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सौंदर्यीकरण से क्या शिक्षा के गिरते स्तर में कोई सुधार आएगा – अभय चौटाला

चंडीगढ़ ।

ईनेलो नेता अभय चौटाला ने हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों का सौंदर्यीकरण करने  की पहल का स्वागत किया  ।अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह अच्छी बात है कि स्कूलों के मुख्य द्वार व दीवारें आदि आकर्षक होनी चाहिए और इन पर स्लोगन आदि लिखकर सुसज्जित करना चाहिए। परंतु क्या सौंदर्यीकरण करने के नाम से शिक्षा के गिरते स्तर में कोई सुधार आएगा? क्या अभिभावक एवं विद्यार्थी स्कूलों के सौंदर्यीकरण को देखकर उनमें दाखिला लेने के लिए आकर्षित होंगे? क्या सरकारी स्कूलों का सौंदर्यीकरण करने से निजी स्कूलों के शिक्षा स्तर की बराबरी करने में सरकारी स्कूल सक्षम होंगे?उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण करने पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने की बजाय सरकार को आवश्यकतानुसार स्कूलों में भवनों का निर्माण करना चाहिए, विद्यार्थियों के बैठने के लिए डेस्क आदि उपलब्ध करवाने चाहिए, लडक़े और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालयों में उचित व्यवस्था करनी चाहिए और पीने के पानी का प्रबंध अति आवश्यक है क्योंकि आमतौर पर स्कूलों में पीने के साफ पानी की व्यवस्था न होने के कारण विद्यार्थी घरों से बोतलों आदि मेंं पानी लेकर आते हैं। अगर राशि खर्च करनी है तो इन उपरोक्त सुविधाओं पर करनी चाहिए क्योंकि विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना विभाग का प्रथम कर्तव्य है।

कई विषयों के पद स्वीकृत लेकिन बिना पढ़ाए ही डिग्री दी जा रही है

शिक्षा विभाग में जितने स्वीकृत पद हैं, उससे दुगुनी विद्यार्थियों की संख्या है और सूत्रों से पता चला है कि बीएससी, बीकॉम, एमएससी मनैजमेंट सहित कई ऐसे विषय हैं जिनमें विद्यार्थियों को बिना पढ़ाए डिग्रियां दी जाती हैं। इसी प्रकार केमिस्ट्री विषय के लिए विभाग द्वारा लगभग 250 पद स्वीकृत हैं जबकि विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार 500 शिक्षकों का वर्कलोड है। अंग्रेजी विषय के लिए लगभग 600 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं जबकि वर्कलोड लगभग 1100 शिक्षकों का है। शिक्षा विभाग सूत्रों के अनुसार लगभग 1100 प्राथमिक स्कूल बंद करने का निर्णय कर चुकी है जबकि गरीब बच्चे प्राथमिक स्कूलों में दाखिला लेने के लिए निजी स्कूलों की फीस देने में सक्षम नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में शिक्षा पर 15 फीसदी बढ़ौतरी करके प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर संस्कृत विद्यालय खोलना और हर 15 किलोमीटर पर लड़कियों के लिए स्कूल खोलना असंभव है। सरकार को शिक्षा बजट में और ज्यादा बढ़ौतरी करनी चाहिए और शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए स्कूलों का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ जहां पर 40 हजार शिक्षकों की कमी है उसकी तुरंत भरपाई करनी चाहिए तथा लगभग 3300 उच्च/वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 1600 स्कूलों में मुख्यध्यापक/प्रधानाचार्य के खाली पदों को तुरंत भरना चाहिए ताकि स्कूलों का प्रबंधन सुचारू हो सके। इसके अतिरिक्त बच्चों के बैठने के लिए डेस्क, साइंस के विद्यार्थियों के लिए लैब और अन्य सहूलियतें उपलब्ध करवानी चाहिए ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार हो सके जिसका सीधा-सीधा लाभ हरियाणा के विद्यार्थियों को मिलेगा और शिक्षा में गुणात्मक सुधार होगा।

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