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कश्मीर का मोस्ट वांटेड आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर रियाज नायकू ढेर मारा गया: एनकाउंटर के बाद भारी पत्थरबाजी

पुलवामारु/दिल्ली (रफतार न्यूज इंट ब्यूरो): कश्मीर में सुरक्षा बलों को तब बड़ी कामयाबी मिली, जब आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर रियाज नायकू मारा गया। वह 2 साल से मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था। वह अपनी बीमार मां से मिलने पुलवामा के गांव बेगपोरा आया था। सुरक्षा बलों को बेगपोरा में नायकू और उसके कुछ साथियों की मौजूदगी का इनपुट मिला था। इस एनकाउंटर में उसके मारे जाने के बाद पुलवामा में लोगों ने भारी पथराव शुरू कर दिया। हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद 2016 में घाटी में भारी उपद्रव हुआ था। ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए पूरे कश्मीर में एहतियातन मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। बीएसएनएल के अलावा बाकी सभी फोन नेटवर्क भी बंद हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने रियाज नायकू के एनकाउंटर पर ट्वीट करते हुए कहा कि रियाज नायकू का भविष्य तभी तय हो गया था, जिस वक्त उसने बंदूक उठाई थी और आंतकवाद का रास्ता चुना था। कुछ लोग हिंसा और विरोध को हवा देकर नायकू की मौत का इस्तेमाल दूसरों को इस खतरनाक रास्ते पर भेजने के लिए न करें।
कल रात को इंटेलिजेंस का पुख्ता इनपुट मिली था कि नायकू बेगपोरा गांव में मौजूद है। जिसके बाद घेराबंदी की गई। इलाके के आसपास कई सारे खेत, रेलवे ट्रैक की खुदाई की गई कि कहीं कोई सुरंग या जमीन के भीतर आतंकी ठिकाना न हो। फायरिंग नहीं होने के बाद भी सुरक्षा बलों ने घेराबंदी नहीं हटाई।
आज सुबह आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। नायकू पहले घर की छत पर बने एक ठिकाने में छिपा हुआ था। फिर वह सुरक्षा बलों पर फायर करते हुए नीचे उतरा। एनकाउंटर के दौरान सुरक्षा बलों ने 40 किलो आईईडी से उस घर को उड़ा दिया, जहां से नायकू फायरिंग कर रहा था। इसमें नायकू और उसका साथी आदिल भी मारा गया। नायकू का मारा जाना सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी है।
आर्मी के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने बताया, ‘सेना पुलवामा में मारे गए आतंकियों के नाम जाहिर नहीं करेगी, क्योंकि असली हीरो तो वे हैं जिन्होंने बेगपोरा में 2 आतंकी मार गिराए और एक अन्य मुठभेड़ में 2 और आतंकी मार गिराए। इस तरह 24 घंटे में 4 आतंकी मारे गए हैं। हम आतंकियों के नाम नहीं बताएंगे ताकि उनका महिमामंडन न हो।’ हालांकि, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रियाज नायकू के नाम का खुलासा कर दिया।
रियाज नायकू कश्मीर में सबसे ज्यादा समय तक सक्रिय रहने वाला आतंकी था। वह हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करता था। उसे मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की ए़़ कैटेगरी में रखा गया था। 35 साल का रियाज नायकू गणित का अध्यापक था। वह कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था। 2010 में कश्मीर में जारी उपद्रव के दौरान वह आतंकी बना था। यह उपद्रव टियरगैस शेल लगने से एक बच्चे तुफैल मट्टू की मौत के बाद शुरू हुआ था। महीनों तक कश्मीर में पत्थरबाजी होती रही और कर्फ्यू लगा रहा।
2016 में बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद यासीन इत्तू उर्फ महमूद गजनवी हिजबुल कमांडर बना था। इसी बीच, रियाज का नाम तब सामने आया, जब वह एनकाउंटर में मारे गए आतंकी शरीक अहमद बट के जनाजे में कलाशनिकोव राइफल लिए पहुंचा था। उसने वहां हवा में फायरिंग की थी।
जब कश्मीर में आतंकवाद शुरू हुआ था, तब आतंकी अपने साथियों के मारे जाने के बाद इस तरह की हवाई फायरिंग करते थे। इसके बाद कई बार नायकू बंदूक लहराते हुए आतंकियों के जनाजे में गन सैल्यूट देते नजर आया था।
अगस्त 2017 में 18 घंटे चले एक एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने शोपियां में इत्तू को मार गिराया था। इसके बाद रियाज इसका कमांडर बना था। नायकू मोहम्मद बिन कासिम कोड नेम से काम कर रहा था। वह बुरहान वानी का करीबी था।
2017 में वह घाटी के 12 टॉप आतंकियों की लिस्ट में शामिल था। 2018 में सेना की हिट लिस्ट में शामिल 17 आतंकियों में भी नायकू का नाम था। नायकू ने कई स्थानीय लोगों को आतंकी बनाया।

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