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कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राजस्व घटने के बावजूद घरेलू बिजली दरें घटाने के फ़ैसले का स्वागत किया

कहा, ‘सरकार और ज़्यादा चाहती थी परन्तु रेगुलेटरी कमीशन कोविड घाटे के कारण मजबूर था, आगे भी दरें तर्कसंगत करने के लिए प्रयास करेंगे’

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा) : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब स्टेट इलैक्ट्रीसिटी रेगुलेटरी कमीशन (पी.एस.ई.आर.सी.) की तरफ से कोविड और लॉकडाऊन के कारण राजस्व घटने के बावजूद घरेलू बिजली दरें घटाने के फ़ैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लोगों के हितों को आगे रखते हुये दरों को आगे से और भी तर्कसंगत किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने चाहे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों के लिए भी और दरों में कटौती की सिफ़ारिश की थी परन्तु रेगुलेटरी कमीशन राजस्व इक_ा करने में आई भारी गिरावट के चलते राज्य सरकार की विनती मानने के लिए असमर्थ था। उन्होंने कहा कि अकेले अप्रैल महीने ही व्यापार और उद्योगों के बंद होने के कारण पंजाब स्टेट पावर कोरर्पोशन को 30 करोड़ रुपए प्रति दिन घाटा बर्दाश्त करना पड़ा।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि घरेलू दरों को तर्कसंगत करने का काम राज्य में कई सालों बाद पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि 50 किलो दूरी के लोड तक की मौजूदा कटौती (0 से 100 यूनिट तक के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट और 101 से 300 यूनिट तक 25 पैसे प्रति यूनिट) राज्य के 69 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 354.82 करोड़ रुपए की राहत देगी। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक फ़ायदा समाज के अति गरीब वर्ग को होगा जो कोरोना महामारी के चलते सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
तथ्य यह है कि कमीशन ने छोटे दुकानदारों (7 किलोवाट तक के लोड वाले एन.आर.एस. उपभोक्ताओं) के लिए बिजली दरों को नहीं बढ़ाया जिसका मौजूदा स्थिति में स्वागत करना बनता है क्योंकि लॉकडाऊन के चलते यह दुकानदार बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे उद्योगों की तय दरों को घटाने की माँग को बदकिसमती से ऐसे संकाटमई समय में नहीं माना जा सकता जब राज्य बड़े पैमाने के आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने इस तथ्य पर संतुष्टि ज़ाहिर की कि किसी भी वर्ग के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए इसको लेकर कोई विस्तार नहीं किया गया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से कमीशन की तरफ से रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे के दरमियान बिजली का प्रयोग करने वाले बड़े और दर्मियाने औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 50 फीसद तय चार्जों समेत रात की विशेष दरों और 4.83 /के.वी.ए.एच रुपए ऊर्जा चार्ज को चालू रखने और इसको छोटे पैमाने पर बिजली का उपभोग करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं तक बढ़ाने के लिए फ़ैसले का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि इससे छोटी औद्योगिक इकाईयां को लॉकडाऊन के कारण हुए कुछ वित्तीय घाटों से उभरने में सहायता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि पिछली दो वित्तीय अवधियों की तय सीमा से और ज्यादा प्रयोग के लिए घटाऐ ऊर्जा चार्जों पर बिलिंग चालू रखने के कारण उद्योगों को बची हुई बिजली के प्रयोग के लिए प्रेरित किया जा सकेगा जोकि जूझ रहे उद्योगों के लिए लॉकडाऊन के बाद के समय के लिए सहायक सिद्ध होगी।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे रास्ता और साधन ढूँढेगी जिससे राजस्व में विस्तार हो सके और लॉकडाऊन के कारण राजस्व से पैदा हुई खाई को घटाया जा सके जिसके साथ आगे बढ़ते बिजली टैरिफ को और तकरसंगत बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की तरफ से लॉकडाऊन के कारण सरकारी खजाने को राजस्व के पड़े घाटे के बावयूद किसानों के लिए मुफ़्त बिजली और उद्योगों के लिए रियायती दरों पर बिजली मुहैया करवाने संबंधी अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एस.सी /बी.सी और गरीबी रेखा से निचले परिवारों के लिए 200 यूनिट मुफ़्त प्रति महीने की रियायत चालू रखेगी।

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