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आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस: खोमचे, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए विशेष ऋण योजना, 50 लाख खोमचे वालों के लिए 5,000 करोड़ का प्रावधान

नई दिल्ली (रफतार न्यूज ब्यूरो)ः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को दूसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की. आर्थिक पैकेज को लेकर पहले दिन की गई घोषणाओं में उन्होंने लघु-मध्यम उद्योगों और कर्मचारियों का ध्यान रखते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की मजबूती के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया, इसके तहत तीन लाख करोड़ का लोन बिना गारंटी का मिलेगा. इस दौरान उन्होंने सभी तरह की इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को 31 जुलाई, 2020 तथा 31 अक्टूबर, 2020 से 30 नवंबर, 2020 तक बढ़ाए जाने की घोषणा की. इसके साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान के लिए 2,500 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की और इस प्रोत्साहन योजना को अगस्त तक के लिये बढ़ाने की बात की.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस :
आज प्रवासी मजदूरों, छोटे व्यापारियों और छोटे किसानों के लिए राहत का ऐलान किया जाएगाः निर्मला सीतरमण
* वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रवासी मजदूर, छोटे किसान और गरीब हमारी प्राथमिकता
* सरकार, गांव गरीब और किसानों की मदद कर रही है.
* शहरी गरीबों को 11 हजार करोड़ की मदद दी गई
* प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के जरिये काम दिया जा रहा हैरू वित्त मंत्री
* 2.33 करोड़ मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिला.
* श्रम कानून के सुधार पर काम चल रहा है रू वित्त मंत्री
* कोरोना के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए, यह राशि 86,600 करोड़ रुपये हैः वित्त मंत्री
* किसानों ने 4 लाख करोड़ रुपये का लोन लिया. इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को बढ़ाकर 31 मई तक किया गया. 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए रू वित्त मंत्री
* केंद्र सरकार ने प्रवासियों के लिए शेल्टर बनाने के खातिर राज्य सरकारों को राज्य आपदा प्रबंधन कोष (ैक्त् फंड) उपयोग करने की अनुमति दी. केंद्र सरकार ने ैक्त्थ् के लिए 11,002 करोड़ रुपये भी जारी किए.
* बेघर लोगों को 3 वक्त खाना दिया जा रहा हैं। उनके लिए पैसे की भी व्यवस्था की गई हैः वित्त मंत्री
* देश में न्यूनतम वेतन का लाभ सिर्फ 30 फीसदी लेबर ही उठा पाते हैं. न्यूनतम मजदूरी का भेदभाव खत्म किया जाएगा.
* मनरेगा कि दिहाड़ी 182 से बढ़ाकर 202 रुपये किया गया है: वित्त मंत्री
* श्रम कानून में सुधार पर काम किया जा रहा है. अपने राज्यों में लौटे मजदूरों को काम दिया जाएगा: वित्त मंत्री
* विभिन्न राज्यों में मौजूद प्रवासियों, जो छथ्ै। या राज्य कार्डधारक नहीं हैं, को दो माह तक पांच किलोग्राम अनाज प्रति व्यक्ति तथा एक किलोग्राम चना प्रति परिवार उपलब्ध कराया जाएगा.
* 3 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे. पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी.
* देश के किसी भी शहर में हो अपना राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. हम वन नेशन वन राशन कार्ड लाने जा रहे हैं.
* 23 राज्यों में मौजूद 67 करोड़ राशनकार्ड धारक (जो कुल च्क्ै आबादी का 83 फीसदी है) अगस्त, 2020 तक नेशनल पोर्टेबिलिटी के तहत आ जाएंगे. मार्च, 2021 से पहले 100 फीसदी नेशनल पोर्टेबिलिटी हासिल कर ली जाएगी.
* प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रवासियों को सस्ती कीमतों पर किराये के घर मुहैया कराएंगे: वित्तमंत्री
* निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रवासियों को सस्ती कीमतों पर किराये के घर मुहैया कराए जाएंगे.
निर्मला सीतारमण द्वारा पहले दिन की गई घोषणाओं के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज से अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही इस पैकेज से कंपनियों विशेषरूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को मदद मिलेगी. मोदी ने ट्वीट किया, सरकार द्वारा घोषित कदमों से नकदी बढ़ेगी, उद्यमियों को सशक्त किया जा सकेगा और उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाई जा सकेगी.
इससे पहले मंगलवार शाम को राष्ट्र को दिए संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था. पीएम ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये का यह पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा. पीएम मोदी ने कहा था कि इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपये का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा. 20 लाख करोड़ रुपये का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा. आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ, सभी पर बल दिया गया है.

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