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दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव का आदेश, पीसीआर कॉल पर मुकदमा दर्ज करने व बदमाशों को पकड़ने का आदेश

दिल्ली। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव तरह-तरह के कदम उठा रहे हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्होंने हर पीसीआर कॉल पर मुकदमा दर्ज करने व बदमाशों को पकड़ने का आदेश दिया। मुखिया का आदेश मिलने पर पुलिस ने ऐसा करना शुरू कर दिया। हर दिन 100 से ज्यादा बदमाश पकड़े जाने लगे। इससे पहले जहां हर महीनें वारदातों की 5000 पीसीआर कॉल आती थीं। सभी कॉल पर मुकदमा दर्ज नहीं होते थे तो बदमाश पकड़े भी नहीं जा रहे थे। अब केस दर्ज होने व बदमाशों के पकड़े जाने पर वारदातों की कॉल की संख्सा घटकर 2000 रह गई। आयुक्त ने हर शनिवार अपराध समीक्षा बैठक करना शुरू कर दिया। ये पहले आयुक्त हैं जो हर सप्ताह बैठक ले रहे हैं पहले महीने में बैठक होती थी। बैठक में मीडिया रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है। थानेदारों को बताना होता है कि सप्ताह में उन्होंने क्या काम किया। गलत काम करने संबंधी रिपोर्ट तो नहीं छपी। इनसब के आधार पर आंकलन किया जाता है।

गत दिनों लक्ष्मीनगर के एक ज्वेलर से राजघाट के पास 4.5 किलो सोना व 14 लाख रुपये नकदी लूटने के मामले को क्राइम ब्रांच ने भले ही सुलझा लिया है लेकिन इसको लेकर महकमे में खूब चर्चा हो रही है। चांदनी चौक में इस ज्वेलर की दुकान है पर वह दुबई से सोना तस्करी का भी धंधा करता है। क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर हरियाणा पुलिस के बर्खास्त सिपाही ने साथियों के साथ पहले तो कार सवार पिता-पुत्र को अगवा कर दिल्ली की सड़कों पर घुमाते रहे फिर बुराड़ी के पास लूटकर उन्हें छोड़ दिया था। वारदात के बाद ज्वेलर ने पीसीआर कॉल नहीं की क्योंकि सोना तस्करी वाला था। उसने पहले गीता कालोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराने की पूरी कोशिश की ¨कतु नहीं करा पाने पर क्राइम ब्रांच के एक डीसीपी से संपर्क साधा। क्राइम ब्रांच ने मुकदमा दर्ज कर गत दिनों सात बदमाशों को पकड़ दो किलो सोना व 35 लाख नकदी बरामद कर लिया। चर्चा है शुद्ध सोना की जगह कुछ और बरामदगी दिखा दी। कुछ आरोपित को छोड़ भी दिया। बदमाशों ने सोना एक करोड़ में बेच दिया था।

नई दिल्ली जिला के डीसीपी ईश सिंघल सीधे, संकोची व सरल स्वाभाव के माने जाते हैं। एक अगस्त से दिल्ली पुलिस प्रवक्ता की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर वह अक्सर जिले के कामकाज से निबटने के बाद पुराना पुलिस मुख्यालय आकर अतिरिक्त जन संपर्क अधिकारी के पास दो-तीन घंटे बैठते हैं और प्रवक्ता का काम सीखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एसआइ प्रेस के फंक्सन के बारे में जानकारी प्राप्त की। दरअसल पीआरओ का काम सीखने में इन्हें दिक्कत इसलिए आ रही है क्योंकि यह अभी नए आइपीएस हैं। मीडिया कर्मियों से इनकी अभी अच्छी जान पहचान नहीं है। अधिकतर आइपीएस से भी इनकी जान पहचान नहीं है। हालांकि नई दिल्ली जिले में काम करने के इनके तौर तरीके से माना जा रहा है कि इस चुनौती पर भी खरा उतरेंगे। आयुक्त के उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश कर रहे हैं। यह जिम्मेदारी आइपीएस के कैरियर के लिए उपलब्धि भी मानी जाती है।

आयुक्त का आदेश है कि पुलिस जब बदमाश को पकड़े तो अच्छी तरीके से पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगाए। यह भी पता लगाए कि चोरी, झपटमारी व लूट के सामान को उन्होंने किन लोग को बेचा है। उन सभी को गिरफ्तार किया जाए, तभी अपराध पर अंकुश लग सकेगा। मुखिया के इस तरह के आदेश का अधिकतर पुलिसकर्मी पालन कर रहे हैं। जिसका बेहतर परिणाम भी सामने आ रहा है। हौसला बढाने के लिए आयुक्त ऐसे पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी कर रहे हैं। लेकिन कुछ पुलिसकर्मी छवि खराब करने से भी बाज नहीं आते। प्रेम नगर थाने में तैनात हवलदार अश्विनी ने कुछ ऐसा ही किया। बीते रविवार को हवलदार अश्विनी ने एक महिला से चोरी की चांदी खरीदने के आरोप में दिनेश नाम के सुनार को पकड़ कर थाने लाया। पूछताछ से पता चला कि उसने चांदी को गला दिया है। चोरी का सामान बरामद न होने पर उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता था। इसपर उसने डरा धमका छोड़ देने के एवज में सुनार से 15 हजार रिश्वत ले ली। इसकी शिकायत अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है।

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