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मुख्यमंत्री ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल किया लॉंच, किसान दे सकंगे फसल का ब्यौरा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को चण्डीगढ में  ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल लॉच किया। इस पोर्टल के माध्यम से किसान 5 जुलाई से 31 जुलाई तक अपनी बोई फसल व खाली खेत का ब्यौरा www.fasalhry.in पोर्टल पर दे सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस पोर्टल को लॉच किया और प्रैसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के धान बाहुल्य जिलों में धान के स्थान पर मक्का, अरहर व अन्य फसलें उगाने के लिए आरम्भ की गई जल ही जीवन योजना के अन्तर्गत 50,000 हैक्टेयर भूमि के लक्ष्य को प्राप्त किया है तथा किसानों ने धान के स्थान पर अन्य फसल उगाने के लिए अपना पंजीकरण किया है।

 

किसान अपनी मर्जी से बिना आढ़ती के सरकारी खरीद एजेंसियों को बेच सकेगा फसल – मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की वर्ष 2022 तक आय दोगुणी करने के लिए पहले ही अपना विजन दे चुके हैं और आज का यह पोर्टल भी उस दिशा में एक कदम है।  कृषि एवं किसान कल्याण, राजस्व, खाद्य एवं आपूर्ति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे। भू-मलिक के साथ असली काश्तकार भी अपनी फसल का ब्यौरा इस पोर्टल पर डाल सकेगा और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में सरकार की ओर से दी जाने वाली नुकसान की भरपाई का मुआवजा भी उसे मिल सकेगा।

 

इसी प्रकार, किसान व आढती के बीच किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए भी किसान अपनी मर्जी से अपनी उपज बिना आढती के सरकारी खरीद एजेंसियों के माध्यम से बेच सकेगा और पैसा सीधा उसके खाते में जाएगा।

फसलों की होगी ई-गिरदावरी – मुख्यमंत्री

 

सीएम ने बताया कि 1 अगस्त से इस पोर्टल पर कृषि और राजस्व विभाग मिलकर प्रवृष्टियां दर्ज करेंगे और दोनों विभागों के कर्मचारी खेत में जाकर ई-गिरदावरी करेंगे, जो जीपीएस के साथ लिंक होगी। इसके पश्चात जब फसल पक्केगी तब सटेलाइट के माध्यम  से फोटोग्राफी की जाएगी। यदि फिर भी कोई कमी रह जाती है तो सम्बन्धित उपायुक्त द्वारा स्पेशल गिरदावरी होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से काफी हद तक कठिनाइयां दूर होंगी और फसल नुकसान जैसी सम्भावनाएं कम होंगी।

 

उन्होंने बताया कि पोर्टल पर रजिस्टे्रशन के लिए किसान को प्रति एकड़ 10 रुपये तथा अधिकतम 50 रुपये दिए जाएंगे तथा इसके अलावा सांझा सेवा केन्द्र पर की गई हर प्रवृष्टि के लिए वीएलई को पांच रुपये प्रति रजिस्ट्रेशन की दर से राशि भी दी जाएगी।  मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 13 लाख किसानों के मोबाइल नम्बर राजस्व विभाग के पास दर्ज हैं, जैसे ही पोर्टल पर किसान अपनी फसल का पंजीकरण करेगा तो एसएमएस अर्लट उसके पास जाएगा। अगर काश्तकार करता है तो भी भू-मालिक के पास इसकी जानकारी जाएगी।

 

किसानों को समय पर खाद,बीज उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री

 

किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि ऋण उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है ताकि किसान समृद्ध हो। अधिक पैदाबार से कृषि क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद दर में योगदान बढ़े। खाद बीज के लिए अब किसानों को लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं। उन्होंने कहा कि पानी का उचित प्रबन्ध हो, इसके लिए सरकार गम्भीर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए 2500 करोड़ रुपये की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। पश्चिम यमुना के माध्यम से भी पानी हरियाणा को उपलब्ध हो, इसके लिए भी योजना तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं व धान की खरीद केन्द्र सरकार द्वारा की जाती है, परंतु सरसों, बाजरा, सूरजमुखी की खरीद हरियाणा सरकार अपनी एजेंसियों से करवाती है। इस बार मक्का की खरीद भी हरियाणा सरकार करवाएगी। किसान की हर उपज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और किसान को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, यही हमारी प्राथमिकता है।

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