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2 ख़तरनाक गैंगस्टर हथियारों और गोला बारूद, बुलेट -प्रूफ़ जैकेट के साथ गिरफ़्तार

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : राज्य में गैंग्स्टरों पर नकेल कसते हुये पंजाब पुलिस ने अंतरराष्टीय हथियारों के तस्करों और हाईवे लुटेरों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा और जरमनजीत सिंह समेत दो भगौड़े ख़तरनाक गैंगस्टरों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने इन गैंगस्टरों के पास से हथियारों और समगल किये गोला -बारूद के साथ एक बुलेट -प्रूफ़ जैकेट भी बरामद की है। यह अपराधी सरहद पार से भारत में हथियारों की तस्करी के लिए भी दोषी हैं।

डीजीपी श्री दिनकर गुप्ता ने यह खुलासा करते हुये बताया कि इन दोनों को जालंधर (ग्रामीण) पुलिस ने भोगपुर से गिरफ़्तार किया और गैंगस्टरों के पास से एक बुलेट प्रूफ़ जैकट, गैंगस्टर गोपी घणशामपुरिया के द्वारा मुहैया करवाई गई .455 बोर की एक पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस समेत दो गलोक 09 एमएम पिस्तौल, एक पंप एक्शन 12 बोर राइफल, .32 बोर का रिवाल्वर, एक .30 बोर की पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किये गए थे। उन्होंने आगे बताया कि जिस वर्ना कार में वह गैंगस्टर जा रहे थे, उसे भी ज़ब्त कर लिया गया है।

श्री गुप्ता ने कहा कि गोरा पहले ही पंजाब के विभिन्न जिलों में कत्ल, हमले, लूट, डकैती, गैंगवार और अन्य को मिला कर कुल 14 मामलों में अपराधिक दोषों का सामना कर रहा है और इनमें से 13 मामलों में से एक में भगौड़ा भी करार दिया हुआ है। इस कार्यवाही के विवरण देते हुए नवजोत माहल, एसएसपी जालंधर ग्रामीण ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा पुत्र चमकौर सिंह निवासी गाँव बरियाड़, थाना घूमन्न और उसका साथी जरमनजीत सिंह पुत्र हरभजन सिंह निवासी गाँव जवन्दपुर थाना वैरोवाल, वर्ना कार नं. पी बी 46 क्यू 4951 में बहराम की तरफ जा रहे थे और कुछ घृणित अपराध करने की योजना बना रहे थे जैसे कि गन प्वाइंट पर हाईवे से वाहन छीनना। समूचे क्षेत्र में चैक पोस्टों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी और जालंधर ग्रामीण पुलिस के विशेष स्टाफ की एक टीम कार सवार हमलावरों को पकडऩे में सफल हो गई।

टीम ने मौके से विदेशी और देशी दोनों किस्मों के हथियार बरामद किये, जिसमें चार जिंदा कारतूस वाली .30 बोर की एक पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस वाली.32 बोर की एक रिवाल्वर, एक बुलेट प्रूफ़ जैकेट और अलग-अलग अपराधों के लिए इस्तेमाल की गई वर्ना कार शामिल है। श्री गुप्ता ने बताया कि गुरप्रीत सिंह द्वारा पुलिस के सामने किये खुलासे के बाद पाँच जिंदा कारतूस वाली 12 बोर पंप एक्शन राइफल, दो जिंदा कारतूस वाली (ऑस्ट्रिया में बनी हुई) दो 9 एम.एम. गलाक पिस्तौल (पाकिस्तान आर्डीनैंस फैक्ट्री के बनाऐ निशान वाली), पाँच जिंदा कारतूस वाली .455 बोर की एक रिवाल्वर, 19 कारतूस वाली .32 बोर रिवाल्वर और आठ कारतूस वाली .32 बोर की स्पैशल रिवाल्वर बरामद हुए। यह सभी हथियार प्लास्टिक पाईप में पैक किये गए थे और रईया (अमृतसर) के नज़दीक नहर के किनारे धरती के नीचे दबाये गए थे।

श्री गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ के दौरान गोरा ने खुलासा किया कि उसका बलजिन्दर सिंह बिल्ला मंडियाला के साथ नज़दीक का संपर्क था, जोकि पाकिस्तान आधारित नशा और हथियारों के तस्करों, मिजऱ्ा और अहददीन के साथ जुड़ा हुआ था और उनके पास से फिऱोज़पुर में से कई हथियारों और नशे की खेपें मिली थीं। श्री गुप्ता ने आगे कहा कि पाकिस्तानी नशा /हथियारों का तस्कर मिजऱ्ा खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के लिए भारत-पाक सरहद पर कोरियर का काम कर रहा है और कई हथियारों की खेपों की भारत में तस्करी करता था। यह भी पता लगा है कि एसटीएफ पंजाब की तरफ से 24 सितम्बर, 2019 को भारत -पाक सरहद से 05 ए.के. -47 राईफलें बरामद की गई थीं और इस खेप का एक हिस्सा पकड़े गए अपराधी बिल्ला मंडियाला से सम्बन्धित था।

इसके अलावा बिल्ला मंडियाला से बरामद किये गए ज़्यादातर हथियार भी भारत-पाक सरहद से आए थे और पुलिस नाजायज हथियारों की सप्लाई चेन में आतंकवादियों की भूमिका की भी जांच कर रही थी जोकि अभी भी जांच का हिस्सा है जिसका पुलिस को पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह के साथ शामिल होने का शक था। डीजीपी ने बताया कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा एक अन्य बदनाम गैंगस्टर बलजिन्दर सिंह उर्फ बिल्ला के द्वारा चलाये जाते बिल्ला गैंग का मैंबर था, जो इस समय जेल में बंद है। अपने सरप्रस्त के ज़रिये, गोरा पाकिस्तान आधारित नाजायज हथियारों के तस्करों के संपर्क में था और भारत में विदेशी हथियारों की तस्करी के लिए उनके साथ लेन -देन करता था।

श्री गुप्ता ने कहा कि यह गिरोह हाईवे कार चोरी की वारदातों, फिरौती और गुंडागर्दी के कई मामलों में शामिल था, उसने कहा कि उसके खि़लाफ़ दर्ज मामलों में ज़मानत मिलने के बाद गोरा नन्देड़, पुणे और हिमाचल प्रदेश के एक गुरूद्वारे में गुप्त ढंग के साथ रहता था। श्री गुप्ता ने बताया कि पुलिस की तरफ से मौके से बरामद की गई वर्ना कार जरमनजीत सिंह की है, जो गुरप्रीत को पुलिस से बचाने में अहम भूमिका निभाता था और वह अपराध के लिए उसे वाहन मुहैया करवाता था। उन्होंने बताया कि गैंगस्टरों के खि़लाफ़ भोगपुर थाने में धारा 392, 212, 216 ए, 506, और 120 -बी और आरमज़ एक्ट की 25, 27 धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया गया और मामले की आगे जांच जारी है।

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