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कैप्टन द्वारा पंजाब में प्लाज़्मा बैंक स्थापित करने की मंज़ूरी

   चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) :  राज्य सरकार ने सबसे अधिक प्रभावित पाँच जि़लों में शुक्रवार से रैपिड एंटीजन टेस्टिंग का पायलट प्रोजैक्ट शुरू करने की तैयारी कर ली है और इसी दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कोविड प्लाज़्मा थैरेपी के इलाज की सुविधा के लिए प्लाज़्मा बैंक की स्थापना करने को हरी झंडी दे दी है। हालाँकि, आई.सी.एम.आर. के ट्रायल प्रोजैक्ट के तौर पर राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्लाज़्मा थैरेपी से इलाज पहले ही किया जा रहा है।
राज्य में कोविड की स्थिति संबंधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये हुई जायज़ा मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने ब्ल्ॉड बैंक और ट्रांसफ्यूजऩ मैडिसन के पूर्व प्रमुख डॉ. नीलिमा मरवाहा की निगरानी और मार्गदर्शन अधीन प्लाज़्मा बैंक स्थापित करने की मंज़ूरी दे दी है। डॉ. मरवाहा पहले ही इस प्रक्रिया में शामिल हैं और प्लाज़्मा थैरेपी ट्रायल संबंधी अवगत करवा रहे हैं। प्लाज़्मा बैंक गंभीर बीमार रोगी या गंभीर बीमारी के जोखि़म वाले लोगों के लिए तैयार सप्लाई स्रोत के तौर पर काम करेगा और इससे कोरोना वायरस से ठीक हुए लोगों के प्लाज़्मा से मरीज़ों का बड़े पैमाने पर इलाज किया जा सकेगा।
मीटिंग के दौरान बताया गया कि इस ट्रायल के लिए कुल 15 मरीज़ भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से आठ को प्लाज़्मा दिया गया है, जबकि बाकी 7 को आई.सी.एम.आर. की रैंडम विधि के मुताबिक निगरानी अधीन रखा गया है। पाँच मरीज़ पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं, जिनको जल्द ही घर भेज दिया जाएगा। ठीक हुए 300 मरीज़ों में से अब तक 11 व्यक्तियों ने प्लाज़्मा दान किया है।
राज्य में सुरक्षा नियमों के बढ़ रहे उल्लंघन जिनमें से बहुत से राजनैतिक पार्टियों से हैं, पर चिंता ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही सभी राजनैतिक पार्टियों के मुखियों को पत्र लिखकर बड़े जलसे करने से गुरेज़ करने के लिए उनके सहयोग की माँंग करेंगे। मुख्यमंत्री ने अपील की कि वह राजनैतिक पार्टियों के नुमायंदों को कोविड के फैलाव का कारण बनने वाली किसी भी कार्यवाही से बचने के लिए भी अपील करेंगे। इस दौरान डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने कहा कि पुलिस ने कोविड से बचाव के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर राजनैतिक पार्टियों के कुछ लोगों के खि़लाफ़ केस दर्ज किए हैं और उनका विभाग भी सभी राजसी पार्टियों को ऐसे काम न करने के लिए पत्र लिखने की योजना बना रहा है।
मीटिंग के दौरान बताया कि बुधवार को 258 मामले सामने आए हैं और अब तक 11 पी.सी.एस. अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जिनमें सी.एम.ओ. संगरूर, जॅज आदि शामिल हैं, भी कोरोना पॉजि़टिव पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसको आगे बढऩे से रोकने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि दफ़्तरी स्टाफ को विशेष तौर पर ध्यान रखने की ज़रूरत है। उन्होंने मुख्य सचिव विनी महाजन को सरकारी अधिकारियों की मीटिंगों, अन्य दफ़्तरों में जाने आदि संबंधी निर्धारित संचालन विधि (एस.ओ.पी.) जारी करने के लिए कहा। यह स्पष्ट किया जाए कि लापरवाही वाले रवैए के कारण बहुत ही अहम मानवीय शक्ति के दरमियान रोग का फैलाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा नियमों को सख़्ती से लागू किए जाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब पुलिस प्रमुख को उल्लंघन करने वालों के खि़लाफ़ चालान काटने में किसी प्रकार की नरमी न बरतने के लिए निर्देश दिए गए। मीटिंग के दौरान जानकारी दी गई कि अकेले बुधवार को कुल 4882 चालान जारी किए गए, जिनमें ज़्यादातर मास्क न पहनने से सम्बन्धित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार द्वारा ‘मिशन फतेह’ के अंतर्गत गरीबों को 15 लाख मास्क बाँटने का फ़ैसला किया गया है, जिनमें से मौजूदा समय में एक लाख मास्क बाँटे जा रहे हैं, जबकि बाकी के लिए ऑर्डर दिए जा चुके हैं। पुलिस प्रमुख ने बताया कि मामलों की संख्या में हो रही वृद्धि को देखते हुए जेलों में सैंपल टेस्टिंग के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं।
डी.जी.पी ने आगे बताया कि पंजाब आने वाले यात्रियों के लिए सोमवार आधी रात से शुरू की गई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के अंतर्गत 31959 रजिस्ट्रेशनें पहले ही हो चुकी हैं, जिनमें से 4277 हॉट-स्पॉट (प्रभावित स्थानों) विशेष तौर पर दिल्ली से सम्बन्धित हैं।
गृह सचिव सतीश चंद्र द्वारा मुख्यमंत्री को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार लॉकडाऊन के उल्लंघन सम्बन्धी प्रवासी मज़दूरों के खि़लाफ़ की गई एफ.आई.आरज़ रद्द करने की प्रक्रिया पंजाब के अंदर शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्धी डिप्टी कमिश्नरों और जि़ला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
इससे पहले, कोविड-19 बीमारी के प्रबंधन और जल्दी पता लगाने के लिए राज्य के अंदर शुरू की जा रही रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग संबंधी स्वास्थ्य, मैडीकल शिक्षा एवं अनुसंधान संबंधी सलाहकार डा. के.के. तलवाड़ ने कहा कि अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और पटियाला जि़लों को पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर शिनाख़्त की गई है। इस टैस्ट के द्वारा नतीजे केवल 30 मिनट के समय के दौरान ही प्राप्त हो जाते हैं। निजी अस्पतालों में रेट तय करने सम्बन्धी उन्होंने बताया कि अस्पतालों के साथ पहले दो मीटिंगें हो चुकी हैं और अगली मीटिंग सोमवार को की जानी है, जिसके उपरांत रेट तय किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि चाहे राज्य के अंदर मामलों की गिणती और मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत और कई अन्य राज्यों की अपेक्षा कम है, परन्तु कोविड का फैलाव चिंताजनक है और कुछ सीमित / सूक्ष्म सीमित क्षेत्रों में सामाजिक फैलाव पर रोक भी देखने को मिली है। राज्य के अंदर टेस्टिंग में की गई वृद्धि संबंधी डा. तलवाड़ ने बताया कि 15 जि़ला अस्पतालों (बरनाला, बठिंडा, फाजि़ल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, पठानकोट, जालंधर, कपूरथला, मानसा, मोगा, संगरूर, मुक्तसर, शहीद भगत सिंह नगर, लुधियाना और रोपड़) में ट्रूनैट मशीनें चालू हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी 15 और मशीनों के लिए ऑर्डर दिए जा चुके हैं, जिनके द्वारा टेस्टिंग 60 मिनटों में हो जाती है।
प्रमुख सचिव डी.के. तिवाड़ी ने बताया कि राज्य के अंदर मौजूदा मृत्यु दर 2.6 फीसदी है, जबकि भारत में यह 2.8 फीसदी है। उन्होंने आगे बताया कि कोविड मरीज़ों में 70.8 फीसदी बिना लक्षण वाले हैं, 14.7 फीसदी कम प्रभावित, 8.8 फीसदी दर्मियाने प्रभावित और 5.6 फीसदी ज़्यादा प्रभावित हैं।

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