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एचईआरसी में एचवीपीएन और एचपीजीसीएल की पब्लिक हियरिंग हुई संपन्न

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) में सोमवार को 2020-21 वित्तीय वर्ष की वार्षिक राजस्व जरूरत  (एआरआर) को लेकर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) और हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल) की पब्लिक हियरिंग संपन्न हुई। एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी, सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान और सदस्य नरेश सरदाना के सम्मुख एचवीपीएन और एचपीजीसीएल ने गत वर्ष का पूरा लेखा जोखा प्रस्तुत किया तथा आगामी वित्त वर्ष के लिए एआरआर की मांग की। वहीं, बुधवार को एचईआरसी में प्रदेश की बिजली वितरण कंपनी- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की एआरआर को लेकर जन सुनवाई होगी।
उल्लेखनीय है कि पावर यूटिलिटी को हर वर्ष 30 नवंबर से पहले-पहले एचईआरसी में याचिका दाखिल करनी होती है, जिस पर सोमवार दोपहर से पहले एचवीपीएन और दोपहर के बाद एचपीजीसीएल की एआरआर को लेकर जनसुनवाई हुई। एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी ने एचवीपीएन के अधिकारियों से पूछा कि स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर क्या स्वतंत्र है या फिर एचवीपीएन के अंतर्गत कार्य करता है। इस पर जानकारी दी गई कि यह स्वतंत्र नहीं है, बल्कि एचवीपीएन के अंतर्गत ही कार्यरत है, बताया गया कि केवल हिमाचल प्रदेश का स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर स्वतंत्र है बाकि राज्यों के स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर वहां की बिजली प्रसारण कंपनियों के अंतर्गत ही कार्य करते हैं।
एचईआरसी के सामने एचवीपीएन के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सभी मिलाकर 431 सब स्टेशन हैं तथा एचवीपीएन का सबसे कम ट्रासंमिशन लॉस है, दिसंबर 2019 तक का जो डाटा है उसमें एचवीपीएन का मात्र 2.057 ट्रांसमिशन लॉस दर्ज किया गया है। साथ ही आयोग को जानकारी दी गई कि 2019-20 में पावर ट्रांसफार्मरस में जो फॉल्ट हुए वह भी मात्र 10 ही दर्ज किए गए।  एचवीपीएन की तरफ से डायरेक्टर आर.के. सोढ़ा तथा सीएफओ दुर्गा प्रसाद प्रमुख रूप से हियरिंग में मौजूद थे।
उधर, एचपीजीसीएल की पब्लिक हियरिंग में एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी, सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान और सदस्य नरेश सरदाना ने बारी-बारी से कई सवाल पूछे। चेयरमैन ढेसी ने पूछा कि यह बताया जाए कि पानीपत थर्मल प्लांट की यूनिटस कितनी चली हैं। जिस पर एचपीजीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि पानीपत थर्मल प्लांट की यूनिट नंबर 7 वर्ष 2019 में 3387 घंटे चली तथा यूनिट नंबर आठ 4218 घंटे चली है। हरियाणा के थर्मल प्लांटों के प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) के बारे में भी एचपीजीसीएल के अधिकारियों ने जानकारी दी। एचपीजीसीएल के सीएफओ बी.बी. गुप्ता ने पावर प्वायंट प्रेजेंटेशन के जरिए एचपीजीसीएल का पूरा लेखा जोखा प्रस्तुत किया।
एचपीजीसीएल के एमडी मोहम्मद शाइन ने पब्लिक हियरिंग में शामिल होकर एचपीजीसीएल की भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। एचईआरसी के चेयरमैन ढेसी ने एचपीजीसीएल के अधिकारियों को कहा कि वर्तमान परिदृश्य में नई तकनीकी के अनुसार ही एचपीजीसीएल को अपने आप को खड़ा करना होगा। एचईआरसी की तरफ से पीक सीजन के बारे में भी सवाल पूछे गए तो जानकारी दी गई कि जून, जुलाई और अगस्त माह में सबसे अधिक बिजली की मांग होती है और उस मांग को पूरा कर लिया जाता है। इस अवसर पर एचईआरसी के डायरेक्टर (टैरिफ) संजय वर्मा, डायरेक्टर (तकनीकी) वीरेंद्र सिंह सहित एचईआरसी के अधिकारी, एचवीपीएन और एचपीजीसीएल के सीनियर अधिकारी मौजूद थे।

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