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अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खुला, अब ज्यादा सतर्क रहने का समय”: PM मोदी

‘मन की बात’ कार्यक्रम की 10 अहम बातें

नई दिल्ली (रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो) :  कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात  कार्यक्रम के जरिए लोगों को संबोधित किया. कहा कि कोरोना का संकट अभी कम नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब खुल गया है. ऐसे में, हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है. दो गज की दूरी का नियम और मुंह पर मास्क लगाने का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए, उसमें जरा भी ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए. कोरोनावायरस संकट की सबसे बड़ी चोट हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है. उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा, शब्दों में नहीं कही जा सकती.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन पर, हमारी लैब्स में, जो, काम हो रहा है उस पर तो दुनियाभर की नज़र है और हम सबकी आशा भी.” एक ऐसी आपदा जिसका पूरी दुनिया के पास कोई इलाज नहीं है,  जिसका कोई पहले का अनुभव ही नहीं है, तो ऐसे में  नयी-नयी चुनौतियाँ और उसके कारण परेशानियाँ हम अनुभव भी कर रहें हैं

कोरोनावायरस संकट की सबसे बड़ी चोट, अगर किसी पर पड़ी है, तो, हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है. उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा, शब्दों में नहीं कही जा सकती है. हम में से कौन ऐसा होगा जो उनकी और उनके परिवार की तकलीफों को अनुभव न कर रहा हो. हम सब मिलकर इस तकलीफ को, इस पीड़ा को, बांटने का प्रयास कर रहे हैं, पूरा देश प्रयास कर रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत के विकास से ही देश का संतुलित आर्थिक विकास संभव है. पूर्वी भारत में देश का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता है. जिसके श्रमिकों के बाहुबल में देश को नई ऊंचाई पर ले जाने का सामर्थ्य है. पूर्वी भारत का विकास बहुत जरूरी है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में, इस दिशा में, बहुत कुछ हुआ है, और, अब प्रवासी मजदूरों को देखते हुए बहुत कुछ नए कदम उठाना भी आवश्यक हो गया है, और, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. देश ने, जब, मुझे सेवा का अवसर दिया, तभी से, हमने पूर्वी भारत के विकास को प्राथमिकता दी है. जैसे, कहीं श्रमिकों की skill mapping का काम हो रहा है, कहीं start-ups इस काम में जुटे हैं, कहीं migration commission बनाने की बात हो रही है.

आत्मनिर्भर भारत के पथ पर हम आगे बढ़ रहे हैं. केंद्र सरकार ने अभी जो फैसले लिए हैं, उससे भी गांवों में रोजगार, स्वरोजगार, लघु उद्योगों से जुड़ी विशाल संभावनाएं खुली हैं. ये फैसले आत्मनिर्भर भारत के लिए हैं.

प्रधानमंत्री ने कोरोना संकट में प्राणायाम का महत्व भी बताया.  कोरोना संकट के इस समय में ‘योग’ इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि ये वायरस, हमारे Respiratory सिस्टम पर ज्यादा असर करता है. योग में तो श्वसन प्रणाली को मजबूत करने वाले कई तरह के प्राणायाम हैं, जिनका असर हम लंबे समय से देखते आ रहे हैं.”

आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि इस योजना से गरीबों के पैसे खर्च होने से बचे हैं. मैं, ‘आयुष्मान भारत’ के सभी लाभार्थियों के साथ-साथ मरीजों का उपचार करने वाले सभी डॉक्टरों, nurses और मेडिकल स्टाफ को भी बधाई देता हूं. हमारा ईमानदार Tax Payer भी इस पुण्य का हकदार  है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जब मैंने पिछली बार आपसे ‘मन की बात’ की थी, तब, यात्री ट्रेनें बंद थीं, बसें बंद थीं, हवाई सेवा बंद थी. इस बार, बहुत कुछ खुल चुका है, श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं, अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं. तमाम सावधानियों के साथ, हवाई जहाज उड़ने लगे हैं, धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुआ है, यानी, अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है, खुल गया है. ऐसे में, हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ हफ़्तों के दौरान हमने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में Super Cyclone अम्फान का कहर देखा. तूफ़ान से अनेकों घर तबाह हो गए. किसानों को भी भारी नुकसान हुआ. पीएम ने टिड्डियों के हमले का भी मन के बात कार्यक्रम में चर्चा की.

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