Tuesday , September 29 2020
Breaking News
Home / देश / बाजवा को कोई खतरा न होने और उनके द्वारा केंद्रीय सुरक्षा लेने के कारण पंजाब सरकार द्वारा प्रांतीय सुरक्षा वापस लेने का फैसला

बाजवा को कोई खतरा न होने और उनके द्वारा केंद्रीय सुरक्षा लेने के कारण पंजाब सरकार द्वारा प्रांतीय सुरक्षा वापस लेने का फैसला

चंडीगढ़, (पीतांबर शर्मा) : पंजाब सरकार ने कांग्रेसी राज्यसभा मैंबर प्रताप सिंह बाजवा की पुलिस सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। यह फैसला पहले से ही सीधे तौर पर केंद्रीय सुरक्षा ले रहे बाजवा को किसी किस्म का कोई खतरा न होने के मद्देनजर लिया गया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य की पुलिस द्वारा बाजवा को दी गई सुरक्षा का कोई मकसद नहीं रहा क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय सुरक्षा हासिल कर ली थी। ऐसी स्थिति में दोहरी सुरक्षा व्यवस्था को कारगर नहीं माना जा सकता, विशेष रूप से तब, जब राज्यसभा मैंबर ने राज्य की पुलिस में कोई भरोसा न दिखाते हुए केंद्रीय सुरक्षा प्राप्त करना मुनासिब समझा हो।
प्रवक्ता के मुताबिक बाजवा द्वारा किये दावे के उलट राज्यसभा मैंबर को केंद्रीय सुरक्षा कांग्रेस लीडरशिप के कहने पर नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसद मैंबर को पेश किसी किस्म के खतरे का पता लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श करने की जरूरत नहीं समझी जोकि आम तौर पर किसी भी व्यक्ति को केंद्रीय सुरक्षा देने से पहले लाजिमी तौर पर की जाने वाली प्रक्रिया होती है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि राज्यसभा मैंबर होने के नाते बाजवा सदन में पार्टी के नेता गुलाम नबी आज़ाद के पास केंद्रीय सुरक्षा लेने सम्बन्धी पहुँच की हो। नियम के मुताबिक पार्टी नेता ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को उसकी विनती भेज दी हो। परन्तु कुछ कारणों के चलते गृह मंत्रालय ने बाजवा को संभावी खतरे सम्बन्धी राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श भी नहीं किया जोकि ऐसे मामलों में निर्धारित नियमों से स्पष्ट तौर पर उलट है।
प्रवक्ता ने बताया कि वास्तव में मौजूदा समय के दौरान बाजवा पंजाब पुलिस द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा प्राप्त कर रहे थे जो राज्यसभा मैंबर को दी जाती सुरक्षा से अधिक थी। इसका कारण यह था कि राज्य सरकार ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के प्रधान रहे होने के कारण उनसे यह बड़ी सुरक्षा वापस नहीं ली थी। नियमानुसार, संसद मैंबर बनते ही कोई खतरा न होने के मद्देनजर बढ़ी हुई सुरक्षा को वापिस लिया जाना चाहिए था।
गृह मंत्रालय द्वारा 19 मार्च को बाजवा को जैड श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी और आज तक उनके पास निजी सुरक्षा, घर की सुरक्षा और एस्कॉर्ट के लिए सी.आई.एस.एफ के 25 जवान सहित 2 ऐस्कोर्ट चालक मौजूद हैं। 23 मार्च तक उनके पास 14 पंजाब पुलिस के कर्मचारी भी तैनात थे परन्तु उनमें से कुछ को कोविड ड्यूटी के मद्देनजर वापस बुला लिया गया। प्रवक्ता ने कहा कि इस समय बाजवा के पास पंजाब पुलिस के 6 कर्मचारी हैं और चालक सहित एक एस्कॉर्ट है जिसको अब वापस लिया जा रहा है।

About admin

Check Also

कोरोनाकाल में अब स्कूल बच्चों के लिए एक सपना

देश। पूरे भारत में कोरोना काल में ऐसी स्थिति बन गई ।कि लोगों को बचाने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share