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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राष्टï्रव्यापी लॉकडाउन की लम्बी अवधि के कारण बंद पड़ी औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को पुन: संचालित करने की केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को दी गई अनुमति

चंडीगढ़, 11 मई – हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने राष्टï्रव्यापी लॉकडाउन की लम्बी अवधि के कारण बंद पड़ी औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को चरणबद्घ तरीके से पुन: संचालित करने की केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को दी गई अनुमति को और आगे बढ़ाते हुए केन्द्र सरकार से मांग की है कि केवल कंटेनमेंट जोन को छोडक़र ग्रीन, ओरेंज व रेड जोन में ये गतिविधियां चलाने के लिए राज्यों को अपने स्तर पर अधिकृत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह मांग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों की हुई वीडियो कांफे्रसिंग के दौरान हरियाणा का पक्ष रखते हुए उठाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम कानूनों में सुधारों को राज्यों को आपदा की इस घड़ी में आपसी प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि वित्त वर्ष 2020-21 के दूसरी तिमाही में हरियाणा की सकल घरेलू उत्पाद दर पिछले वित्त वर्ष 2019-20 के दूसरी तिमाही के स्तर के समीप पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 27 अप्रैल, 2020 को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई वीडियो कांफे्रसिंग के दौरान एनडीए, इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा के बाद होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि कम्बाइंड डिफेंस सर्विसिज़, जेईई तथा एनईईटी(नीट) के संबंध में चल रही अनिश्चितता को शीघ्र समाप्त करने की उठाई मांग को स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि आगे चल कर युवाओं के भविष्य के मद्देनजर केन्द्र सरकार से स्कूल, कॉलेजों, प्रोफेशनल कोर्सिस वाले शैक्षणिक संस्थानों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रख कर 50 प्रतिशत सीमा के साथ खोलने के बारे में सोचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए सभी प्रयासों के डाक्यूमेंटेशन का कार्य हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान के निर्देशन में किया जा रहा है।
हरियाणा ने इस अवधि में कई सुधार किये हैं और कुछ नई योजनाएं भी शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’, जिसके तहत हर किसान स्वेच्छा से अपनी फसल का ब्यौरा देता है , परिवार पहचान पत्र, मुख्यमंत्री परिवार समृद्घि योजना, लाल डोरा मुक्त जिसके तहत गांव के आबादी में रहने वालों को जमीन का स्वामित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की इस योजना का जिक्र प्रधानमंत्री ने राष्टï्रीय पंचायती दिवस के अवसर पर अपने मन कीबात कार्यक्रम में भी किया था और इस योजना को अपनी स्वामित्व योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है मिशन को आगे बढ़ाते हुए हमने धान बाहुल्य क्षेत्रों में किसान धान के स्थान पर कम पानी से पकने वाली अन्य वैकल्पिक फसलें बोएं इसके लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना शुरू की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्घि योजना के तहत 5.03 लाख परिवारों को  3000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए उनके खाते में सीधा लाभ हस्तांतरण के तहत 154 करोड़ रुपये की राशि डाली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण जनगणना 2021 का कार्य रूक गया था, वहीं हमने इन दिनों में लगभग 20,000 स्थानीय कमेटियां गठित करके उनके माध्यम से प्रदेश के 25 लाख परिवारों के साधनों और आवश्यकताओं के सर्वे का कार्य करवाकर उसे डिजिटल रूप से स्टोर किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार 3.73 लाख ऐसे परिवार थे, जिनके पास किसी प्रकार का राशन कार्ड नहीं था। राज्य सरकार ने उनको डिस्ट्रेस राशन टोकन जारी किए हैं और उनको मुफ्त राशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार,13.40 लाख परिवारों को 553 करोड़ रुपये की राशि का सीधे हस्तांतरण का लाभ दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार करते हुए हरियाणा ने अपात्र लाभानुभोगियों को कम किया है, जिसके फलस्वरूप भारतीय खाद्य निगम के पास हरियाणा को आबंटित किए जाने वाले खाद्यान्नों में से 45,000 मीट्रिक टन सरप्लस हो गई है। इसलिए हरियाणा का अनुरोध है कि भारतीय खाद्य निगम को निर्देश दिये जाएं कि मई से अगस्त तक इसका उपयोग डिस्ट्रेस राशन टोकन वाले परिवारों को मुफत राशन देने के लिए दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को बनाकर राज्य सरकार ने रबी फसलों की खरीद प्रक्रिया के कार्य को काफी तेजी से आगे बढ़ाया है  और अब तक गेहूं और सरसों की लगभग 66 लाख मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है और 15 लाख मीट्रिक टन और खरीद होने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये चला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में लगभग 35,000 फैक्टरियों में 24 लाख मजदूर कार्य करते हैं जिनमें से 14 लाख औद्योगिक श्रमिक काम पर वापिस आ गये हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का लोगों में भय के कारण मानसिक तनाव बढ़ा है। इसके लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष विभाग ने प्रोडक्टस तैयार किए है और उसे हर जन तक मुफ्त पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि सरकार की अपील पर उद्यमियों ने श्रमिकों को लॉकडाउन अवधि के दौरान बिना कार्य के वेतन दिया है। इसलिए उनसे इतने समय अतिरिक्त काम का सिंगल वेतन दिया जाना चाहिए।
वीडियो कांफे्रंसिंग के दौरान उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री श्री अनिल विज, मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन प्रसाद, पुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादव के अतिरिक्त अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी उपस्थित थे।

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