Breaking News






Home / Breaking News / कांग्रेस हरियाणा में संगठन का मसला सुलझाने में उलझी, फायदा सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को

कांग्रेस हरियाणा में संगठन का मसला सुलझाने में उलझी, फायदा सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को

हरियाणा में अक्तूबर महीने में विधानसभा के चुनाव होंगे। सभी पार्टियां चुनावी मोड में हैं सिर्फ कांग्रेस को छोड़कर। कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर चुनाव की तैयारियों में देरी हो रही है। दरअसल हरियाणा कांग्रेस में कई सारे गुट हैं। इन गुटों के बीच आपसी तालमेल ना होने के कारण कांग्रेस पार्टी बेकफुट पर नजर आ रही है।

 

लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद की ओर से दो बार मंथन बैठक बुलाई गई लेकिन उसमें भी गुटबाजी साफ दिखाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का धड़ा मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर को हटाने पर अड़ा है। हुड्डा गुट ने हाईकमान से साफ कह दिया है कि अगर विधानसभा चुनाव में अच्छे नतीजे चाहियें तो फिर हरियाणा में तंवर को हटाकर कमान हुड्डा को देनी होगी।

 

हुड्डा गुट इस बात पर भी अड़ा है कि अशोक तंवर को हार की जिम्मेदारी लेते हुये इस्तीफा देना चाहिये। वहीं तंवर कहते हैं कि हार की सामुहिक जिम्मेदारी है सभी बड़े दिग्गज चुनाव लड़ रहे थे, सभी हार गये तो जिम्मेदारी केवल उनकी ही नहीं सबकी है। तंवर ने कहा कि उनकी हाईकमान से इस बारे में बातचीत हो चुकी है और अब उनकी जिम्मेदारी विधानसभा चुनाव की तैयारी है।

 

अशोक तंवर ने चुनाव के लिये गठित की कमेटी, सभी दिग्गज नेताओं को बैठक में शामिल होने का भेजा न्यौता…

 

अशोक तंवर ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर एक कमेटी गठित कर दी है, कमेटी का नाम है ;इलेक्शन कैंपेन एंड मैनेजमेंट कमेटी’। कमेटी के जो मेंबर बनाये गये हैं उनमें प्रदेश के सभी बड़े नेता हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, कुलदीप बिश्ननोई, रणदीप सुरजेवाला और कैप्टन अजय सिंह यादव, इन सबको कमेटी की पहली बैठक के लिये न्यौता भेजा गया है।

 

अशोक तंवर ने कहा कि ये नेता या तो खुद आ सकते हैं या फिर अपने किसी नुमाइंदे को भेज सकते हैं। तंवर की ओर से इस कमेटी को बनाये जाने का मतलब साफ है कि कहीं ना कहीं तंवर को हाईकमान की ओर से हरी झंडी है और वो अपने पद हटने वाले नहीं हैं। तंवर ने ये कमेटी बनाकर गेंद दूसरे गुट के नेताओं की ओर भी फेंक दी है।

 

तंवर की ओर से गठित कमेटी के बाद अब नजरें हुड्डा गुट पर…..

 

तंवर की ओर से गठित की गई इस कमेटी के बाद हुड्डा गुट की परेशानी और बढ़ सकती है। ख़बर है कि हुड्डा गुट हाईकमान के फैसले के इंतजार में है कि प्रदेश के संगठन में बदलाव होता है या नहीं उसके बाद ही हुड्डा गुट कोई फैसला लेगा। तंवर ने ये भी कह दिया है कि इस कमेटी में कई सब – कमेटियां भी बनाई जायेंगी।

 

अब इंतजार 8 जुलाई का है जिस दिन इस कमेटी की पहली बैठक बुलाई गई है। बैठक में पता चल जायेगा कि कौन नेता पहुंचता है और कौन नहीं। तंवर का कहना है कि चुनाव सिर पर है ऐसे में चुप करके नहीं बैठ सकते तैयारी तो करनी ही होगी। तंवर ने कहा कि इन कमेटियों के जरिये बूथ लेवल तक पहुंचना लक्षय होगा।

 

 

बिखरे विपक्ष का फायदा मिल रहा है सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को…..

 

वहीं कांग्रेस का मामला ठंडा होने की वजह से बीजेपी लगातार आगे बढ़ रही है। हर दूसरे दिन विपक्ष का कोई ना कोई नेता बीजेपी में शामिल हो रहा है। बीजेपी में शामिल होने वालों में ज्यादातर नेता इनेलो के हैं। इनेलो लगातार कमजोर हो रही है जिसका फायदा बीजेपी को हो रहा है। वहीं जेजेपी भी संगठन विस्तार में लगी है। जेजेपी के कुछ नेता भी पार्टी छोड़ बीजेपी में चले गये हैं और कुछ और के जाने की संभावना है।

 

विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने 75 सीटें जीतेने का टारगेट रखा है। विपक्ष या तो गुटबाजी या फिस संगठन में ही उलझा हुआ दिखाई दे रहा है जिसका सीधा सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है।

About admin

Check Also

नवजोत सिद्धू पंजाब कांग्रेस के प्रधान होंगे, 4 कार्यकारी प्रधान भी होंगे नियुक्त … 

दिल्ली, 17 जुलाई  (रफ्तार न्यूज संवाददाता)  : सूत्रों के हवाले से ख़बर आई है कि …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share