हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) की गुरुवार को पंचकूला स्थित एचईआरसी कार्यालय के सभागार में स्टेट एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता एचईआरसी के चेयरमैन डी.एस.ढेसी ने की, एचईआरसी के सदस्य नरेश सरदाना, बिजली वितरण निगमोंं के सीएमडी शत्रुजीत कपूर, एचवीपीएन और एचपीजीसीएल के एमडी मोहम्मद शाइन, हरेडा के डीजी हनीफ कुरैशी, एचईआरसी के पूर्व अध्यक्ष ले.कर्नल (सेवानिवृत) रघबीर सिंह छिल्लर, गुडग़ांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान जे.एन.मंगला, किसान एग्रो रूरल इंडस्ट्रियल जींद के अरविंद कुमार, इलेक्ट्रिसिटी ओंबडसमेन वीरेंद्र सिंह सहित एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों ने इस मीटिंग में हिस्सा लिया।
उल्लेखनीय है कि सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के सेक्शन 87 और 88 में स्टेट एडवाइजरी कमेटी का उल्लेख है। इसके तहत यह मीटिंग करना अनिवार्य है। एचईआरसी के चेयरमैन डी.एस.ढेसी ने इस मीटिंग में सभी प्रतिनिधियों से बिजली क्षेत्र की चुनौतियों, समाधान और वर्तमान स्थिति पर जानकारी हासिल की, प्रतिनिधियों के जो भी प्रश्न होते उनका बिजली वितरण कंपनियों के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने जवाब दिया।
पानीपत के ओद्यौगिक विकास में तेजी लाने के लिए बिजली क्षेत्र में और सुधार करने पर बल देने की बात कही गई। बिजली वितरण निगमों के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि बिजली के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं, 95 सबडिविजन में स्पॉट बिलिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है, बिजली बिलों की वसूली 100 प्रतिशत से ऊपर रही है। इसके अलावा 1 लाख 6 हजार नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, इससे बिजली उपभोक्ताओं को सुचारू बिजली मिल रही है, वहीं बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत के लिए 1912 नंबर कारगर साबित हो रहा है।
सभी हाइवे और हर जिला मुख्यालय पर ई-चार्जिंग स्टेशन खोलने की योजना…
एचईआरसी के चेयरमैन डीएस ढेसी ने जानना चाहा कि ई चार्जिंग स्टेशन की दिशा में क्या कदम उठाए गए, इस पर सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि सभी हाइवे और हर जिला मुख्यालय पर ई-चार्जिंग स्टेशन खोलने की योजना है, इसके लिए 120 करोड़ रुपए खर्च होंगे। एचईआरसी के सदस्य नरेश सरदाना ने भी कई तकनीकी सवालों पर एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों को जानकारी दी। एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों को एचईआरसी के डायरेक्टर टेरिफ संजय वर्मा ने भी कई विषयों पर अवगत कराया। इस मौके पर चेयरमैन ढेसी ने किसानों के लिए टयूबवेल कनेक्शन, सोलर, एलईडी बल्ब, पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए एचपीजीसीएल के उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी हासिल की।
एचपीजीसीएल के एमडी मोहम्मद शाइन ने बताया कि थर्मल प्लांटों में 5 प्रतिशत पराली का प्रयोग किया जाए इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही मोहम्मद शाइन ने एचवीपीएन के सब स्टेशनों के रखरखाव के लिए पावर ग्रिड से जो एग्रीमेंट हुआ उसकी भी जानकारी दी। मीटिंग की खास बात यह रही कि हर वर्ग के बिजली उपभोक्ता की समस्याओं और उनकी समाधान का इस मीटिंग में विचार विमर्श हुआ।