Breaking News






Home / Breaking News / एचईआरसी के चेयरमैन ढेसी ने किया रायपुररानी के पास सौलर प्लांट का निरीक्षण

एचईआरसी के चेयरमैन ढेसी ने किया रायपुररानी के पास सौलर प्लांट का निरीक्षण

हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एच.ई.आर.सी) के चेयरमैन दीपेन्द्र सिंह ढेसी ने गांव बदौर, रायपुररानी जिला पंचकूला स्थित सौलर प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करने में आने वाली चुनौतियों और उनका व्यवहारिक तौर पर कैसे निदान हो, इनका बारिकी से जायजा लिया।
एच.ई.आर.सी के चेयरमैन ढेसी ने गांव बदौर में सात वर्ष पहले जे.एन.एल सौलर मिशन के तहत लगे 1 मेगावाट सौलर प्लांट के संचालक से इस विषय में पूछा कि आपको किन-किन दिक्कतों  का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सूर्य अस्त होने से आधा घंटा पहले बिजली उत्पादन  बिल्कुल बन्द हो जाता हैं। वहीं,  आज से सात साल पहले जहां एक वाट सौलर ऊर्जा पैदा करने के लिए करीब 200 रूपये का खर्च आता था जो अब घट कर मात्र 20 रूपये रह गया है।
उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा को स्टोरेज करने में अभी भी दिक्कत हैं। लेकिन फिर भी एक वर्ष वह  इस प्लांट से लगभग 10 लाख 39 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन करके करीब 1 करोड़ 86 लाख रूपये की बिजली बेचते हैं।  एच.ई.आर.सी के चेयरमैन दीपेन्द्र सिंह ढेसी ने किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान योजना (कुसुम) को कैसे सफलतापूर्वक लागू करना है इस बारे में उनके साथ गए बिजली निगम, हरेड़ा और एच.ई.आर.सी के निदेशक (तकनीकी) विरेन्द्र सिह से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सौलर ऊर्जा का 3 रूपये 11 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से दर तय है।

चेयरमैन ने दूसरे प्रदेशों में लगे सौलर उर्जा प्लांटों के अध्ययन की मांगी रिपोर्ट …..

चेयरमैन ढेसी ने कहा कि राजस्थान, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में लगे सौलर ऊर्जा प्लांटों का अध्ययन करके रिपोर्ट दें। इसके अलावा एच.ई.आर.सी. के चेयरमैन को सौलर प्लांट संचालक ने तकनीकी तौर पर बिजली निगम से आने वाली कुछ दिक्कतों के बारे में बताया जिस पर चेयरमैन ढेसी ने साथ गए निगम के अधिकारियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर चेयरमैन ढेसी ने पूरे सौलर प्लांट का निरीक्षण करने के साथ-साथ बिजली कैसे ग्रिड में भेजी जाती है, उसके लिए लगे मीटरों का भी जायजा लिया।
उन्होनें पूछा कि एक मेगावाट प्लांट लगाने के बाद कितने बेरोजगार युवको को रोजगार मिलता है और इसके लिए जमीन की औसतन क्या कीमत थी। प्लांट संचालक ने बताया कि करीब 10 से 12 युवकों को रोजगार प्राप्त होता है और जमीन की संभावित कीमत उस समय यहां करीब 15 से 20 लाख रूपये प्रति एकड़ थी। प्लांट संचालक ने बताया कि आज भी बैटरी स्टोरेज को लेकर दिक्कत आती है। जिस पर चेयरमैन ढेसी ने कहा कि सौर ऊर्जा को बढावा देने के लिए नीतियां और अधिक व्यवहारिक बनाई जाएंगी। हरेडा के प्रोजेक्ट अधिकारी बिरथल ने आश्वस्त किया इन व्यवहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए गहनता से काम चल रहा है और उन्होंने जानकारी दी कि इस समय प्रदेश में 88.9 मेगावाट बिजली इस तरह के सौलर प्लांटों से उत्पादन किया जा रहा है।  इस मौके पर एसडीएम धीरज चहल, कार्यकारी अभियंता संजीव सिवाच, एच.ई.आर.सी के उप निदेशक (मीडिया) प्रदीप मलिक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

About admin

Check Also

नवजोत सिद्धू पंजाब कांग्रेस के प्रधान होंगे, 4 कार्यकारी प्रधान भी होंगे नियुक्त … 

दिल्ली, 17 जुलाई  (रफ्तार न्यूज संवाददाता)  : सूत्रों के हवाले से ख़बर आई है कि …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share