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16 में से 8 कोरोना पीडि़त पुलिस कर्मचारी पूरी तरह ठीक होने के बाद डिस्चार्ज-डीजीपी

   चंडीगढ़ (रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो) : राज्य के अस्पतालों में दाखि़ल 16 में से 8 कोरोना पीडि़त पुलिस कर्मचारियों को पूरी तरह ठीक होने के बाद आज डिस्चार्ज कर दिया गया, पंजाब पुलिस द्वारा अगली कतार में ड्यूटी करने वाले जवानों के लिए सुरक्षा और कल्याण प्रयासों को जारी रखा गया और अपने कर्मचारियों के लिए पिछले एक हफ़्ते में 20 जि़ला क्वारंटाइन सैंटर स्थापित किए गए।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने रविवार को बताया कि इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नोटीफाईड किए गए सैंटरों की कुल संख्या 78 हो गई। उन्होंने आगे कहा कि 14 मई को अस्पतालों में दाखि़ल 16 पुलिस मुलाजि़मों में से 8 पूरी तरह ठीक होकर आज अपने घर चले गए हैं।
एकांतवास में भेजे गए पुलिस मुलाजि़मों संबंधी जानकारी देते हुए डीजीपी ने बताया कि जि़ला पुलिस (110) और आम्र्ड पुलिस (80) समेत कुल 190 पुलिस मुलाजि़म फि़लहाल विभाग द्वारा बनाए गए जि़ला क्वारंटाइन सैंटरों में क्वारंटाइन अधीन हैं, जो अपनी ड्यूटी के दौरान संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए थे। अन्य 90 जि़ला पुलिस मुलाजि़म और 69 आम्र्ड पुलिस मुलाजि़म होम क्वारंटाइन अधीन हैं और अब उनकी कुल संख्या 349 रह गई है, जो कि पहले 615 थी, क्योंकि बाकी 266 मुलाजि़मों के ज़रूरी क्वारंटाइन की समयय सीमा पूरी हो गई है।
डीजीपी ने कहा कि क्वारंटाइन सैंटरों में पुलिस मुलाजि़मों की देखभाल को यकीनी बनाने के लिए जि़लों के पुलिस नोडल अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ नज़दीकी तालमेल कायम रखा जा रहा है। वैलफेयर विंग नोडल अधिकारियों से रोज़ाना क्वारंटाइन किए गए कर्मचारियों के स्वास्थ्य सम्बन्धी अपडेट लेता है, इसके साथ ही कोविड-19 संबंधी पंजाब के स्वास्थ्य विभाग और डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी की गईं हिदायतें सभी क्वारंटाइन किए गए पुलिस कर्मचारियों तक पहुचाईं गई हैं। होम क्वारंटाइन के लिए भी इसी तरह की देखभाल की जाती है और उनकी सेहत की निगरानी के लिए मैडीकल अधिकारियों की उपलब्धता को यकीनी बनाया जाता है।
डीजीपी ने कहा कि क्वारंटाइन अधीन पुलिस मुलाजि़मों की जांच के दौरान सामने आया कि 16 पुलिस मुलाजि़मों को क्वारंटाइन होना पड़ा, क्योंकि वह पुलिस अधिकारी प्राथमिक संपर्क में आने के कारण पॉजि़टिव हुए, जबकि 150 पुलिस मुलजि़मों को क्वारंटाइन होना पड़ा, क्योंकि वह अपराधियों के साथ पूछताछ के दौरान कोरोना पॉजि़टिव मरीज़ के संपर्क में आए और उसके बाद उनका टेस्ट पॉजि़टिव पाया गया।
118 अन्य पुलिस मुलाजि़मों को क्वारंटाइन करना पड़ा क्योंकि वह हज़ूर साहिब से लौटे श्रद्धालूओं, जयसलमेर (राजस्थान) के कर्मचारी, जवाहर नवोदया सदन के विद्यार्थियों और कोटा (राजस्थान) से विद्यार्थियों को वापस लाने के साथ-साथ बच्चों और मज़दूरों को जम्मू-कश्मीर लेकर जाने के समय ड्यूटी पर तैनात किये गए थे। इसके इलावा, जि़ला मानसा में 54 व्यक्तियों को क्वारंटाइन किया गया था क्योंकि वह बुढ़लाडा, मानसा के कंटेनमैंट ज़ोन में ड्यूटी निभा रहे कोविड पॉजि़टिव पुलिस कर्मचारियों के प्राथमिक संपर्क में आए थे, जबकि लुधियाना में 11 व्यक्तियों को संक्रमण के कारण व्यक्ति की मौत के बाद लाश के संपर्क में आने के कारण संदिग्ध होने के कारण क्वारंटाइन कर दिया गया था।
इसके अलावा, हैडक्वारटरों से वैलफेयर विंग के अधिकारी हर रोज़ नोडल अफ़सरों की जांच करते हैं और उनकी सेहत की स्थिति और तंदुरुस्ती संबंधी क्वारंटाइन किए गए व्यक्तियों के साथ बात करते हैं। विशेष तौर पर, हरेक जि़ले / इकाई में पुलिस विभाग के एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जिससे उन सभी की सेहत की निगरानी की जा सके, जो क्वारंटाइन हैं या अस्पताल में आईसोलेशन केन्द्रों में हैं।
जि़लों और सशस्त्र पुलिस इकाईयों से प्राप्त हुई रोज़ाना की जानकारी और डीजीपी पंजाब के साथ साझी की गई सूचना के आधार पर रोज़ाना जांचे गए कोविड टैस्ट की रिपोर्ट, क्वारंटाइन और डिस्चार्ज / ठीक होने वाले पुलिस मुलाजि़मों की जानकारी को एक स्प्रैडशीट पर तैयार किया जाता है। स्पैशल डीजीपी, पीएपी, आम्र्ड ईकाइयों के क्वारंटाइन किए गए पुलिस कर्मचारियों की डॉक्टरों के दौरे और उनको दी जाने वाली ख़ुराक समेत सेहत स्थिति की भी निगरानी करता है।
अस्पतालों में आईसोलेशन में रखे गए कोविड पॉजि़टिव पुलिस का एक वाट्सएप ग्रुप श्रीमती वी नीरजा, एडीजीपी वैलफेयर के साथ बनाया गया है, जो पंजाब पुलिस, एआईजी / वैलफेयर, रेंज सुपरवाइजऱी अफ़सरों और नोडल अफ़सरों के सदस्यों के साथ सीधा संपर्क करके तालमेल और निगरानी कर रहीं है।
इस दौरान, डीजीपी के निर्देशों के अनुसार वैलफेयर विंग ने सभी जि़लों और आम्र्ड पुलिस इकाईयों को लिखित तौर पर पुलिस कर्मचारियों को अगली कतार में ड्यूटियों से छूट देने के लिए कहा है, जो बी.पी., मधुमेह और साँस की अन्य समस्याओं से पीडि़त हैं या 55 साल से अधिक उम्र के हैं या सालाना मैडीकल जांच 2019 के मुताबिक किसी गंभीर पुरानी बीमारी से पीडि़त हैं।

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