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मुख्यमंत्री द्वारा डी.जी.पी. को नकली शराब के दुखांत में सीधे तौर पर शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 302 के अंतर्गत कत्ल केस दर्ज करने के आदेश

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन सिंह ने आज कहा कि नकली शराब केस में राजनैतिक दखलअन्दाजी को हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने डी.जी.पी. को इस घटना में सीधे तौर पर शामिल लोगों के विरुद्ध आई.पी.सी. की धारा 302 के अंतर्गत कत्ल का केस दर्ज करने के हुक्म दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को हाल ही के समय की सबसे बड़ी त्रासदी बताते हुए पीडि़तों के लिए इन्साफ का वादा किया। उन्होंने नकली / अवैध शराब बनाने और तस्करी के लिए एक्साईज एक्ट में सजा बढ़ाने का विचार पेश किया ताकि बार-बार अपराध करने वाले जेल की सलाखों के पीछे रहें और फिर अपराध करने के लिए आसानी से बाहर न आ सकें।
मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान कई मंत्रियों ने एडवोकेट जनरल अतुल नन्दा के सुझाव से सहमति प्रकट की कि अवैध शराब की तस्करी जैसे संगठित अपराध पर काबू पाने के लिए पकोका जैसा सख्त कानून लाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा के नेतृत्व में गठित सब-कमेटी को प्रस्तावित कानून के उपबंधों को जाँचने और अंतिम रूप देकर रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के लिए कहा। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर रंधावा और अन्य मंत्रियों के साथ सहमति जाहिर की कि पकोका (पंजाब कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाईजड क्राइम ऐक्ट) के साथ संगीन अपराधियों को काबू करने में सहायता मिल सकती है और गैंगस्टरों को रोकने में सहायक सिद्ध हो सकता है जो जेलों से भी संगठित अपराध में लिप्त रहते हैं और आतंकवादियों से भी करीबी सम्बन्ध रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने नकली शराब की घटना पर दो अलग-अलग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह आदेश जारी किये जिनमें से एक मंत्रीमंडल की मीटिंग हुई जबकि मीटिंग के दौरान दूसरी मीटिंग पुलिस और प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के साथ समीक्षा मीटिंग के दौरान लिया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने इस दुखद घटना के पीडि़तों को श्रद्धाँजलि के तौर पर 2-मिनट का मौन धारा।
इससे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पुलिस और जिला प्रशासन को सख्त हुक्म जारी करते हुए कहा, ‘‘इस धंधे को खत्म करो, सरहदी इलाकों को साफ करो।’’ इस मीटिंग में डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता और मुख्य सचिव विनी महाजन के अलावा तरन तारन, अमृतसर देहाती और गुरदासपुर के डिप्टी कमीश्नरों और जिला पुलिस मुखियों और आबकारी एवं कर विभाग के अधिकारी शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसको बंद करना होगा।’’ उन्होंने कहा कि सरहदी इलाकों में लाहन के प्रयोग से अवैध शराब का धंधा लंबे समय से चल रहा है परन्तु पड़ोसी राज्यों से तस्करी के नये रुझान से अब यह स्थिति खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कि ‘‘वह नकली और अवैध शराब और शराब तस्करी के धंधों का अंत देखना चाहते हैं।’’ मुख्यमंत्री द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को अपराधियों, चाहे पुरूष हों या महिलाएं, से निपटते समय पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। नशों और अवैध / नकली शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न करने की सरकार की नीति को दोहराते हुए उन्होंने पंजाब में से हमेशा-हमेशा के लिए इस खतरे को खत्म करने के लिए पुलिस को आबकारी और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पीडि़त बहुत गरीब परिवारों से सम्बन्धित थे। उन्होंने सम्बन्धित डिप्टी कमीश्नरों और पुलिस अधिकारियों के लिए पीडि़तों के परिवारों की पहचान करने और निर्धारित अतिरिक्त राहत मुहैया करवाने की प्रक्रिया की खातिर दस दिनों की समय-सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा इस दुखद घटना का शिकार हुए प्रति पीडि़त के परिवार के लिए 2 लाख की ऐक्स-ग्रेशिया सहायता का ऐलान किया गया है। इस घटना में अब तक 113 व्यक्तियों ने जान गंवाई है और कई उपचाराधीन हैं जो अस्पतालों में मुफ्त मुहैया करवाया जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर तरनतारन कुलवंत सिंह ने कहा कि उनके जिले में 84 मौतें रिपोर्ट हुई हैं और 13 व्यक्ति उपचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि इन 13 में से 6 को आँखों के इलाज के लिए अमृतसर स्थानांतरित किया गया है जबकि एक की हालत गंभीर है। राहत के लिए उठाए जा रहे कदमों बारे डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा मरने वाले व्यक्तियों के परिवारों के लिए घोषित 2 लाख ऐक्स-ग्रेशिया सहायता कल मुहैया करवाई जायेगी क्योंकि तस्दीक किये जाने का काम हो चुका है और बाकी प्रक्रिया अगले 24 घंटों में मुकम्मल हो जायेगी।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि गैर-सरकारी संस्थाओं सहित बाल कल्याण समिति को पीडि़त परिवारों के बच्चों की कौंसलिंग के लिए लगाया गया है। इनमें दो वह बच्चे भी हैं जिन्होंने अपने माता-पिता दोनो को खो दिया है। रोजगार योग्य आयु वाले बच्चों को स्व-रोजगार के लिए सहायता दी जायेगी जबकि विधवाओं को गुजारे के लिए अन्य सहायता के अलावा सिलाई मशीनें दी जाएंगी।
डिप्टी कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत खैहरा ने कहा कि उनके जिले में 15 मौतें रिपोर्ट हुई हैं और परिवारों को बिना किसी देरी के राहत मुहैया करवाने के लिए सभी यत्न किये जा रहे हैं।
गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद इशफाक ने बताया कि प्रभावित लोगों को राशन किटें मुहैया करवाई गई हैं और लोगों को उनके पास पड़ी अवैध शराब नष्ट करने और शराब की खपत के बारे में जागरूक करने के लिए मुहिम चलाई गई है।
बॉर्डर रेंज के आई.जी एस.पी.एस.परमार ने बताया कि आबकारी ऐक्ट और आई.पी.सी. की धारा 304 के अंतर्गत केस दर्ज किये गए हैं और अपराधियों की पहचान करने और कानून के अनुसार सख्त कार्यवाही आरंभ करने के लिए सरहदी क्षेत्रों में साझी छापेमारी मुहिम शुरू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि शुरुआती तौर पर तरनतारन के पीडि़तों के परिवारों, जिन्होंने सबसे ज्यादा जानें गवाई हैं, द्वारा मौतों को छुपाया गया और पोस्ट-मॉर्टम के बिना ही संस्कार कर दिए गए। उन्होंने ईथेनॉल और अन्य स्प्रिटों के लिए कलर-कोडिंग चालू करने का सुझाव दिया जिससे ऐसे पदार्थों की अवैध बिक्री /वितरण को रोका जा सके।

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