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अभय सिंह चौटाला ने कहा दूध-दही का प्रदेश पंजाब से भी आगे ‘उड़ता हरियाणा’ बनता जा रहा है

इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कभी ‘देसां मैं देस हरियाणा, जित दूध दही का खाणा’ नामक कहावत से मशहूर हरियाणा प्रदेश आज प्रदेश की गठबंधन सरकार की अनदेखी से गर्त में डूबा जा रहा है। यूं तो आज भी हरियाणा खानपान और खेल-खिलाडिय़ों की उपलब्धियों में शिखर पर है, अगर सरकार ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वो दिन भी दूर नहीं जब प्रदेश ‘नशे के धंधे’ में शिखर पर होगा। इनेलो नेता ने बताया कि उन्होंने 28 नवम्बर, 2019 को मुख्यमंत्री व गृह मंत्री को पत्र लिखकर चेताया था कि यह दूध-दही का प्रदेश पंजाब से भी आगे ‘उड़ता हरियाणा’ बनता जा रहा है। नशे के व्यापारियों के लिए हरियाणा एक उपयुक्त स्थान है जहां पर वह अपना धंधा नि:संकोच और बगैर किसी भय के और प्रशासन के सहयोग से सरेआम चला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त पत्र में मुख्यमंत्री महोदय को ऐलनाबाद हलके में नशे का व्यापार करने वाले व्यक्तियों के नाम तक भी अंकित किए थे जो राजनीतिक संरक्षण के तहत युवा वर्ग को नशे की गर्त में दिन-ब-दिन धकेल रहे हैं। इसके बावजूद भी उन्होंने पिछले दिनों सिरसा में ग्रिवेंसिज कमेटी की बैठक में गृह मंत्री को विशेष रूप से प्रशासन की मौजूदगी में विस्तार से नशे के व्यापार के बारे में बताया था कि अभी तक पुलिस अधिकारियों ने कथित नशे का व्यापार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है जिस पर गृह मंत्री ने कहा था कि एक माह बाद वह रिपोर्ट लेकर इसके बारे में बताएंगे।
इनेलो नेता ने बताया कि हरियाणा में महेंद्रगढ़, दादरी, भिवानी, झज्जर और जींद आदि जिलों में नशा करने वाले मरीजों के लिए अस्पतालों में कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। हरियाणा पुलिस केवल ड्रग माफिया को ही नसीहत देती है कि नशे का कारोबार करने वाले या तो कारोबार छोड़ें या फिर हरियाणा छोड़ें, परंतु अधिकारियों के भी हाथ बंधे हैं क्योंकि राजनीतिक संरक्षण के तहत व्यापार करने वाले व्यक्तियों पर कार्रवाई करने के लिए अधिकारी भी संकोच करते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में ड्रग्स के 2653 केस दर्ज किए गए और लगभग 3287 व्यक्ति गिरफ्तार किए गए परंतु पुलिस नशा करने वाले व्यक्तियों को तो पकड़ लेती है जो नशे की खेप बाहर से लाकर युवाओं में बांटते हैं उन पर हाथ डालना अधिकारियों के बस की बात नहीं। कहते हैं कि चोर को पकडऩे से पहले चोर की मां पर हाथ डालना चाहिए ताकि वह कोई और दूसरा चोर पैदा न करे। जब तक पुलिस बड़े स्तर पर नशे का व्यापार करने वाले राजनीतिक संरक्षण तहत व्यक्तियों को नहीं पकड़ती, तब तक इस व्यापार में कमी आने की कम ही आशा है। यह अच्छी बात है कि गृह मंत्री नशे के कारोबार करने वालों को नियंत्रण करने में पहल करने के लिए तैयार हैं परंतु जब तक गठबंधन की सरकार की नीयत और नीति में अंतर रहेगा, तब तक यह धंधा पहले की तरह ही चलता रहेगा।

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