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सीएम मनोहर लाल ने कहा पानी का संकट, किसान धान की बजाए बीजें कोई और फसल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि ‘पानी का विषय बहुत गंभीर है। जल ही जीवन एहम मुद्दा है। पानी का संकट लगातार प्रदेश में गहराता जा रहा है। कई जिले डार्क जोन में आ चुके हैं। अम्बाला समेत 9 जिले ऐसे हैं जो डार्क जोन की तरफ बढ़ रहे हैं। हरियाणा गर्म प्रदेश है समुद्र से दूर है। हमारे यहाँ तक आते आते वर्षा कम होती है। कम वर्षा के चलते पानी के संकट में आ रहे हैं।’
सीएम ने कहा कि ‘यमुना नदी भी 3 महीने चल पाती है जिसके बाद पानी कम हो जाता है। जितना पानी हमें मिलता है उसमें दिल्ली को भी देना पड़ता है। दिल्ली की पूर्ति के लिए दूसरे राज्यों को भी आगे आना चाहिए। एसवाईएल की मांग है जो जल्द आना चाहिए ये प्रयास है। पाकिस्तान में व्यर्थ जा रहा है पानी उसपर भी चिंता शुरू हो गई है।’

मुख्यमंत्री ने किसानों से किया आहवान, धान की खेती छोड़ अपनायें दूसरा विकल्प ….

मुख्यमंत्री ने कहा ‘लोगों व खासकर किसानों को भी मदद करनी चाहिए। किसानों को धान की खेती छोड़ दूसरी फसलों के बारे में सोचना चाहिए, जैसे अरहर, मक्का की खेती। अगली बार से जो किसान धान की खेती छोड़ अन्य फसल की बिजाई करता है तो उसे 2000 रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से सरकार देगी, वहीं उस एकड़ का फसल बीमा योजना का प्रीमियम भी सरकार देगी साथ ही मुफ्त में बढ़िया क्वालटी का बीज भी दिया जायेगा। वैकल्पिक खेती से होने वाली फसल को एमएसपी पर सरकार खरीदेगी।’
सीएम के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में भूजल स्तर 20 से 30 मीटर निचे चला गया है इसलिये हम धान की फसल की वैकल्पिक खेती शुरू करना चाहते हैं और इसके लिए प्रदेश में 7 ब्लॉकों में वैकल्पिक खेती का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। एक लाख 95 हजार हेक्टेयर भूमि पर इन 7 ब्लॉकों में धान की खेती की जा रही है। मक्का की फसल अवधि 90 से 95 दिन में तैयार होती है जबकि धान के लिए 130 की अवधि चाहिए, धान कम होने से पराली की समस्या भी कम होगी।

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