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लॉकडाउन 3.0 : कांग्रेस के 5 सवाल, कहा- न मोदी आए न शाह , आया बस आदेश

दिल्ली (रफ़्तार न्यूज़ ब्यूरो) : लॉकडाउन पार्ट 3 को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि देश को न कुछ बताया, न सुझाया, न रास्ता बताया, न समयसीमा बताई, न देशवासियों की मन की बात सुनी और न अपनी कही, ना देश के मन में उठ रहे लाखों सवाल का जवाब दिया. वहीं, जोन वाइज छूट को लेकर पूछे गए सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, प्रधानमंत्री एक बार आगे आकर हमारे पांच सवालों का जवाब दे दें, चाहे वो श्मन की बातश् कार्यक्रम से ही दे दें, तो बहुत तरह के विवादों, समस्याओं व सवालों से पर्दा हट जाएगा. कोरोना टेस्ट को लेकर सुरजेवाला ने कहा, कांग्रेस कार्य समिति ने बार-बार चिंता जताई. हमने बार-बार कहा है कि कोरोन से लड़ाई का एक मात्र रास्ता टेस्ट है. भारत में टेस्ट का मौजूदा संख्या 50-60 हजार के करीब है. इससे 10 गुना ज्यादा बढ़ाने की आवश्यकता है. तभी कोरोना से जंग जीत सकते हैं.

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच तीसरी बार देशव्यापी लॉकडाउन को आगे बढ़ाया गया. लॉकडाउन 3.0 को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर 17 मई 2020 तक लॉकडाउन 3.0 लागू कर दिया. न प्रधानमंत्री सामने आए, न राष्ट्र के नाम संबोधन दिया, न गृहमंत्री ही आए यहां तक कि कोई अधिकारी भी नहीं आया. आया तो केवल एक आधिकारिक आदेश.

आगे सुरजेवाला ने कहा, देश को न कुछ बताया, न सुझाया, न रास्ता बताया, न समयसीमा बताई, न देशवासियों की मन की बात सुनी और न अपनी कही, ना देश के मन में उठ रहे लाखों सवाल का जवाब दिया.

आगे सुरजेवाला ने लॉकडाउन 3.0 को लेकर सरकार से 5 सवाल पूछे-

1. लॉकडाउन 3.0 के पीछे क्या लक्ष्य है, क्या उद्देश्य है, क्या रणनीति है, क्या रास्ता है?

2. क्या लॉकडाउन 3.0 आखिरी है और 17 मई 2020 को खत्म हो जाएगा या फिर लॉकडाउन 4.0 व लॉकडाउन 5.0 भी आने वाला है. यह पूरी तरह खत्म कब होगा?

3. 17 मई 2020 तक कोरोना संक्रमण रोकने व आर्थिक संकट से उबरने के गोलपोस्ट क्या है?

मोदी सरकार ने 17 मई 2020 तक संक्रमण रोकने, रोजी रोटी की समस्या व आर्थिक संकट से निपटने के लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किए हैं. उन लक्ष्यों को हासिक करने के लिए 17 मई तक क्या सार्थक व निर्णायक कदम उठाए जाएंगे?

4. लॉकडाउन 3.0 से बाहर आकर देश को सुचारु रूप से पटरी पर लाने की दिशा व रास्ता क्या है?

देश के भविष्य को लेकर मोदी जी की सोच व नीति क्या है. किसान की फसल कटाई, एमएसपी का भुगतान, एक-एक दाने की खरीद के साथ आगे आने वाली खरीफ फसलों की बुआई, खाद बीज, कीटनाशक दवाइयों की उपलब्धता करने का रोडमैप क्या है. 40 करोड़ से अधिक गांव- शहर के मजदूरों की रोजी-रोटी व राशन की व्यवस्था क्या है.

11 करोड़ नौकरियां देने वाले सवा चार करोड़ एमएसएमई ईकाइयों को राहत कैसे मिलेगी. मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा लोगों की बर्खास्त होती नौकरियों व तेजी से घट रही तनख्वाहों, इनको रोकने का रास्ता क्या है. टूरिजम्म व होटेल इंडस्ट्री, कपड़ा उद्योग, कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल व आईटी इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट व एविएशन इंडस्ट्री, इनके नुकसान की भरपाई और इन्हें चालू करने की रणनीति क्या है.

5. आज से 10 करोड़ मजूरों की सुरक्षित व सुगम घर वापसी की टाइमलाइन व तरीका क्या है?

इसके साथ ही रणदीप सुरजेवाला ने एक बार फिर कांग्रेस के सात सुझाव को दोहराया. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने बार-बार श्फाइनेंशियल एक्शन प्लान पार्ट 2’ की वकालत की है और अनेकों पत्र लिखे हैं-

1. लाखों मजदूरों की 15 दिन में घर वापसी के लिए निरू शुल्क यानी बगैर किराए सैनिटाइज्ड ट्रेन का इंतजाम मोदी सरकार करे.

2. देश के गरीबों, मजदूरों, किसानों के जन-धन खातों, पीएम किसान योजना खातों, एमजी नरेगा मजदूर खातों व बुजुर्ग, महिला, विकलांगों के खातों में सीधे 7500 रुपये डाले जाएं व प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज, 1 किलो दाल और आधा किलो चीनी दी जाए.

3. किसानों का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदें व 24 घंटे के अंदर भुगतान हो. गन्ना किसान हो या अन्य किसान, सबके हजारों करोड़ के बकाए का 7 दिन में भुगतान हो. किसान का ब्याज माफ कर कर्ज वसूली एक साल के लिए स्थगित की जाए.

4. 11 करोड़ नौकरी देने वाली 4.25 करोड़ सूक्ष्म, लघु व माध्यमिक इकाईयों (डैडम्) को फौरन 2 लाख करोड़ का तनख्वाह व क्रेडिट पैकेज दिया जाए.

5.मध्यम वर्गीय व नौकरीपेशा लोगों का ‘तनख्वाह व नौकरी प्रोटेक्शन पैकेज’ सुनिश्चित हो और बर्खास्त होती करोड़ों नौकरियों व मनमाने तरीके से काटी जा रही तनख्वाहों पर अंकुश लगे.

6. कोरोना की टेस्टिंग को कई गुना बढ़ाया जाए. डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मियों को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) मुहैया करवाएं व विशेष आर्थिक मदद दें. यही सुविधा पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों व जरूरी सेवाओं में लगे कर्मियों को भी मिले.

7. केंद्र सरकार अपनी फिजूलखर्ची पर फौरन अंकुश लगाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बगैर विलंब के 20,000 करोड़ के सेंट्रल विस्टा सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट, 1,10,000 करोड़ के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, 8,458 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए खरीदे जा रहे जहाज व भारत सरकार के बेफिजूल खर्चों पर 30 प्रतिशत की कटौती करे. इस प्रकार से बचाए पैसे से प्रांतों को कोरोना से जंग लड़ने के लिए 1,00,000 करोड़ का पैकेज दे व उद्योगों को सेक्टर-स्पेसिफिक पैकेज दिया जाए.

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