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सब इंस्पेक्टर आदित्या शर्मा अपराधिक दोषों, शारीरिक शोषण और अनुशासनहीनता के कारण नौकरी से बरख़ास्त

पटियाला  (रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो) : पटियाला के आई.जी. जतिन्दर सिंह औलख ने अपराधिक कार्यवाहियों में संलिप्त पुलिस के प्रोबेशनर सब इंस्पेक्टर आदित्या शर्मा की तरफ से अनुशासनहीणता दिखाने, शारीरिक शोषण के दोषों और ड्यूटी से लगातार गैर-हाजिऱ रहने के मामले को गंभीरता से लेते हुये नौकरी से तुरंत प्रभाव से बरख़ास्त कर दिया है।
विवादों का केंद्र बने आदित्या शर्मा के विरुद्ध जिस महिला ने शारीरिक शोषण करने के दोष लगा के दो मामले दर्ज करवाए थे, के साथ उसने अनुशासनात्मक कार्यवाही से बचने के लिए विवाह भी करवाया था। पुलिस विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक वह लगातार गंभीर किस्म की अपराधिक कार्यवाहियों, शारीरिक संभोग के दोष शामिल हैं, में लिप्त रहा और पंजाब पुलिस अकैडमी, फि़लौर की प्रारम्भिक प्रशिक्षण करने में भी असफल रहा। संयोगवश शर्मा अपने प्रोबेशन के थोड़े समय के दौरान 109 दिनों के लिए मुअत्तल भी रहा और 65 दिनों के लिए ड्यूटी से भी गैर-हाजिऱ रहा।
इस बात का नोटिस लेते कि यदि किसी अधिकारी की अनुशासनहीनता को रोका न जाये तो यह पुलिस विभाग के बाकी साथियों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, आई.जी. स. जतिन्दर सिंह औलख ने शर्मा की बर्खासती के जारी किये आदेशों में कहा है कि शर्मा ने सीनियर पुलिस कप्तान, पटियाला द्वारा जारी किये गए कारण बताओ नोटिसों का भी जवाब नहीं दिया। आई.जी. ने इस बात का नोटिस लिया है कि अधिकारी की तरफ से लगातार ड्यूटी से गैर-हाजिऱ रहना, जोकि अब तक जारी है, वह भी उस समय जब एक तरफ़ हमारे राज्य पंजाब में ही नहीं बल्कि पूरे देश में भी कोविड -19 की भयानक महामारी का प्रकोप चल रहा है और दूसरीे तरफ़ पूरा पुलिस विभाग पूरी तनदेही और नि:स्वार्थ सेवा भाव के साथ लगातार इस जंग के विरुद्ध लड़ रहा है।
प्रवक्ता के मुताबिक, आई.जी. पुलिस को एस.एस.पी. पटियाला की तरफ से जालंधर जि़ले के फि़ल्लौर के निवासी प्रोबेशनर अधिकारी के विरुद्ध एक ज्ञापन प्राप्त हुआ था, जिसको कि 24 जनवरी, 2019 को एक ‘विशेष केस’ के तौर पर विचारते हुये एस.आई. भर्ती किया गया था। पूरे मामले और तथ्यों को जांचते हुये आई.जी.पी. ने पंजाब पुलिस नियम, 1934 (पंजाब राज्य में लागू) के नियम 12.8 के अंतर्गत आदेश जारी किये हैं।
आदित्या शर्मा के विरुद्ध लगे दोषों का विवरण देते हुये प्रवक्ता ने कहा कि इसके विरुद्ध एक महिला ने शारीरिक शौषण और मारपीट करने के दोष लगाते हुये पहली एफ.आई.आर. थाना सदर, होशियारपुर में दर्ज करवाई थी। उस समय कमांडैंट-कम -डिप्टी डायरैक्टर (प्रशासन), पंजाब पुलिस अकैडमी, फिल्लौर (अकैडमी के डायरैक्टर की मंज़ूरी से) ने 23 सितम्बर, 2019 को आदित्या का प्राथमिक प्रशिक्षण मुकम्मल किये बिना उसको उसकी पहली यूनिट में वापस भेज दिया था।
उसके तबादले के आदेशों में कहा गया था कि पी.पी.ए. में अधिकारी का व्यवहार अकैडमी के वातावारण के अनुकूल नहीं है और वह पुलिस अकैडमी में भी 18 सितम्बर, 2019 से लगातार गैर-हाजिऱ रहा है।
बाद में आई.पी.सी. की धाराओं 376-सी (अधिकार में व्यक्ति द्वारा यौन शोषण) और 506 का विस्तार किया कर दिया गया था और इसको 15 नवंबर, 2019 को मुअत्तल कर दिया गया था। इसके विरुद्ध विभागीय जांच करने के लिए डी.एस.पी. (महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराध) पटियाला को सौंपी गई थी। मुअत्तल के अधीन इस अधिकारी को लगातार पटियाला पुलिस लाईन में रिपोर्ट करने के आदेश किये गए थे और पंजाब पुलिस रूल्ज, 1934 के नियम 16.21 के अंतर्गत नियमों और शर्तों का पालन करने के लिए कहा गया था।
चाहे कि 20 फरवरी, 2020 को शर्मा ने एस.एस.पी. पटियाला के पास दरख़ास्त दी थी कि एफ.आई.आर. नंबर 144 में शिकायतकर्ता महिला के साथ उसका समझौता हो गया है और उसने शिकायतकर्ता महिला के साथ कानूनी विवाह करवा लिया है। इसके बाद एस.एस.पी. पटियाला की शिफारिश पर उसकी मुअत्तली रद्द करके विभागीय जांच और अपराधिक कार्यवाही लम्बित थी। प्रोबेशनर एस.आई. 11 नवंबर, 2019 से 2 मार्च, 2020 तक कुल 109 दिनों तक मुअत्तल रहा।
इसी दौरान अपनी ड्यूटी से गैर-हाजिऱ रहने के आदी प्रोबेशनर अधिकारी को पुलिस ऐकडमी फिल्लौर में प्रशिक्षण के दौरान ड्यूटी से गैर-हाजिऱ रहने के कारण दो बार कारण बताओ नोटिस जारी की गए, जिसका वह कोई जवाब नहीं दे सका। उसने 3दिसंबर, 2019 को दोबारा ड्यूटी ज्वाइन की, जिस दौरान उसने ड्यूटी से ग़ैर-उपस्थित रहने का संक्षिप्त कारण बताया परन्तु 20 मई से 29 मई, 2020 से वह फिर से गैर-हाजिऱ रहा है।
इसके उपरांत उसके विरुद्ध एक अन्य एफ.आई.आर. नंबर 91, हाल ही दौरान 3 जून, 2020 को उसी महिला की तरफ से जो अब इसकी पत्नी है, ने पुलिस थाना गोराया में अ /ध 323, 498 -ए, 509 और 406 आई.पी.सी. के अंतर्गत दर्ज करवाई है कि फरवरी में उनके विवाह के बाद आदित्या शर्मा तालाबन्दी के दौरान लगातार उस पर शारीरिक और मानसिक अत्याचार कर रहा है।
पीडि़त महिला ने 26 और 27 मई को हुई घरेलू हिंसा के बाद पुलिस तक पहुँच की और उसने दावा किया कि उसके सिर, पीठ, कंधे और हाथ पर मारपीट के ज़ख्म हैं। प्रवक्ता ने बताया कि शर्मा 5 जून से फिर अपनी ड्यूटी से गैर-हाजिऱ चल रहा है और एस.एस.पी. की तरफ से आई.जी. पटियाला को इस सम्बन्धी ज्ञापन दिया गया है।

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