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पंजाब में करोना बढ़ने का खतरा: सरकार ने की समीक्षा

  •  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार कोविड सम्बन्धी किसी भी तरह के हालातों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार-विनी महाजन
  • मुख्य सचिव द्वारा मैडीकल से सम्बन्धित तैयारियों का जायज़ा
  • जालंधर, लुधियाना और पटियाला में 6200 बैड पहले ही उपलब्ध होने का खुलासा
  • जि़लों में 7000 बिस्तरों की सामथ्र्य के साथ कोविड केयर सैंटर स्थापित; ज़रूरत पडऩे पर 28,000 तक बढ़ाया जा सकता है सामर्थय
  • कहा, घबराने की ज़रूरत नहीं क्योंकि राज्य कोविड के विरुद्ध लड़ाई में एक कदम आगे; लोगों को देह से दूरी के नियमों की पालना करने की अपील
    चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : राज्य के कुछ जि़लों में कोविड के बढ़ रहे मामलों के मद्देनजऱ पंजाब सरकार कोरोनावायरस से सम्बन्धित किसी भी तरह के हालातों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और कोविड के मरीज़ों के इलाज के लिए जालंधर, लुधियाना और पटियाला के सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों में 6,190 बैड पहले ही उपलब्ध हैं।
    राज्य भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं में मैडीकल से सम्बन्धित बुनियादी ढांचे और प्रबंधों का जायज़ा लेते हुए मुख्य सचिव विनी महाजन ने कहा कि कोविड के बढ़ रहे मामलों से निपटने के लिए राज्य के अस्पतालों में बिस्तरों, वैंटीलेटरों की अपेक्षित सामथ्र्य के अलावा पीपीई किटों, मास्क और टेस्टिंग किटों का उपयुक्त प्रबंध है। मुख्य सचिव ने आगे बताया कि हालाँकि स्थिति नियंत्रण अधीन है और लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्बन्धी नियमों जैसे कि देह से दूरी, सही तरह मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने की सख़्ती से पालना करने की अपील की।
    मुख्य सचिव, जो राज्य के बेहद अहम कोविड-19 मैनेजमेंट ग्रुप के प्रमुख भी हैं, ने कहा कि सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी को सभी जि़लों में नोडल अफ़सर नियुक्त करने के अलावा वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों सुमित जारंगल और तनु कश्यप को कोविड के मामलों की रोज़ाना के आधार पर निगरानी करने के लिए स्टेट नोडल अफ़सर नियुक्त किया गया है, जिससे समय पर अपेक्षित मैडीकल बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाया जा सके।
    यह समूह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह, जो रोज़ाना के आधार पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, के निर्देशों पर बनाया गया है। यह सभी विभागों और सम्बन्धित पक्षों के सामूहिक यत्नों को यकीनी बनाने वाला समूह है।
    बेहतर तालमेल बनाने के लिए इस ग्रुप के अधीन कई सब-कमेटियाँ बनाईं गई हैं, जिनका उद्देश्य जल्दी और स्पष्ट फ़ैसले लेने को यकीनी बनाना और स्वास्थ्य संभाल सम्बन्धी रणनीति जैसे हैल्थ सैक्टर रिस्पांस और उपकरणों और अन्य सामान की खऱीद, स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे की अपग्रेडेशन, कोविड केयर सैंटरों, मानव संसाधन और सामथ्र्य निर्माण में वृद्धि, टेली-काउंसलिंग सेवाओं समेत हरेक मसले सम्बन्धी गतिशील और तुरंत प्रतिक्रिया प्रदान करना है।
    काबिलेगौर है कि डॉ. के.के. तलवाड़ की अध्यक्षता अधीन स्टेट पब्लिक हैल्थ ऐडवाइजऱी ग्रुप भी गठित किया गया है और स्टेट ऐपीडैमीओलोजिस्ट को इसका कनवीनर बनाया गया है।
    उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नरों को जि़लो के निजी अस्पतालों के साथ तालमेल करने का जि़म्मा सौंपा गया है, जिससे कोविड मरीज़ों के इलाज के लिए बिस्तरों की उपलब्धता को बढ़ाया जा सके, जिसके नतीजे के तौर पर अब तक लगभग 2000 बिस्तरों की उपलब्धता यकीनी बनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस के फैलाव को रोकने के लिए हॉटस्पॉट वाले जि़लों में तेज़ी से टेस्टिंग करने को अमल में लाना शुरू कर दिया गया था।
    विनी महाजन ने बताया कि लेवल 2 और 3 की सुविधाओं के लिए राज्य भर में 5000 बिस्तर पहले ही उपलब्ध हैं। हरेक जि़ले में स्वास्य विशेषज्ञों का एक समर्पित समूह गठित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मरीज़ों को उनकी डॉक्टरी ज़रूरतों के अनुसार दाखि़ल / इलाज किया जाता है, जैसे कि रिवर्स रैफरलक्व भाव जिस मरीज़ को लेवल 3 की सुविधा में अब वेंटिलेटर की ज़रूरत नहीं है, परन्तु फिर भी इलाज और प्रबंधन की ज़रूरत है, तो ऐसे मरीज़ को लेवल 2 फैसिलिटी में तबदील किया जा सकता है।
    मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के निर्देशों पर प्रांतीय सरकार ने पहले ही 60 साल से कम उम्र के हलके या बगैर लक्षणों वाले मामलों के लिए अपनी कोविड केयर सामथ्र्य को बढ़ा लिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के 10 जि़लों में 7520 बिस्तरों की सामथ्र्य के साथ नये स्तर-1 कोविड केयर सैंटर (सी.सी.सीज़) शुरू किए गए हैं। मुख्य सचिव ने आगे कहा कि बाकी 12 जि़लों में भी इसी तरह 100 बिस्तरों (हरेक) की सामथ्र्य वाले ऐसे सैंटर जल्द ही खोले जाएंगे।
    विनी महाजन ने बताया कि 10 जि़लों में नये कोविड केयर सैंटर अलग-अलग बिस्तरों की सामथ्र्य के साथ चालू किये जा चुके हैं। इनमें जालंधर में 1000 बिस्तरों की सामथ्र्य है, अमृतसर में 1000, पटियाला में 470, बठिंडा में 950, लुधियाना में 1200, संगरूर में 800, एस.ए.एस. नगर मोहाली में ज्ञान सागर अस्पताल में 500 बैड और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 1000 बिस्तर, पठानकोट में 400, फाजि़ल्का में 100 और फऱीदकोट में 100 बिस्तरों की सामथ्र्य है। 7000 बिस्तरों की सामथ्र्य वाले यह केंद्र मैरीटोरियस स्कूलों और अन्य संस्थाओं में चलाए जा रहे हैं और केस बढऩे की सूरत में इनको 28000 बैंडों तक बढ़ाया जा सकता है। इन केन्द्रों को जि़ला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है और इनमें बिना किसी लक्षण और शुगर और हाइपरटेंशन जैसी करौनिक बीमारियों जैसे सह-रोग के बिना वाले पॉजि़टिव मरीज़ों को आइसोलेशन में रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
    मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य ने पहले ही योजना तैयार कर ली है, जो आने वाले दिनों में ज़रूरत पडऩे पर लागू की जा सकती है।
    कोविड प्रबंधन सम्बन्धी विस्तार में बताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोविड देखभाल और राज्य भर में प्रवासियों पर 300 करोड़ रुपए ख़र्च किए गए हैं।
    प्रवक्ता ने और जानकारी देते हुए बताया कि जालंधर में कोविड के सबसे अधिक केस सामने आए हैं, प्रशासन ने लेवल-2 के मरीज़ों के लिए 615 बैडों और लेवल-3 के मरीज़ों के इलाज के लिए 85 बैडों का प्रबंध किया है और इसके साथ ही मरीज़ों के लिए अस्पतालों में 43 वैंटीलेटरों का प्रबंध किया गया है।
    प्रवक्ता ने आगे बताया कि इसी तरह सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में लेवल-2 के मरीज़ों के लिए 402 बैडों का प्रबंध किया गया है, जिनमें से सिविल अस्पताल में 312 बैड और सीएचसी में 90 बैड रखे गए हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल में लेवल-3 के लिए 28 बैड और 10 वेंटिलेटरों के साथ-साथ पाईप्ड ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा को यकीनी बनाया गया है।
    पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल साइंसेज़ (पीआईएमएस) ने लेवल-2 के लिए 110 बैड और लेवल-3 के मरीज़ों के लिए 10 बैडों की पेशकश की थी, जबकि न्यू रूबी, मान मैडीसिटी, गुलाब देवी और जोशी अस्पतालों ने भी लेवल-2 के लिए 22 बैड और गुलाब देवी अस्पताल में लेवल-3 के मरीज़ों के लिए 8 बैडों की पेशकश की थी। मिलट्री अस्पताल में 270 बैड और बीएसएफ अस्पताल में 50 बैड उपलब्ध हैं। इसके अलावा कई अन्य निजी अस्पतालों ने भी 5 से 50 तक बैडों की पेशकश की है।
    इसी तरह जि़ला प्रशासन लुधियाना ने अब तक सरकारी और प्राईवेट दोनों अस्पतालों में कुल 1850 बैड उपलब्ध करवाए हैं, जिनको एक हफ़्ते के नोटिस पर बढ़ाकर 3000 तक किया जा सकता है। इनके अलावा, विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं में 1500 बैडों की पहचान पहले ही की जा चुकी है, जिनका इस्तेमाल एमरजैंसी या मामलों के और बढऩे की स्थिति में किया जा सकता है।
    प्रवक्ता ने आगे कहा कि इसी तरह पटियाला में विशेष तौर पर कोविड के मरीज़ों के लिए 3640 बैड उपलब्ध किए गए हैं, जिसमें राजिन्दर अस्पताल में 650, एम.सी.एच. नाभा, समाना और राजपुरा हरेक में 150, आर्मी अस्पताल में 240, जेल वार्ड और गायनी वार्ड में 20 बैड की पहचान की गई है। इसके अलावा बाकी बैड मैरीटोरियस स्कूल, पंजाबी यूनिवर्सिटी, थाप्पर यूनिवर्सिटी, लॉ यूनिवर्सिटी और ऑफिसजऱ् गेस्ट हाऊस में बनाए गए स्थानीय कोविड केयर सेंटरों में हैं और निजी अस्पतालों में बैडों की कुल सामथ्र्य 91(एमओयू के द्वारा) है।

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