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अकालियों ने किसानी विरोधी आर्डीनैंसों के हक में समर्थन देकर पंजाब के हित बेचे – कैप्टन अमरिन्दर सिंह

   *  आर्डीनैंसों के विरुद्ध केंद्र के साथ लड़ाई लड़ूंगा -मुख्यमंत्री द्वारा ऐलान
   *  सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के मिलने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखूंगा
चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कहा कि अकालियों ने राज्य की किसानी को तबाह कर देने वाले किसान विरोधी आर्डीनैंसों के प्रति समर्थन देकर पंजाब के हित बेच दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान विरोधी आर्डीनैंसों के विरुद्ध वह केंद्र सरकार के साथ लड़ाई लड़ेंगे।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के मिलने के लिए समय मांगेगे। उन्होंने बताया कि भाजपा को छोड़ कर पंजाब की सभी पार्टियों ने प्रधानमंत्री को मिलने का फ़ैसला सर्वसम्मति से लिया था।
शांता कुमार कमेटी की सिफारिशों का हवाला देते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सावधान किया, ‘‘सुखबीर बादल या भाजपा वाले चाहे कुछ भी कहे जाएँ, यदि एक बार आर्डीनैंस पास हो गए तो केंद्र सरकार की तरफ से अपने अगले कदम में न्यूनतम समर्थन मूल्य को ख़त्म करने के साथ-साथ एफ.सी.आई. को भी तोड़ दिया जायेगा।’’ उन्होंने कहा,‘‘स्वयं आप इसकी कल्पना कर सकते हो कि यदि यह सब कुछ हकीकत में बदल गया तो पंजाब के किसानों के साथ क्या होगा।’’ उन्होंने कहा कि यदि यह आर्डीनैंस कानूनी रूप में लागू हो गए तो खरीद प्रक्रिया ख़त्म हो जायेगी और मंडी का भी अंत हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों को सिफऱ् अपने राजनैतिक लाभ पालने में रूचि है और हरसिमरत बादल को केंद्रीय कैबिनेट में अपनी कुर्सी बचाने का फिक्र लगा रहता है। उन्होंने कहा कि वास्तव में बादल किसी भी कीमत पर पंजाब में गठजोड़ बचाने के लिए भाजपा को खुश करने में लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अकालियों को अपने राजनैतिक हितों के साथ ही सरोकार है। सुखबीर चाहता है कि उसकी पत्नी केंद्रीय कैबिनेट में बैठी रहे जबकि वह आप प्रधान बना रहे। वह पंजाब के बारे में नहीं सोचते बल्कि उन पर व्यक्तिवाद भारी है।’’ उन्होंने कहा कि इतिहास भी इस तथ्य की गवाही भरता है।
पंजाब और इसके हितों को बचाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्डीनैंस 100 प्रतिशत पंजाब और किसान विरोधी हैं और भाजपा और अकालियों को छोड़ कर सभी राजनैतिक पार्टी भी इसी नुक्ते पर सहमति प्रकटा चुकी हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनको हाल ही में मिली सभी किसान जत्थेबंदियों ने भी इन आर्डीनैंसों को तुरंत रद्द करने की माँग की थी।
‘कैप्टन को सवाल ’ प्रोग्राम की अगली लड़ी के दौरान फेसबुक लाइव के ज़रिये सवाल का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने पहले भी पंजाबी राज्य लहर के द्वारा राज्य को बर्बाद कर दिया और अब इन आर्डीनैंसों की हिमायत करके किसानी को तबाह करने के लिए उतावले हुये फिरते हैं। उन्होंने इन आर्डीनैंसों को मुल्क के संघीय ढांचे पर सीधा हमला बताया। इतिहास इस बात का गवाह है कि अकालियों ने पंजाब के टुकड़े किये और अपने संकुचित राजनैतिक हित पालने की ख़ातिर संकुचित नज़रिया अपनाते हुये राज्य के बहुत से साधन हिमाचल प्रदेश और हरियाणा को दे दिए।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यदि राज्य का विभाजन न होता तो संसद में पंजाब की नुमायंदगी कई गुणा अधिक होती और दिल्ली में राज्य का भी दबदबा होना था जिस कारणइसके हितों को दरकिनार कर देने का सवाल ही पैदा नहीं था होना। उन्होंने संसद में राज्य के सिफऱ् 13 संसद मैंबर होने पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुये कहा कि पंजाब की आवाज़ सुनी नहीं जा रही और ख़ास तौर पर अन्य राज्यों की तरफ से भी अब गेहूँ का उत्पादन शुरू कर देने से केंद्र सरकार महसूस करने लगा है कि अनाज की सुरक्षा के लिए अब पंजाब की ज़रूरत नहीं रही। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने (केंद्र की सरकारों) हमारे सामथ्र्य को निचोड़ लिया और हमें इस्तेमाल करके छोड़ दिया।’’ उन्होंने पंजाब के लोगों को आर्डीनैंस के विरुद्ध लड़ाई में साथ देने और अकाली -भाजपा के हाथ गुमराह न होने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र के उस फ़ैसले का स्वागत किया जो उनकी अपील पर टिड्डी दल के हमले को रोकने के लिए हैलीकॉप्टर के द्वारा सपरे के छिडक़ाव की आज्ञा दे दी। उन्होंने आशा अभिव्यक्त की कि टिड्डी दल से पंजाब का बचाव हो जायेगा। उन्होंने कहा कि एम.आई. 17 को रासायनों के सपरे के लिए रखा गया है और यह काम राजस्थान से जल्द शुरू हो जायेगा।
कोविड संबंधी मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति कोई ठीक नहीं है जैसे भारत में निरंतर केस बढ़ रहे हैं। पंजाब में भी संख्या 6000 को पार कर गई है और अब तक 157 मौतें हो गई हैं। उन्होंने सभी एहतियात की पालना करने की महत्ता को दोहराते हुये कहा कि मास्क डालना और सामाजिक दूरी की पालना यकीनी बनाई जाये। उन्होंने कहा कि रोज़मर्रा के उल्लंघन करने के 4000 -5000 केस दर्ज हो रहे हैं जिनमें सडक़ोंं पर थूक फेंकने के भी मामले शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अपनी और पंजाब की सुरक्षा ख़ातिर ही सेहत सलाहकारियों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम सिफऱ् कंट्रोल कर सकते हैं, इलाज नहीं ’’। मुख्यमंत्री ने लोगों की तरफ से सरपंचों और अन्य की तरफ से मिशन फ़तेह के हिस्से के तौर पर सांझी की गई सारी हिदायतों की पालना करने की ताकिद की। डाक्टरों, पैर मैडीकल और नर्सों की भर्ती के सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रीमंडल की मंज़ूरी के साथ भर्ती प्रक्रिया को तेज़ी से किया जा रहा है। मंत्रीमंडल की तरफ से कोविड के साथ ताकतवर होकर निपटने के लिए यह विशेष फ़ैसला किया गया है।
कोचिंग सैंटरों को खोले जाने के लिए पूछे सवाल संबंधी उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला केंद्र सरकार की तरफ से लिया जाना है परन्तु राज्य सरकार इस सम्बन्धी आज्ञा लेने के लिए केंद्र को लिखेगी क्योंकि पंजाब की स्थिति कई राज्यों की अपेक्षा बेहतर है।
एक विद्यार्थी ने कैनेडा जाने संबंधी जानना चाहा जहाँ सितम्बर महीने उसकी परीक्षाएं तय हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको उम्मीद है कि अंतर-राष्ट्रीय यात्रा इससे पहले शुरू हो जायेगी और यदि फ्लाईटें फिर शुरू होती हैं तो पंजाब सरकार उसका नाम सूची में शामिल करवाने का यत्न करेगी।
चीन और पाकिस्तान के साथ सरहदी स्थिति संबंधी फिऱोज़पुर निवासी की तरफ से ज़ाहिर किये सरोकार संबंधी कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि भारतीय फ़ौज इन दोनों मुल्कों के साथ निजी रूप या सांझे तौर पर हर प्रकार के खतरों से निपटने के योग्य है। उन्होंने कहा कि ‘‘परमात्मा की कृपा स्वरूप भारत और पंजाब सुरक्षित रहेंगे और तरक्की करेंगे ’’
कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से एक सवाल कर्ता को भरोसा दिया गया कि श्री गुरू तेग़ बहादुर जी के 400 साला प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाए जाने के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी।
बायोमास ब्रिकस यूनिट पटियाला में बिजली काटों और सडक़ों की बुरी हालत संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सम्बन्धित विभाग को इस मसले के बारे देखने और समस्या के हल के लिए कहेंगे।
खरड़ फ्लाईओवर के खुलने में हो रही देरी सम्बन्धी सवाल के बारे कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह भारत की राष्ट्रीय हाईवे अथॉरिटी का प्रोजैक्ट है और कोविड करके इसमें देरी हुई है परन्तु अब इसका काम फिर शुरू हो चुका है और उनकी सरकार इस सम्बन्धी भारत सरकार के साथ प्रोजैक्ट की पैरवी कर रही है। उन्होंने याद करवाया कि खरड़ बाइपास के निर्माण उनके पिछले कार्यकाल के समय पर हुआ था।
क्लासों न लगने पर स्कूल फ़ीसों संबंधी हाई कोर्ट के फ़ैसले के बारे पूछे सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ख़ुद भी इस पर खुश नहीं और पंजाब सरकार की तरफ से हाई कोर्ट में रिविऊ पटीशन डाले जाने का काम प्रक्रिया अधीन है।
मुख्यमंत्री की तरफ से फाजिल्का की मनप्रीत कौर, जो एक दुर्घटना पीडि़त है जिसको पिछली सरकार की तरफ से नौकरी देने का वायदा किया गया था, को भरोसा दिया गया कि वह इस बारे में टिप्पणी नहीं करेंगे कि अकाली -भाजपा सरकार ने क्या किया परन्तु ‘‘हम सरकार की वचनबद्धता पूरी करेंगे’’।
 लुधियाना में विकास चरणबद्ध रूप में न होने संबंधी की शिकायत के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि विकास मास्टर प्लान के अनुसार हो रहा है परन्तु यदि कोई विशेष मुद्दा है तो उसका हल किया जायेगा।
एंबुलेंस फ्लीट को राज्य में मज़बूत करने संबंधी उन्होंने कहा कि 400 का लक्ष्य इसी साल पूरा कर लिया जायेगा। एक अन्य सवाल संबंधी उन्होंने कहा कि खेल को उत्साहित करने के लिए पंजाब में 750 स्टेडियम बनाए जाएंगे और प्रति ब्लॉक 5 होंगे।

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