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आपकी धमकियां मुझे पंजाब और देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने से नहीं रोक सकतीं ; कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सुखबीर को ललकार

  चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : गैर कानूनी सरगर्मियाँ रोकथाम एक्ट (यू.ए.पी.ए.) के अंतर्गत की गई हालिया गिरफ़्तारियों पर सुखबीर सिंह बादल की तरफ से दी गई कथित धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को कहा कि वह पंजाब और देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए कानून अनुसार सब कदम उठाऐंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल के प्रधान की धमकियां उनको लोगों की सुरक्षा यकीनी बनाने के रास्ते से हटा नहीं सकती।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यदि सुखबीर सिंह बादल के दावे के अनुसार यू.ए.पी.ए. के अंतर्गत पंजाब पुलिस की तरफ से गलत ढंग से गिरफ़्तार करने या मामला दर्ज करने सम्बन्धी कोई विशेष केस उनके ध्यान में है तो अकाली दल प्रधान अनावश्यक ब्यानबाज़ी की जगह उनको इसकी सूची भेज सकते हैं। उन्होंने साफ़ किया कि किसी पर भी झूठा मामला दर्ज करने का सवाल ही पैदा नहीं होता और अकाली दल के प्रधान को पंजाबी नौजवानों ख़ास कर सिखों को पंजाब पुलिस के खि़लाफ़ भडक़ा कर अलगाववादी ताकतों का हाथों कथपुतली बनने से गुरेज़ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यू.ए.पी.ए. काफ़ी समय पहले से ही अस्तित्व में है और सुखबीर सिंह बादल को यह ध्यान में रखना चाहिए कि अकाली-भाजपा सरकार के समय पर इस एक्ट के अंतर्गत पंजाब में 60 से अधिक मामले दर्ज किये गए थे जिनमें से 2010 में 19 और 2017 में 12 मामले थे। इन मामलों में गिरफ़्तार किये 225 व्यक्तियों में से 120 को बरी कर दिया गया जो इस बात का साफ़ संकेत है कि यह अकाली हकूमत के दौरान ही इस एक्ट का अंधाधुन्ध दुरुपयोग किया गया था।
पंजाब पुलिस ख़ास कर डी.जी.पी. जिनकी धर्म निरपेक्षता और अपने फज़ऱ् के प्रति समर्पण पर उंगली नहीं उठाई जा सकती, के खि़लाफ़ राजनीति से प्रेरित भ्रामक प्रचार के द्वारा पंजाब के हितों के साथ समझौता करने के लिए शिरोमणि अकाली दल के प्रधान को आड़े हाथों लेते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह बहुत ही मन्दभागी बात है कि एक ऐसी पार्टी जोकि सिखों की संरक्षक होने का दावा करती है, के प्रधान होने के बावजूद पंजाब पुलिस की तरफ से अलगाववादी और दहशतगर्दी तत्वों के खि़लाफ़ शुरु की गई मुहिम की विरोधता करके सिखों में सांप्रदायिक विभाजन करने का भद्दा यत्न कर रहे हैं।
पाकिस्तान की आई.सी.आई. की तरफ से सरहद पार से पंजाब में दहशतगर्दों की घुसपैठ और हथियारों की तस्करी करवाने की बढ़ती जा रही कोशिशों की तरफ ध्यान दिलाते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार कानून अनुसार ज़रुरी कदम उठा रही है जिससे न सिफऱ् पंजाब बल्कि समूचे देश की ऐसे तत्वों से रक्षा की जा सके। उन्होंने सिखस फॉर जस्टिस (एस.एफ.जे.) के खालिस्तानी एजंडे का हवाला देते हुए कहा कि कुछ ऐसी ताकतें हैं जो अलगाववादी विचारधारा को उत्साहित करके देश में गड़बड़ी पैदा करना चाहती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर बादल को यह पता होना चाहिए कि एस.एफ.जे. को भारत सरकार की तरफ से ग़ैर -कानूनी संस्था घोषित किया जा चुका है और इसके प्रमुख गुरपतवंत पन्नू को आतंकवादी घोषित किया गया है। इससे पंजाब समेत सभी राज्यों की पुलिस फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें करने वालों के विरुद्ध हर कानूनी कदम उठाने के लिए पाबंद है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जब दुनिया भर के मुल्क एस.एफ.जे. के खालिस्तानी समर्थकी एजंडे को रद्द कर रहे हैं तो उस समय पर सुखबीर की तरफ से अपने राज्य की पुलिस पर ही निशाना साध कर असली मायनों में इसकी हिमायत की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस ने अलगाववादियों की धमकियों का सामना करते हुये पंजाब की अमन शान्ति और स्थिरता को यकीनी बनाने के लिए मार्च 2017 से 30 आतंकवादी गिरोहों का पर्दाफाश किया और 170 आतंकवादी गिरफ़्तार किये। उन्होंने कहा कि इन कार्यवाहियों के दौरान पुलिस ने लगभग 85 अत्याधुनिक राईफलज़ /पिस्तौल समेत ए.के -47 और एम.पी. -9/एम.पी. -5 राईफलज़, चीन के बने तीन शक्तिशाली ड्रोन, 5 सैटेलाइट फ़ोन और अन्य साजो-सामान बरामद किया गया जो सरहद पार से हथियारों की तस्करी के संकेत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट तौर पर सुखबीर की इन तथ्यों में कोई रूचि नहीं और वह सिफऱ् और सिफऱ् अपने संकुचित राजनैतिक एजंडे को आगे बढ़ाने की तरफ ही ध्यान देता है, चाहे इसकी पंजाब और यहाँ के लोगों को कोई भी कीमत उठानी पड़े।
सुखबीर की तरफ से पंजाब के ‘काले दौर’ का जि़क्र करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को काले दौर में जाने से रोकने के लिए उनकी सरकार और राज्य की पुलिस सभी आतंकवादियों और अलगाववादी गतिविधियों पर शिकंजा कस रही है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यहाँ तक कि उनकी सरकार ने नौजवानों को गर्मख़्याली विचारों से एक तरफ़ करने के लिए सोशल मीडिया के द्वारा व्यापक मुहिम चलाई जिससे पंजाब में नौजवानों को गर्मख़्याली विचारधारा के साथ जोडऩे और उनको आतंकवादी या हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने वाले पाकिस्तान और एस.एफ.जे. की कथपुतिलयों के मंसूबों को पटड़ी से उतारा जा सके। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इन नौजवानों पर दोष लगाने या गिरफ़्तार करने की बजाय वास्तव में इनको काउंसलिंग करके समझाया गया और सामाजिक मुख्य धारा में वापस लाया गया।

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