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दिल्ली में 50 दिन में पहली बार 2000 के करीब नए मरीज, कोरोना पॉजिटिविटी

राजधानी दिल्ली।(ब्यूरो) कोरोना वायरस का संक्रमण जिस कदर फैला था उसने पूरे देश को डरा दिया था। हर दिन 50 से ज्यादा मौतें और तीन हजार से ज्यादा नए केस आ रहे थे। लेकिन उसके बाद हालात में धीरे- धीरे सुधार हुआ अब फिर दिल्ली की 23 फीसदी जनसंख्या में हर्ड इम्यूनिटी हो गया। लगभग 50 दिन के बाद शनिवार को 1954 पॉजिटिव केस आए। इस आंकड़ें ने एक बार फिर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

शनिवार को दिल्ली में फटा कोरोना बम
दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,954 नए मामले सामने आने के साथ ही शहर में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,71,366 तक पहुंच गई। अगस्त में अब तक एक दिन में सामने आने वाला यह सर्वाधिक आंकड़ा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 15 मरीजों की मौत के बाद इस घातक वायरस से अब तक 4,404 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके मुताबिक, दिल्ली में वर्तमान में 14,040 ऐक्टिव केस हैं।

Covid-19 मामलों की कुल संख्या 1.7 लाख पार
इसके साथ राज्य में Covid-19 मामलों की कुल संख्या 1.7 लाख को पार कर गई है और मरने वालों की संख्या 4,404 हो गई है। 30 जुलाई को यह आंकड़ा घटकर 3,000 से भी कम रह गया था और 5 अगस्त तक ऐसा जारी रहा। लेकिन, नए मामलों में वृद्धि के साथ, कोविद बेड का अधिभोग भी जारी है। शनिवार को, दिल्ली कोरोना ऐप पर रात 8 बजे अस्पतालों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार 4,022 (कुल बिस्तरों का 28%) पर कब्जा कर लिया गया था। वेंटिलेटर सपोर्ट के बिना और वेंटिलेटर वाले आईसीयू बिस्तरों के अधिभोग की दर क्रमशः 50% और 39% थी।

1,954 ताजा मामले, 50% आईसीयू बेड लिया गया
एक आंकड़ें में साफ होता है कि 17 प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों जिनमें कि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सर गंगा राम अस्पताल, मैक्स पटपड़गंज, अपोलो सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं इन अस्पतालों में वेंटिलेटर समर्थन के बिना एक भी आईसीयू बिस्तर उपलब्ध नहीं है। दिल्ली कोरोना ऐप पर साफ दिखता है कि कुल 28 अस्पतालों में आईसीयू बेड नहीं है जिसमें वेंटिलेटर सपोर्ट उपलब्ध हो।

कोरोना के बढ़ते केसेज में भी उम्‍मीद, पिछले डेढ़ महीने से लगातार घट रहा पॉजिटिविटी रेट

अगर किसी इलाके में पिछले 14 दिन में 5% से कम पॉजिटिव‍िटी रेट रहा है तो वह राहत की सांस ले सकता है। प्रशासन वहां लॉकडाउन में ढील दे सकता है। लेकिन 5% से ज्‍यादा पॉजिटिविटी रेट वाले इलाके ‘रेड जोन’ में आते हैं। पॉजिटिविटी रेट जितना ज्‍यादा होगा, वहां संभावना यही है कि ज्‍यादातर बीमारों को टेस्‍ट किया जा रहा है और बड़ी संक्रमित आबादी का टेस्‍ट नहीं हो रहा।

शुक्रवार तक देश के 34 लाख मामलों में से करीब 22% अकेले महाराष्‍ट्र से थे। वहां पिछले 14 दिन से पॉजिटिविटी रेट 20% से ज्‍यादा रहा है। 1-14 अगस्‍त के बीच यह कुछ घटकर 16.5% हुआ था, मगर फिर बढ़ गया। अगस्‍त के पहले 14 दिन छोड़ दें तो 5 जून के बाद से लगातार पॉजिटिविटी रेट 20% से ज्‍यादा रहा है।

दिल्‍ली फिर से रेड जोन की तरफ लौटती दिख रही है। यहां 14 अगस्‍त तक करीब एक महीने में पॉजिटिविटी रेट 6% के आसपास रहा था, अब यह बढ़ने लगा है।

छत्‍तीसगढ़ देश में कोरोना का नया हॉटस्‍पॉट बनकर उभरा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, यहां का पॉजिटिविटी रेट 9% के पार पहुंच गया है। इससे पहले, राज्‍य का पॉजिटिविटी रेट 5% से 6% के बीच रह रहा था।

तमिलनाडु के पॉजिटिविटी रेट में लगातार कमी आई है। 15 जुलाई से 28 जुलाई के बीच यहां का पॉजिटिविटी रेट 10% था, 1-14 अगस्‍त के बीच यह 9% हो गया और 14 अगस्‍त से 27 अगस्‍त के बीच 8% हो गया है।

दिल्ली में लौट सकता है संकट
डॉक्टरों का कहना है कि अगर पिछले एक सप्ताह में नए मामलों में तेजी देखी गई तो दिल्ली जल्द ही एक और गंभीर संकट से घिर सकती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नए मामले ही नहीं पॉजिटिविटी रेट भी कम हुआ है और यह एक चिंताजनक संकेत है।’

पॉजिटिव केस तेजी से आ रहे हैं
लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा, ‘शनिवार को पॉजिटिविटी रेट 8.84 दर्ज की गई। दिल्ली में 22,004 टेस्ट किए गए जिसमें कि 1954 व्यक्ती कोरोना पॉजिटिव आए। इससे पहले, सोमवार से शुक्रवार तक पॉजिटिविटी रेशियो 8.9%, 7.7%, 8.5%, 8.7% और 7.8% दर्ज की गई थी। जुलाई में पॉजिटिविटी की दर 6% से कम हो गई थी।

मामलों में स्पाइक RT-PCR जांच एक कारण
इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलीरी साइंसेज (ILBS) के निदेशक डॉ एसके सरीन का कहना है कि मामलों में स्पाइक RT-PCR जांच एक कारण हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि रैपिड एंटीजन परीक्षणों में संवेदनशीलता कम होती है। यह झूठे नकारात्मक परिणामों को फैलाता है। यह संभव है कि रैपिड एंटीजन परीक्षण में नकारात्मक परीक्षण करने वाले कई लोग वास्तव में सकारात्मक थे और संक्रमण फैलाना जारी रखते थे।’

देशभर में 62,550 की मौत
भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 76,472 नए मामले सामने आने के साथ ही देश में शनिवार को संक्रमण के मामले 34 लाख के आंकड़े को पार कर गए। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आंकडों के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 34,63,972 हो गए हैं। वहीं 1,021 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़ कर 62,550 हो गई है।

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