Breaking News
Home / पंजाब / 7 रिश्वतखोर कर्मचारियों समेत 8 प्राईवेट व्यक्ति काबू 

7 रिश्वतखोर कर्मचारियों समेत 8 प्राईवेट व्यक्ति काबू 

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : स्टेट विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही मुहिम के दौरान मार्च, अप्रैल और मई महीनों के दौरान अलग-अलग तरह के 12 मामलों में 7 कर्मचारियों और 8 प्राईवेट व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया जिसमें 2 पुलिस मुलाजीम, एक राजस्व कर्मचारी और 4 अन्य विभागों से शामिल हैं। इसके अलावा उन व्यक्तियों के विरुद्ध सात मामले दर्ज किये गए हैं जो कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे।
यह खुलासा करते हुए मुख्य डायरैक्टर-कम-ए.डी.जी.पी. विजीलैंस ब्यूरो श्री बी. के. उप्पल ने कहा कि ब्यूरो ने इस समय के दौरान सार्वजनिक सेवकों और अन्य व्यक्तियों में भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए अपनी पूरी कोशिश की है। उन्होंने बताया कि ब्यूरो ने पिछले तीन महीनों में अलग-अलग विशेष अदालतों में 9 विजीलैंस मामलों के चालान पेश किये हैं। इस समय के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों की पूरी तरह जांच करने के लिए सात विजीलैंस जांच भी दर्ज की गईं और विजीलैंस जांच के आधार पर एक मुकद्मा भी दर्ज किया गया।
और ज्यादा जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विशेष अदालतों ने ब्यूरो द्वारा दायर किये गए दो रिश्वत के मामलों का फैसला किया जिसमें कश्मीर सिंह, पूर्व सचिव, प्राथमिक कृषि सहकारी सभा, गाँव लालेआना, जिला बठिंडा को ऐडीशनल सैशन जज बठिंडा की तरफ से 4 साल कैद और 10,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी तरह एक अन्य केस में, हरबंस लाल, कानूगो, राजस्व हलका जंड्याना, एस बी एस नगर जिले को ऐडीशनल सैशन जज एस.बी.एस.नगर की तरफ से 4 साल कैद और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
विजीलैंस के प्रमुख उप्पल ने आगे कहा कि विजीलैंस ब्यूरो के अधिकारियों को कैमिस्टों की दुकानों, खाने की दुकानों और ऐल.पी.जी. वितरकों पर कड़ी नज़र रखने की हिदायत की गई है जिससे कोविड-19 लाॅकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं की गुणवत्ता, मात्रा और कीमतों की जांच की जा सके। उन्होंने आगे कहा कि ब्यूरो ने एक विशेष चैकिंग के दौरान घुल्यानी गैस कपूरथला के मालिक विनय घुल्यानी और उसके सहायक के खिलाफ उपभोक्ताओ को कम गैस वाले 17 सिलंडरों की सप्लाई करने के दोष में थाना सीटी कपूरथला में जरूरी वस्तुएँ एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज करवाया है।
इसके अलावा विजीलैंस ब्यूरो ने इंडस फार्मेसी एस.ए.एस.नगर में भी विशेष चैकिंग की है और दुकान मालिक दिनेश कुमार के खिलाफ महंगी कीमत पर मास्क और सैनीटाईजर बेचने के लिए 188 आइपीसी के अंतर्गत केस दर्ज करवाया है।

About admin

Check Also

पंजाब में कृषि और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 69,000 करोड़ रूपये के अहम बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़, 17 जुलाई (पीतांबर शर्मा) : मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने आज यहाँ बताया कि …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share
gtag('config', 'G-F32HR3JE00');