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केंद्र का निर्णय , 62 रेल मार्गों पर चलेगी 171 माल गाड़ियाँ ताकि खाद्य पदार्थ की हो सके आपूर्ति

नई दिल्ली ।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ अभिलक्ष लिखी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एग्री-कमोडिटीज काॅर्डिनेशन ग्रुप के साथ बैठक में
उक्त जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार मालगाड़ियों को चलाने पर विचार कर रही है और इसी कडी में आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए विशेष रेलगाड़ियाँ चला रही है।
आज हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में देश के सभी राज्यों के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सहित बागवानी विभागों के सचिवों, निदेशकों सहित रेलवे बोर्ड के अधिकारियों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में हरियाणा की ओर से बागवानी विभाग के निदेशक डॉ अर्जुन सिंह सैनी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक श्री विजय दहिया सहित एमडी बीएस सेहरावत उपस्थित थे।
बैठक में फलों और सब्जियों की आपूर्ति के संदर्भ में विचार विमर्श किया गया। बैठक में रोपण सामग्री के मुद्दे पर भी चर्चा की गई और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के एमडी श्री श्रीनिवास इस आपूर्ति श्रृंखला का समन्वय कर रहे है।
हरियाणा ने आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केले और अन्य फलों की वस्तुओं की आपूर्ति को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया हैं। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में हरियाणा सबसे अच्छा कार्य कर रहा है और आपूर्ति को बनाए रखा है।
वीडियों कान्फ्रेंसिंग के दौरान डाॅ लिखी ने सभी राज्यों के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने के लिए इन मालगाड़ियों का उपयोग करने के लिए एफपीओ को प्रेरित करें और सतर्क रखें। वीडियो कान्फ्रंेसिंग में हरियाणा के अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा ने पहले से ही इस प्रकार की पहल आरंभ कर दी है।हरियाणा का बागवानी विभाग (एचएसएएमबी)  समन्वय के साथ जिला प्रशासन द्वारा आवंटित विभिन्न इलाकों में फलों और सब्जियों की आपूर्ति के लिए काम कर रहा है।
बैठक में बताया गया कि विभाग ने फलों और सब्जियों की आपूर्ति के लिए पूरे राज्य में 112 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को जोडा हैं। वर्तमान में एफपीओ सीसीडी पैक के तहत क्लस्टर में स्थापित इंटीग्रेटेड पैक हाउस का उपयोग कर रहे हैं।  एकत्रीकरण, ग्रेडिंग और पैकिंग (क्रेट, बास्केट और बैग में) के लिए फील्ड स्तर पर अस्थायी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। हरियाणा में राज्य सरकार द्वारा किसानों को आपूर्ति हेतु ट्रेक्टर ट्रॉली, लोडिंग जीप और वेंडिंग कार्ट जैसे वाहनों का उपयोग कमोडिटी परिवहन के उपयोग के लिए उपलब्ध करवाए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा में विभाग द्वारा अर्न्स्ट एंड यंग कंपनी के परामर्श से दीर्घकालीन योजना बनाई जा रही है और  अप्रैल, मई और जून के दौरान लगभग 200 बागवानी क्लस्टरों में अनुमानित वस्तुओं की उपलब्धता का आंकलन उपभोक्ताओं की मांग और अधिशेष (सरप्लस) के साथ किया गया है।  एफपीओ के तीन पैक हाउस और एचएसएएमबी के 15 पैक घरों ने दीर्घकालिक योजना के एक भाग के रूप में एकत्रीकरण, छंटाई, ग्रेडिंग, उपज की पैकिंग के लिए पहचान की हैं और ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए ई-नाम पर 125 एफपीओ पंजीकृत किए गए हैं।  एफपीओ से फलों और सब्जियों की खरीद के लिए ई-रिटेलर्स/व्यापारियों जैसे बिग बास्केट, वॉलमार्ट, बिग बाजार, मेट्रो, जोमाटो, ग्रोफर इत्यादि के साथ चर्चा की गई है। निफटम और आईआईएचआर के परामर्श के साथ बिक्री न होने वाली सब्जियों के प्रसंस्करण के लिए योजना तैयार की जा रही है।  किसानों / एफपीओ के अधिशेष (सरप्लस) फलों व सब्जियों की खरीद के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों से संपर्क किया जा रहा है।
बैठक में हरियाणा की ओर से अवगत कराया गया है कि वर्तमान में केला, पपीता और अनार की आपूर्ति में सुधार हुआ है।
इसके अलावा, हरियाणा आलू और मिर्च की आपूर्ति अन्य राज्यों को कर सकता हैं क्योंकि अगले तीन महीनों में इन उत्पादों का अधिशेष (सरप्लस) में हैं

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