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विद्यार्थियों को सीलबंद पैकटों में चावल और गेहूँ पहुँचाने के लिए स्कूलों को 8262.23 मीट्रिक टन खाना भेजा गया है : शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने गुरूवार को कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पंजाब के बच्चों के सर्वपक्षीय विकास के लिए वचनबद्ध है और मिड -डे मील का खाना लगातार स्कूलों के 15.79 लाख विद्यार्थियों को मुहैया करवा रही है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण चाहे यह यत्न प्रभावित हुए परन्तु अध्यापकों की समर्पण भावना और मेहनत सदका ऐसी संकटकालीन घड़ी में भी यह सब संभव हो सका।
श्री सिंगला ने सरकार के यत्नों की सराहना करते हुये कहा कि महामारी के कारण बहुत सी मुश्किलों का सामना करने के बावजूद अध्यापक ऑनलाइन क्लासें लेने, अनाज के अलावा किताबें बाँटने में वास्तव में श्लाघायोग्य काम कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अकादमिक सैशन 2020 -21 की पहले वित्तीय तिमाही के लिए विद्यार्थियों को सीलबंद पैकटों में चावल और गेहूँ पहुँचाने के लिए स्कूलों को 8262.23 मीट्रिक टन खाना भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही ( 20 जुलाई से 20 सितम्बर) के लिए, 11,974 मीट्रिक टन के वितरण को मंज़ूरी दी गई है।
श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से पहले ही 37.26 करोड़ रुपए के खाना पकाने की मंज़ूरी दी जा चुकी है जिसको केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार लाभपात्री विद्यार्थियों के खातों में तबदील किया जाना था। कुछ विद्यार्थियों के पास चालू बैंक खाता न होने के कारण स्कूलों के पास लगभग 14 करोड़ रुपए की राशि पड़ी है।
श्री सिंगला ने इस मामले का गंभीर नोटिस लेते हुये शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हिदायत की थी कि वह लाभपात्री विद्यार्थियों के लिए खाना पकाने सम्बन्धी रकम जारी करने के लिए मानवीय संसाधन विकास मंत्रालय से मंजूरी लें। उन्होंने कहा कि 6 जुलाई, 2020 को भारत सरकार को एक लिखित पत्र भी भेजा गया है जिसमें विद्यार्थियों को खाना पकाने की लागत की नकद अदायगी की इजाज़त माँगी गई है परन्तु अभी जवाब का इन्तज़ार है।
उन्होंने बताया कि मैं यह मसला मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मंत्री के पास निजी तौर पर भी उठाया है और सरकारी स्कूली विद्यार्थियों की हितों के लिए जल्द ही इसका उपयुक्त हल निकाल लिया जायेगा। कैबिनेट मंत्री ने भरोसा दिया कि एक बार जब हमें मंज़ूरी मिल गई तो कुछ दिनों के अंदर ही खाना पकाने की लागत विद्यार्थियों को नकद दे दी जायेगी।

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