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कोविड स्थिति की की समीक्षा, अमरिन्दर सिंह गाँवों में कोविड फैलने के मद्देनजऱ जल्द सरपंचों को लिखेंगे पत्र

  चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को डी.जी.पी. को निर्देश दिए कि राज्य में कोविड मामलों की बढ़ती संख्या जो कि 46 हज़ार तक पहुँच चुकी है और 1200 की जान ले चुकी है और जिसके आने वाले हफ़्तों में और बढऩे की संभावना है, के मद्देनजऱ मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार शहरों / कस्बों में शराब के ठेके को शाम 6.30 बजे तक सख़्ती से बंद करवाएं। शराब की यह दुकानें 31 अगस्त तक लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बजे तक खुले रहेंगे और इसके बाद इस फ़ैसले की समीक्षा करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के यह आदेश शहरों में शाम 6.30 बजे, जो कि अन्य दुकानों के बंद होने का समय होता है, से भी काफ़ी समय बाद तक भी शराब की दुकानों के खुले रहने की रिपोर्टों के दरमियान आए हैं।
मुख्यमंत्री राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस महामारी के फैल जाने के मद्देनजऱ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गाँवों के सरपंचों को पत्र लिखेंगे, जिससे सुरक्षा प्रोटोकालें और सावधानियों की पालना यकीनी बनाई जा सके। मुख्यमंत्री राज्य के चोटी के अधिकारियों और स्वास्थ्य / मैडीकल क्षेत्र के माहिरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा राज्य में कोविड की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुए वैंटीलेटरों की कुछ ख़ामियों की रिपोर्ट मिलने संबंधी मुख्यमंत्री ने इनकी तजुर्बेकार इंजीनियरों और डॉक्टरों द्वारा बारीकी से जांच किए जाने के आदेश दिए। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फरीदकोट के विधायक किक्की ढिल्लों द्वारा फरीदकोट मैडीकल कॉलेज में प्रबंधन के बुरे हाल सम्बन्धी लगाए दोषों संबंधी भी पूछताछ की और स्वास्थ्य विभाग को सवाल किया कि क्या कोविड संकट से निपटने के लिए कॉलेज के पास अपेक्षित मात्रा में उपकरण और कर्मचारी हैं। मुख्य सचिव विनी महाजन ने उनको जानकारी दी कि एक आई.ए.एस. अधिकारी जो कि ख़ुद एक एम.बी.बी.एस. डॉक्टर भी है, की तैनाती फरीदकोट अस्पताल में कोविड के प्रबंधन सम्बन्धी मामलों की देख-रेख हेतु की गई है।
मुख्य सचिव ने आगे बताया कि सबसे अधिक मामलों वाले 10 राज्यों की सूची में पंजाब सबसे अन्तिम स्थान पर है, परन्तु मृत्यु की बढ़ती दर चिंता का विषय है। उन्होंने आगे कहा कि निजी अस्पतालों की मदद स्वरूप राज्य मामलों की संख्या बढऩे की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
उन्होंने आगे बताया कि भारत सरकार के कैबिनेट सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्ऱेंस के दौरान यह फ़ैसला किया गया कि हाईड्रौक्सीक्लोरोकुइन उन कोविड मरीज़ों और उनके संपर्कों को दी जाएगी जो कि घरों में एकांतवास किए गए हैं। मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार को अभी तक केंद्र द्वारा कोविड के खर्चों के लिए 101 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए हैं, जिनका यूटीलाईज़ेशन प्रमाण पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 30 करोड़ रुपए की और रकम जल्द ही आने की उम्मीद है, परन्तु राज्य सरकार ने वास्तव में इससे अधिक रकम चाही थी।
मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि केंद्र द्वारा राज्य को मुफ़्त पी.पी.ई. किटें देना बंद करने से राज्य के लिए साधनों की कमी के मद्देनजऱ कठिनाई भरी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए एस.डी.आर.एफ. की हद से खर्चों में छूट के लिए कोशिश जारी है। उन्होंने आगे बताया कि राज्य की तरफ केंद्र को पी.जी.आई. चंडीगढ़ में कोविड संभाल के लिए बैंडों की संख्या बढ़ाने और पंजाब वाले अपने दो और केन्द्रों को कोविड संभाल हेतु चालू करने की विनती की गई थी। एम्स बठिंडा ने कोविड संभाल सम्बन्धी सेवाएं अभी शुरू नहीं की और यह मसला केंद्र सरकार के ध्यान में लाया गया है।
डॉ. के.के. तलवार ने इस मौके पर कोविड मामलों की लगातार बढ़ती जा रही संख्या संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि यह संख्या 46 हज़ार के पार कर चुकी है और 1219 मौतें हो चुकी हैं। स्तर-3 स्तर की संभाल के मामले में मरीज़ों और मौतों की संख्या बढ़ी है और इस स्तर पर आई.सी.यू. सामथ्र्य में विस्तार करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने आगे बताया कि 40 साल से ज़्यादा की उम्र के मरीज़ों, जिनकी मौत की दर अधिक है, पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने और जानकारी दी कि निजी अस्पतालों को भी अपनी सुविधाओं में विस्तार करने संबंधी पूरी मदद दी जा रही है और क्लिनीकल जांच और टेस्टिंग के लिए मोबाइल वैनों की सेवाएं ली जा रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैनों की पहुँच बढ़ाने पर ज़ोर देते हुए उन्होंने बताया कि कोविड टेस्टिंग के लिए अब घर से ही सैंपल लेने की भी इजाज़त दे दी गई है।
डॉ. तलवार ने मुख्यमंत्री को आगे जानकारी देते हुए बताया कि चार बड़े शहरें में से अमृतसर में आंकड़े निरंतर बढ़ रहे हैं जबकि पटियाला की हालत स्थिर है और जालंधर और लुधियाना में मामलों में कमी देखने में आई है। बीते दो दिनों के दौरान लुधियाना के डी.एम.सी. और सिविल अस्पताल में मरीज़ों की संख्या घटी है और कपूरथला, मुक्तसर, मोहाली और नवांशहर में मामले बढ़ते जा रहे हैं।
अगले दो हफ़्तों की संभावना संबंधी जानकारी देते हुए डॉ. तलवार ने बताया कि समय पर जांच, एकांतवास और इलाज करने के लिए संपर्कों का पता लगाने में तेज़ी लाने की बहुत ज़रूरत है, परन्तु बीते दिनों प्रकट की गई संभावनाओं के मुकाबले मौतों की संख्या कम है और यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे लगातार अथक कोशिशों के स्वरूप यह रुझान बरकरार रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी देते हुए सचिव हुसन लाल ने बताया कि राज्य में बीते हफ़्ते के दौरान टेस्टिंग 17 हज़ार से बढक़र 24 हज़ार हो गई है और इसके अगस्त महीने के अंत तक 30 हज़ार प्रतिदिन तक पहुँच जाने की उम्मीद है। इसके मुकाबले पॉजि़टिव मामलों की दर 3-10 अगस्त के हफ़्ते के दौरान 9.31 प्रतिशत से कम होकर 11 -18 अगस्त के हफ़्ते में 8.13 प्रतिशत तक आ गई और 19 -25 अगस्त तक के हफ़्ते के दौरान यह और नीचे आती हुई 7.27 तक आ गई। उन्होंने आगे बताया कि मौतों की संख्या में विस्तार ज़्यादातर स्तर -3 में ही देखने को मिल रहा है और 1 सितम्बर से शुरू हो रहे अगले पड़ाव के लिए एक्शन प्लान के हिस्से के तौर पर नये कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें लुधियाना और पटियाला में मोबाइल टेस्टिंग क्लीनिक शुरू किए जाना शामिल है, जिसके लिए सरकारी मैडीकल कॉलेज पटियाला और सी.एम.सी., डी.एम.सी. लुधियाना द्वारा टीमें मुहैया की जाएंगी। इसके अलावा 35 एम.एम.यूज़ को बड़े शहरों के ज़्यादा खतरे वाले इलाकों में सैंपलिंग के लिए तैनात किया जाएगा और छह ए.एल.एस., 22 बी.एल.एस. (छोटी) और 105 बी.एल.एस. ऐंबूलैंसों की खरीद करने के लिए ऑर्डर दिए जा रहे हैं।
मैडीकल शिक्षा विभाग के सचिव अनिरुद्ध तिवाड़ी ने मीटिंग के मौके पर मैडीकल कॉलेजों में तीसरे दर्जो की देखभाल सम्बन्धी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंभीर मरीज़ों को प्लाज़्मा थैरेपी दी जा रही है परन्तु यह सिफऱ् प्रशिक्षण के स्तर पर है और बचाव की दर केवल 30-50 प्रतिशत के दरमियान है।
राज्य में लॉकडाउन के सार्थक नतीजों संबंधी रौशनी डालते हुए डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने सुझाव दिया कि रैस्टोरैंटें को सिफऱ् होम डिलीवरी के लिए ही खुलने की इजाज़त दी जाए और जिम को बंद रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डिस्पोज़ेबल कपों और प्लेटों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन दिया जाए और ख़ुद ही दवा लेने के खि़लाफ़ एक मुहिम शुरु की जाए। उन्होंने खुलासा किया कि पंजाब पुलिस के अब तक 11 अफसरों की कोविड के कारण मौत हो चुकी है, 1600 एक्टिव मामले हैं, 8 मामले गंभीर हैं और एक नाज़ुक हालत में है।

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