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सुशांत जिंदा रहते इतने मशहूर नहीं थे, जितना मौत के बाद हुए

मुंबई।(ब्यूरो) अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना के संजय राउत के बाद एनसीपी चीफ शरद पवार भी उद्धव सरकार के समर्थन में उतर आए हैं। पवार ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा है। हालांकि अगर किसी को लगता है कि इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए, तो मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है। इसके अलावा उन्होंने अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की ओर से की गई सीबीआई जांच की मांग को भी खारिज किया। शरद पवार ने कहा कि पार्थ बच्चा है, अनुभवहीन है।

रद पवार ने कहा कि जिस तरह इस घटना को मीडिया में तवज्जो दी जा रही है वह आश्चर्यजनक है। जांच सीबीआई या कोई भी करे, लेकिन मुझे मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है। उधर इस घटना में ठाकरे परिवार को बदनाम करने की साजिश के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि इसके पीछे का उद्देश्य क्या है।

पवार बोले, 20 किसानों की आत्महत्या की चर्चा तक नहीं
पवार ने कहा, ‘मुझे महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस पर पिछले पचास सालों से विश्वास है। जांच किसी से भी करवाई जाए, वह राज्य सरकार और सीबीआई का विषय है।’ उन्होंने आगे कहा कि एक व्यक्ति ने आत्महत्या की तो इतना हो रहा है, परसों सतारा में एक किसान ने कहा कि हमारे जिले में 20 किसानों ने आत्महत्या कर ली, लेकिन उस पर बात नहीं हो रही।

बिहार बनाम महाराष्ट्र की लड़ाई बना सुशांत केस
दरअसल बॉलिवुड ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत बिहार बनाम महाराष्ट्र की लड़ाई बन गई है। पवार से पहले शिवसेना सांसद संजय राउत भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। उन्होंने शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखे लेख में तो सुशांत के परिवार पर ही आरोप लगाया था कि सुशांत के पिता केके सिंह ने दूसरी शादी की थी। सुशांत इस शादी के खिलाफ थे और इस वजह से पिता के साथ उनके संबंध ठीक नहीं थे। हालांकि बाद में सुशांत के मामा आर सी सिंह ने दूसरी शादी की बात को सिरे से खारिज किया था।

इसके अलावा NCP नेता माजिद मेमन के सुशांत को लेकर दिए बयान पर विवाद खड़ा हो गया। माजिद मेमन ने बुधवार को एक ट्वीट कर कहा कि सुशांत सिंह राजपूत को उनकी मौत के बाद उनकी जिंदगी से कहीं ज्यादा पॉपुलैरिटी मिल रही है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सुशांत अपनी जिंदगी में उतने मशहूर नहीं थे, जितना मौत के बाद हो गए हैं। मीडिया में उन्हें जितनी जगह मिल रही है, उतनी तो हमारे प्रधानमंत्री या फिर अमेरिका के राष्ट्रपति को भी नहीं मिलती होगी।’ हालांकि इस बयान पर विरोध उठने के बाद पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने सफाई देते हुए कहा कि यह माजिद का निजी बयान है और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

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