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राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

छिन्दवाड़ा-(भगवानदीन साहू)- शहर के सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदीन साहू के नेतृत्व में अखिल भारतीय नारी मंच एवं अन्य धार्मिक संगठनों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोसभा अध्यक्ष, केन्द्रीय विधिमंत्रालय के नाम जिला कलेक्टर छिन्दवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर हिन्दू धार्मिक बंदोबस्ती अधिनियम 1951 में सुधार की मांग की – ज्ञापन में बताया कि, उक्त एक्ट के अंतर्गत राज्य सरकारों को मंदिरों की सम्पत्ति एवं आय का पूर्ण नियत्रंण प्राप्त है। सदियों से हिन्दू राजाओं ने धर्म के प्रचार – प्रसार हेतु देष में हजारों मंदिर बनवाये। आंध्रप्रदेष – में लगभग 43,000 दार्षनिक मंदिर है। जिनकी आय (दान) का 18ः मंदिर पर खर्च होता है, शेष 82ः सरकार पता नहीं क्या? करती है। तिरूपति बालाजी मंदिर की आय 1300 करोड़ प्रतिवर्ष है। इसमें भी सरकार 15ः मंदिर खर्च जिसमें पूजारियों का वेतन एवं रख रखाव सम्मिलित है, शेष 85ः बची राषि सरकार हड़प कर लेती है। आंध्रप्रदेष में 10 मंदिरों की जमीन सरकार ने अधिग्रहित करके गोल्फ मैदान बना डाले। कर्नाटक मे लगभग 2 लाख मंदिर है, जिससे सरकार प्रतिवर्ष लगभग 79 करोड़ रूपये बटोरती है। जिसमें से सिर्फ 7 करोड़ मंदिर व्यवस्था पर खर्च करती है। उड़िसा सरकार ने जगन्नाथ मंदिर की लगभग 70 हजार एकड़ जमीन बेचने के लिए निकाली है। ऐसे कई अनगिनत उदाहरण है जो मंदिरों का पैसा सरकार हड़प करके अपने कुप्रबंधन, या वोट बैंक के लिए मदरसे या धर्मान्तरण पर खर्च करती है। जो हिन्दूओं एवं सनातन संस्कृति के खिलाफ है, यह एक बहुत बड़ी साजिष का हिस्सा है। इस एक्ट में संषोधन कर हिन्दू मंदिरों के दान का पैसा हिन्दू धर्म के प्रचार – प्रसार एवं गुरूकुल की स्थापना में खर्च किये जाने हेतु प्रबंध समिति बनायी जायें। ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन, साध्वी प्रतिभा बहन, सोमनाथ पवार, विशाल चउत्रे, अंकित ठाकरे, हेमराज पटले, सुखदेव मानकर, सोमेश चरपे, हिमांषु तिवारी, नितेष साहू, एवं कई धार्मिक संस्था से जुडे़ लोग उपस्थित थें।

 

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