग छीन लिया कई बच्चों अनाथ हो गये करोड़ों की सम्पत्ति बरबाद हो गयी जिन्हे न्यायपालिका से शीघ्र जमानत मिल गई। सलमान खान काला हिरण मामला हिट एण्ड रन मामला जैसे संगीन अपराधी को शीध्र जमानत। आंतकववादी याकुब मेमन के लिर रात को कोर्ट खुल जाना एवं ऐसे कई पादरियों पर बलात्कार के संगीन आरोप लगे उन्हें भी शीघ्र जमानत मिल जाना वहीं भारतीय संस्कृति या आस्था जुडे़ मामले चाहे वो राम मंदिर का हो, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, असीमानन्द, डी.जे. बंजारा, संतश्रीआशारामजी बापू ऐसे कई हिन्दू संस्कृति से जुडे़ लोगों के प्रकरण को जबरन लटकाये रखना। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना माहमारी को ध्यान में रखते हुये देश की समस्त जेलों में बंद बुजुर्ग एवं बीमार बंदीयों को शीघ्र जमानत या पेरोल देने का आदेश जारी किया पर निचली अदालतों ने इस आदेश की जानबुझकर अवहेलना कर दी। संत आशारामजी बापू का मामला भी हिन्दू संत एवं सस्कृति से जुड़ा हुआ है। इनके खिलाफ कोई गवाह एवं सबुत न होने के बाबजूद भी जेल मे रखा जा रहा है। आज देष के 650 जिला केन्द्रों पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कृपया 44 करोड़ साधकों के सवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुये आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की। ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन, साध्वी प्रतिमा बहन, गुरूकुल की दर्शना खट्टर, सुमन दोईफोडे, विमल शेरके, डाॅ. मीरा पराड़कर, छाया सूर्यवंशी, शकुन्तला कराड़े, शोभा भोजवानी, वनीता सनोड़िया ममता देवी, अनिता कुमारी, कांता शेरके, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थें। इस कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई, खजरी आश्रम के संचालक जयरामभाई, युवा सेंवा संघ के अध्यख दीपक दोईफोडे, पी.आर. शेरके, एम.आर. पराड़कर ने अपनी सेवाऐं दी।
भगवानदीन साहू
छिन्दवाड़ा म.प्र. 480001
मो. 9303216892

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